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डियर जिंदगी: बच्‍चों को रास्‍ता नहीं , पगडंडी बनाने में मदद करें!

हम बच्‍चों के अंतर्ज्ञान , सहजबोध पर यकीन करने की जगह अपने मन की सुनने में कहीं अधिक यकीन रखते हैं. इसी वजह से बच्‍चों के निर्णय में घालमेल करते हैं.

Dec 17, 2018, 08:19 AM IST

डियर जिंदगी : काश! माफ कर दिया होता...

माफी न मिलना तो आपके बस में नहीं है, लेकिन माफ करना तो आपका अधिकार है! इससे खुद को वंचित मत रखिए!

Dec 12, 2018, 08:52 AM IST

डियर जिंदगी: शुक्रिया 2.0 !

बॉलीवुड जिस तरह की चीजें रचता है, उसमें ऐसी रचना की गुंजाइश नहीं होती. तीनों ‘खान’, अमिताभ बच्‍चन में ऐसा ‘लोहा’ नहीं है, जिस पर पांच सौ करोड़ का दांव वह भी पर्यावरण पर आधारित कथा के लिए लगाया जा सके! 

Dec 10, 2018, 08:07 AM IST

डियर जिंदगी: स्थगित आत्‍महत्‍या की कहानी!

आत्‍महत्‍या का विचार हमेशा स्‍थगित करने योग्‍य है . जीवन कितना भी मुश्किल क्‍यों न हो, वह हमेशा अद्भुत संभावना है. ऐसी यात्रा का संकेत, जिसका एक छोर तक हमारी नजर से दूर है! 

Dec 3, 2018, 08:16 AM IST

डियर जिंदगी: आपको रोकने वाली 'रस्‍सी' !

बच्‍चे को असफलता के लिए तैयार करें. उसे पता होना चाहिए कि असफल होने पर दुनिया का सामना कैसे करना है. सबसे नजरें कैसे मिलाना है.

Nov 27, 2018, 08:12 AM IST

डियर जिंदगी: जो मेरे पास है, ‘उसमें भी कुछ है’!

ससुराल में सर्वश्रेष्‍ठ आचरण, सबका दिल जीतने की घुट्टी कुछ इस तरह से पिलाई जाती है कि सुशिक्षित लड़कियां तक इस चक्रव्‍यूह से बाहर नहीं निकल पातीं.

Nov 26, 2018, 08:00 AM IST

डियर जिंदगी : दीपावली की तीन कहानियां और बच्‍चे…

असल में अंतर एक-एक कदम से ही पड़ता है! हम सब मिलकर ही दुनिया को बेहतर, बदतर बनाते हैं. हमारी हवा, पानी जैसे भी हैं, सबमें हमारी भूमिका है!

Nov 9, 2018, 08:24 AM IST

डियर जिंदगी : कितने ‘दीये’ नए!

बच्‍चों की परवरिश, संस्‍कार जरूरी हैं, लेकिन यह काम उनके मन की कोमलता, सुंदरता, उदारता की कीमत पर नहीं होना चाहिए. ये सबसे अनमोल गुण हैं. बच्‍चों की परिवरिश में उनके साथ होने वाली हिंसा, उन पर थोपी जाने वाली जिद, जिंदगी के कुछ ऐसे अंधेरे हैं, जो हर दिवाली के साथ गहराते जा रहे हैं.

Nov 6, 2018, 08:02 AM IST

डियर जिंदगी: दूसरे के हिस्‍से का ‘उजाला’!

कभी-कभी अनजाने ही हम कठोर, अनुदार और हिंसक दुनिया गढ़ने में सहभागी होते जाते हैं.

Nov 5, 2018, 08:19 AM IST

डियर जिंदगी: गैस चैंबर; बच्‍चे आपके हैं, सरकार और स्‍कूल के नहीं!

प्रदूषण के नाम पर न तो वोट कटते हैं. न ही साफ हवा होने से अधिक मिलते हैं. इसलिए हवा, पानी किसी की चिंता में शामिल नहीं. पराली जलाने से रोकने में ‘खतरा’ है, इसलिए प्रदूषण की जगह पराली पर ध्‍यान दिया जा रहा है!

