motilal nehru

पायल रोहतगी बनी कैदी नंबर 2616, लूट और मर्डर के आरोपियों के साथ गुजारनी पड़ी रात

बूंदी सेंट्रल जेल में पायल को कैदी नंबर 2616 अलॉट किया गया. जेल के महिला बैरक में पायल को लूट, मर्डर, तस्करी के आरोपियों के बीच अपनी रात बितानी पड़ी.

Dec 17, 2019, 01:14 PM IST

एक्ट्रेस पायल रोहतगी की बढ़ीं मुश्किलें, बूंदी कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

बूंदी में उनके खिलाफ दर्ज हुए मामले के बाद बूंदी पुलिस ने पायल को अहमदाबाद से हिरासत में लिया है. बूंदी पुलिस आज यानी की सोमवार को पायल को लेकर बूंदी पहुंचेगी, जहां उनकी गिरफ़्तारी के बाद उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा.

Dec 16, 2019, 10:41 AM IST

इस शख्स को नहीं बर्दाश्त हुआ था मोतीलाल नेहरू का अपमान, की थी रोहतगी के खिलाफ FIR

बॉलीवुड अभिनेत्री पायल रोहतगी को शायद अंदाज़ा भी नहीं होगा कि गांधी और नेहरु परिवार पर की गई टिप्पणी उन्हें इतनी भारी पड़ेगी कि उन्हें थाने कोर्ट-कचहरी के चक्कर में फंसाकर गिरफ़्तारी की दहलीज़ तक ला खड़ा करेगी. 

Dec 15, 2019, 04:41 PM IST

विकीपीडिया पर नेहरू के पेज में सरकारी IP एड्रेस के जरिये बदली गई जानकारी, कांग्रेस ने पीएम मोदी से मांगा जवाब

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के विकीपीडिया पेज पर उनके धर्म को लेकर एडिटिंग करने का एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत सरकार के एक आईपी एड्रेस के जरिए नेहरू के पेज पर 26 जून को कुछ एडिट किया था। इसमें नेहरू के दादा गंगाधर नेहरू के बारे में जोड़ा गया कि वह मुस्लिम थे। हालांकि बाद में इस जानकारी को विकीपीडिया से डिलीट कर दिया गया। यह एडिट एक ही आईपी से किया गया था और वेरिफिकेशन में वह आईपी नेशनल इंर्फोमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) से जुड़ा हुआ मिला। इससे पता चलता है कि यह आईपी एड्रेस एनआईसी ने मुहैया कराया था।

Jul 1, 2015, 04:17 PM IST

विकीपीडिया पर नेहरू के पेज में सरकारी IP एड्रेस के जरिये बदली गई जानकारी, कांग्रेस ने पीएम मोदी से मांगा जवाब

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के विकीपीडिया पेज पर उनके धर्म को लेकर एडिटिंग करने का एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत सरकार के एक आईपी एड्रेस के जरिए नेहरू के पेज पर 26 जून को कुछ एडिट किया था। इसमें नेहरू के दादा गंगाधर नेहरू के बारे में जोड़ा गया कि वह मुस्लिम थे। हालांकि बाद में इस जानकारी को विकीपीडिया से डिलीट कर दिया गया। यह एडिट एक ही आईपी से किया गया था और वेरिफिकेशन में वह आईपी नेशनल इंर्फोमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) से जुड़ा हुआ मिला। इससे पता चलता है कि यह आईपी एड्रेस एनआईसी ने मुहैया कराया था।

Jul 1, 2015, 03:38 PM IST