Karbala War Episode-5: कर्बला की जंग के पहले बने सियासी और रणनीतिक हालात पर पिछले एपिसोड में हमने जाना कि कैसे मुस्लिम बिन अक़ील का कूफ़े में क़त्ल हुआ? हुसैन के दूसरे राजदूत क़ैस बिन मुसहर को भी क़त्ल कर दिया गया. लेकिन इन दोनों की शहादत की ख़बर जाने बिना इमाम हुसैन कूफ़े की तरफ़ बढ़ रहे थे. अब आगे बताते हैं, कूफ़े में मुस्लिम बिन अक़ील शहीद हो चुके हैं. लेकिन हुसैन इससे बिलकुल अंजान हैं, और कूफ़े की तरफ़ बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन फ़िक्रमंद हैं क्योंकि कूफ़े की कोई ख़बर नहीं मिल रही है.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मुहर्रम जुलूस के रास्ते में पड़ने वाले शिव चौक को लाल कपड़े से एहतियात के तौर पर ढक दिया गया है. इसके बावजूद भारी तादाद में पुलिस फोर्स सड़कों पर तैनात की गई है. इसे लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसी एक धर्म के जुलूस के दौरान दूसरे धर्म के धार्मिक स्थलों को ढंकने की नौबत ही क्यों आती है?
Muharram News: मध्य प्रदेश में पुलिस ने मुहर्रम के जुलू के दौरान हिंदू राष्ट्र के बैनर जलाने के इल्ज़ाम में चार मुस्लिम समुदाय के लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, हिंदू संगठन चारों मुल्जिमों के खिलाफ राष्ट्रिय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
UP Muharram Procession: पूरे देश में अकीदतमंद अपने अकीदे के हिसाब से मुहर्रम रस्में अदा कर रहे हैं. सहारनपुर में मुहर्रम के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में लोग अचानक बीमार पड़ने लगे. घटना के बाद प्रशासन भी अलर्ट हो गया.
Kushinagar Muharram News: मुहर्रम के मौके पर देशभर में खास आयोजन किए जा रहे हैं. गंगा जमुनी तहजीब के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश कई जगहों पर हिंदू- मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है, तो वहीं कुछ जगहों पर असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं.
Muharram: मुहर्रम का महीना जारी है और इस मौके पर श्रीनगर में एक बड़ा जुलूस निकाला गया. इस जुलूस में फिलिस्तीन की हिमायत में नारे लगाए गए. पूरी खबर पढ़ने के लिए स्क्रॉल करें,
Muharram Tazia: मुहर्रम में 54 फीट ऊंचा ताज़िया निकासने का मामला हाई कोर्ट पहुंचा था, जहां से कोई राहत नहीं मिली है. लोगों का कहना है कि ये ताज़िया 1929 से निकाला जा रहा है.
Muharram: मुहर्रम को लेकर प्रयागराज डीएम ने खास निर्देश दिए हैं. जिस पर कमेटियों ने हामी भी भरी है. ये निर्देश सीएम योगी आदित्यनाथ की हिदायत के बाद दिए गए हैं.
Muharram 2024 Update: गुजरात के जामनगर में एक आंगनवाड़ी में बच्चों को कोर्स की किताबें नहीं, बल्कि मुहर्रम मनाने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। जामनगर के सोनलनगर की आंगनवाड़ी में बच्चों को मुहर्रम जुलूस में नारेबाजी कैसे की जाती है। ये सिखाया गया है। इस आंगनवाड़ी में बड़ी संख्या में हिंदू बच्चे पढ़ते हैं। उनसे मुहर्रम का मातम मनवाया गया। उनसे 'या हुसैन' के नारे लगवाए गए।
Muslims Reaction on Yogi Muharram Warning: ऐसा बहुत कम होता है, कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फरमान सुनाएं और उस फरमान के खिलाफ आवाज़ उठे. भारत में मुसलमानों के सबसे पावरफुल संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक आला पदाधिकारी हैं कमाल फारूकी. उन्होंने कहा कि अगर मुहर्रम पर टारगेट करते हैं तो रामलीला से लेकर गुरुनानक के नाम पर होने वाली सारी धार्मिक यात्राएं बंद होनी चाहिए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड चाहता है कि अगर मुहर्रम पर किसी तरह की पाबंदी लगाई गई तो कांवड़ यात्रा पर भी पाबंदी लगे.
Muslims Reaction on Yogi Muharram Warning: मुहर्रम में अभी कुछ दिन बाकी है,लेकिन उससे पहले ही इसके जुलूस को लेकर हंगामा मचा हुआ है।यूपी सरकार ने मुहर्रम के जुलूस और कांवड़ यात्रा को लेकर कुछ सख्त नियम जारी किए है। मुहर्रम के लिए बनाए गए नियमों को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड काफी चिढ़ गया है। AIMPBL के सदस्य कमाल फारुकी ने योगी सरकार पर मुस्लिमों के खिलाफ फैसले लेने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि योगी सरकार मुहर्रम का जुलूस बंद करवाना चाहती है.
Muslims Reaction on Yogi Muharram Warning: मुहर्रम पर उत्तर प्रदेश में खास समुदाय के कुछ लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चैलेंज कर रहे हैं. उनके फैसले को चुनौती दे रहे हैं. योगी ने कहा था कि मुहर्रम पर शस्त्र मत दिखाना। उनका ऐलान था कि, तलवारबाजी नहीं चलेगी. देखिए मुहर्रम पर क्या कहता है मुसलमान?
Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग से भाईचारे की तस्वीर सामने आई है. कटकमसांडी जलमा निवासी अंतू साव का पूरा परिवार कई पीढ़ियों से मुहर्रम में ताजिया बनाने का काम कर रहा है. मुहर्रम का महीना शुरू होते ही अंतू साव की परिवार ताजिया बनाने में जुट जाता है. ये परिवार 150 बरसों से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर रहा है. देखें वीडियो
Jharkhand News: हजारीबाग के रहने वाले अंतू साव का पूरा कुनबा पिछली कई पीढ़ियों से ताजिया बनाने काम कर रहा है. हिन्दू होने के बावजूद उनका परिवार मुहर्रम का महीना शुरू होते ही ताजिया बनाने के काम में लग जाता है.
बिहार के सहरसा में नौजवानों ने चंद्रयान-3 की तरह ताजिया बनाई है. इसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं.
आज पूरे देश में मोहर्रम मनाया जा रहा है. लेकिन झारखंड में मोहर्रम के दिन बड़ा हदसा हो गया है. यहां पर ताजिया हाईटेंशन से टकरा गई जिससे 4 लोगों की मौत हो गई है.
What is Moharram? आज पूरे देश में कई जगह पर मुहर्रम मनाया जा रहा है. इस खबर में हम आपको बता रहे हैं कि मोहर्रम क्या और इसे क्यों मनाया जाता है.
Muharram 2023: इमाम हुसैन जिस घोड़े पर सवारी करते थे उसका नाम ज़ुलजनाह था. इमाम हुसैन से अक़ीदत रखने वाले अफ़राद इस घोड़े का भी एहतेराम करते हैं. ये बड़ा वफ़ादार घोड़ा था. ये घोड़ा इमाम हुसैन के नाना हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा स.अ. का था, उनकी रहलत के बाद इस घोड़े ने इमाम हुसैन की राहें क़दम क़दम पर आसान कीं. जब कर्बला में इमाम हुसैन के ख़ैमे में पानी ख़त्म हो गया तो इमाम और उनके साथियों के साथ ये घोड़ा भी भूखा प्यासा था. प्यास के आलम में भी इसने इमामे हुसैन का पूरा साथ दिया था.
Muharram 2023: अलम जिसे उर्दू में झण्डा भी कहा जाता है. अलम, परचम या झण्डा हर मुल्क. हर इलाक़े और पुराने ज़माने में क़बीलों की पहचान हुआ करता था. हमारे मुल्क का भी एक परचम है जिसे तिरंगा कहते हैं. सियासी पार्टियों के भी अपने अपने झण्डे होते हैं, जिससे उस पार्टी की पहचान होती है. अरब में भी हर क़बीले के अपने झण्डे या अलम हुआ करते थे और जंग के मौक़ों पर क़बीले वाले अपने अपने परचम या अलम के नीचे हो जाया करते थे. पूरा वाक्या जानने के लिए देखें वीडियो
Muharram 2023: मातम का मतलब ही है सोग. शिया मुसलमान मोहर्रम से चेहलुम तक मजलिसों के ख़त्म होने पर मातम करते हैं. शहादते इमामे हुसैन के ग़म में अपने हाथों से अपने सीनों को पीटते हैं. मातम के कई तरीक़े होते हैं. दुनिया के अलग अलग शियों में मातम करने के अपने अपने इलाक़ाई अंदाज़ हैं. मातम खड़े हो कर सादा तरीक़े से भी किया जाता है. या फिर अंजुमनों की नौहाख़्वानी पर हलक़ा बना कर मातम होता है. अपनी जगह पर खड़े होकर भी मातम होता है. जुलूसों के रास्तों में चलते हुए भी मातम होता है. ख़्वातीन मजलिसों के फ़र्श पर बैठ कर अपने ज़ानुओ पर भी मातम करती हैं.
Muharram 2023: हरे रंग की अपनी हैसियत और निशानी है. सफ़ेद रंग अम्न की निशानी है. ज़ाफ़रानी रंग रूहानियत की निशानी है. लाल रंग ख़तरे की निशानी है. उसी तरह से स्याह या काला रंग ग़म और एहतेजाज की अलामत है. दुनियां में जहां भी ग़म और ग़ुस्से का इज़हार होता है तो वहां लोग काले रंग की पट्टी अपने बाजुओं या माथे पर बांधते हैं. काले झंडे उठाते हैं. अपने बाज़ारों और बस्तियों में काली झंडिया लगाते हैं. कर्बला के वाक़्ये के बाद इमाम हुसैन के चाहने वालों ने यज़ीद के ज़ुल्मों सितम के ख़िलाफ़ जब जुलूस निकाले तो काले झण्डे हाथों मे लिए काले कपड़े पहने नज़र आए.
Muharram: मुजफ्फरपुर जिला के ब्रह्मपुरा क्षेत्र के रहने वाले हिंदू समाज परिवार के रुदल सहनी बीते 25 से 30 वर्षों से ताजिया बना रहे हैं. उन्होंने आज भी इस परंपरा को कायम रखा हुआ है.