Oct 31, 2018, 10:58 AM IST

डियर जिंदगी : कम नंबर लाने वाला बच्‍चा!

हम बच्‍चों की ऊर्जा को किताब के बस्‍ते में बंद रखने की ‘कुप्रथा’ से अभी तक नहीं उबर पाए हैं. हम बच्‍चे के नाम पर अपने यशगान से जितने चिपके रहेंगे, बच्‍चे का उतना ही नुकसान होगा.

Oct 24, 2018, 11:07 AM IST

डियर जिंदगी : कांच के सपने और समझ की आंच…

स्‍कूल सपनों की फैक्‍ट्री बन गए हैं, जहां से टॉपर्स, होनहार बच्‍चे पैदा करने का दावा कुछ इस अदा से किया जाता है कि हम उनके मायाजाल में सहज उलझते जाते हैं.

Oct 23, 2018, 10:31 AM IST

डियर जिंदगी: माता-पिता का 'सुख' चुनते हुए...

हम कैसे मान लेते हैं कि माता-पिता का पूरा जीवन केवल बच्चों के समीप ही बुना होना चाहिए. माता पिता का अपना कोई सुख, अपनी कोई दुनिया हमारी समझ से भी कोसों दूर लगती है.

Oct 22, 2018, 09:40 AM IST

डियर जिंदगी : ‘आईना, मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे...’

हम दो कदम आगे बढ़ते हैं, तो पीछे के उजालों को भूलने लगते हैं. यह पीछे छूटते उजाले धीरे-धीरे हमारी सूरत बदलने लगते हैं. एक दिन होता यह है कि आईना, हमारी हमारी शक्‍ल भूलने लगता है. पहली सी सूरत मांगने लगता है!

Oct 16, 2018, 10:01 AM IST

डियर जिंदगी : मेरा होना सबका होना है!

दुविधा और मन की दुर्बलता से जैसे ही आशंका के गुब्‍बारे मिलते हैं, वह मन में ऐसी गरम हवा का निर्माण करते हैं, जिसमें भीतर की कोमलता, उदारता और स्‍नेह कुछ ही मिनट में छू मंतर हो जाते हैं.

Oct 9, 2018, 08:59 AM IST

डियर जिंदगी : जीवन के गाल पर डिठौना!

सुख के बीच दुख, असुविधा की आहट, अभ्‍यास भी बेहद जरूरी है. इसके बिना सुख की अनुभूति अधूरी है.

Oct 8, 2018, 09:36 AM IST

डियर जिंदगी : खुद को कितना जानते हैं!

हमें दुनिया को जानने के मिशन, दावों पर निकलने से पहले अपने बारे में निश्‍चित होने की जरूरत है. हमारे सुख, प्रसन्‍नता, ‘जीवन -आनंद’ के सारे रास्‍ते यहीं से होकर जाते हैं.  

Oct 2, 2018, 07:47 AM IST

डियर जिंदगी : ‘पहले हम पापा के साथ रहते थे, अब पापा हमारे साथ रहते हैं…’

वह सभी रिश्‍ते जिनसे हमारा ‘कुटुंब’ बनता है, माता-पिता जितने ही मूल्‍यवान हैं. बच्‍चों की शिक्षा जरूरी है, लेकिन अगर उस शिक्षा में मूल्‍य नहीं हैं, मनुष्‍य की कद्र, रिश्‍तों की ऊष्‍मा नहीं है, तो बच्‍चा ‘मशीन‘ बनेगा, मनुष्‍य नहीं! मशीन प्रेम नहीं करती, बस वह प्रेम का भरम बनाए रखने वाली चीजें बनाती है.

Oct 1, 2018, 08:50 AM IST

डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

जब सपनों की शहर में आपके पांव अच्‍छी तरह जम जाएं तो होता यह है कि अपनों की बातें आप तक पहले तो पहुंचती ही नहीं और पहुंच भी जाए तो अच्‍छी बात भी ‘कड़वी’ लगने लगती है.

Sep 25, 2018, 09:35 AM IST

डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

अपने भीतर एक ऐसी दुनिया का निर्माण हम करते जाते हैं, जो हमसे ही लडऩे के लिए, हमें ही हराने के लिए कमर कसे हुए हैं.

Sep 24, 2018, 08:45 AM IST