ये कहानी जम्मू और कश्मीर राइफल्स (JAK RIF) के राइफलमैन संजय कुमार की है. कारगिल युद्ध के दौरान, प्वाइंट 4875 की ओर बढ़ता हमला दुश्मन की मशीन गन से हो रही भीषण गोलीबारी के कारण थम गया था. राइफलमैन संजय कुमार ने, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए दुश्मन के संगर पर अकेले धावा बोला और तीन घुसपैठियों को ढेर कर दिया. इसके बाद, दूसरे बंकर पर आक्रमण कर एक और घुसपैठिए को मौत के घाट उतारा. उनसे प्रेरित होकर, अन्य सैनिकों ने दुश्मन पर हमला कर, चोटी पर कब्जा कर लिया. उन्हें इस वीरता के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.
कारगिल युद्ध के दौरान, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव 18 ग्रेनेडियर्स की घातक प्लाटून का हिस्सा थे, जिन्हें टाइगर हिल पर कब्जा करने का काम सौंपा गया था. उन्होंने 16500 फीट की ऊंचाई पर लक्ष्य तक रस्सी बांधने का काम किया. लक्ष्य के करीब पहुंचने के बाद, दुश्मन की गोलीबारी के कारण उन्होंने अपने टीम कमांडर और दो सैनिकों को खो दिया और खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गए. बिना रुके, उन्होंने दुश्मन के चार सैनिकों को मार गिराया. उनके वीरतापूर्ण कार्य से प्रेरित होकर, उनकी प्लाटून ने हमला किया और लक्ष्य पर कब्जा कर लिया. जिसके बाद योगेंद्र यादव को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.
गोरखा राइफल्स के कैप्टन मनोज कुमार पाण्डे की वीरता के किस्से काफी मशहूर हैं. कारगिल युद्ध के दौरान, कैप्टन मनोज कुमार पाण्डे ने साहसपूर्वक कई हमलों का नेतृत्व किया. खालूबार पर कब्जा करते समय गंभीर चोटों के बावजूद, निडरता से दुश्मन पर हमला किया और दुश्मन के चार ठिकानों को नष्ट कर दिया. उन्हें मरणोपरांत परमवीरचक्र से सम्मानित किया गया. इनकी वीरता को पूरा देश नमन करता है.
भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान परम वीर चक्र उन सैनिकों को दिया जाता है, जो युद्ध के दौरान असाधारण साहस और वीरता दिखाते हैं. यह सम्मान राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को समर्पित है.
Param Vir Chakra Award: भारतीय सेना में देश को अपनी सेवाएं देने वाले वीरों को उनकी बहादुरी के लिए परमवीर चक्र से नवाजा जाता है. आज हम जानेंगे कि कब इस वीरता सम्मान की शुरुआत हुई थी और यह सबसे पहले किसे दिया गया था.
Param Vir Chakra awardee Captain Manoj Pandey: 15 अगस्त को आजादी के 76 साल पूरे होने के मौके पर 'शौर्य' सीरीज के तहत हम आपको देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों की कहानी बता रहे हैं. आज हम आपको कारगिल युद्ध (Kargil War 1999) के हीरो और परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडेय की दिलेरी की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने गोली खाकर भी पाकिस्तान को पस्त कर दिया था.
Kirti Chakra 2023 Winners: भारतीय सेना के दो जवानों को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। मेजर शुभांग और नायक जितेंद्र सिंह ने जम्मू और कश्मीर में आतंकियों का डटकर मुकाबला किया। पढ़ें उनकी वीरगाथा।
अंडमान निकोबार द्वीप समूह के 21 द्वीप अब परमवीर चक्र विजेताओं के नाम से जाने जाएंगे. इनमें देश के लिए शहीद होने वाले चार वीर सपूत यूपी के हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट
इस खंड में, आपको ज़ी न्यूज़ दिखाता है दिन की बड़ी ख़बरें. सेगमेंट न्यूज़ 50 ज़ी न्यूज़ के महत्वपूर्ण समाचार बुलेटिन का एक हिस्सा है जिसमें हम सभी महत्वपूर्ण ख़बरों को शामिल करते हैं.
समिति की ओर से परमवीर चक्र परमवीर चक्र विजेताओं के साथ अमृत महोत्सव समिति के संयोजक गोपाल शर्मा का सरोपा भेंट कर सम्मान किया गया.
भारत अमृत महोत्सव सम्मान कार्यक्रम 9 अगस्त शुरू को होगा, जिसमें गणेश जी को निमंत्रण के साथ 15 अगस्त को होने वाले ऐतिहासिक आयोजन स्वराज की शुरुआत होगी.
Shaurya: योगेंद्र यादव के पराक्रम की वजह से ही भारत की 18 ग्रेनेडियर्स को टाइगर हिल के अहम पॉइंट पर कब्जा करने में सफलता हासिल हुई थी. उन्हें अपनी बहादुरी और तिरंगे का मान बढ़ाने के लिए महज 19 साल की उम्र में परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था. आज हम 'शौर्य' सीरीज में सूबेदार मेजर योगेंद्र यादव (Yoginder Singh Yadav) की शौर्य गाथा आपको बताते हैं.
शहीद परिवारों के सम्मान में बाड़मेर जिला मुख्यालय पर आयोजित हो रहे थार के वीर कार्यक्रम पार्ट-3 में शिरकत करने के लिए परमवीर चक्र कैप्टन बाना सिंह, कीर्ति चक्र चेतन चीता और कीर्ति चक्र राहुल माथुर बाड़मेर पहुंचे.
27 फरवरी, 2019 को एक पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमान को हवाई युद्ध में मार गिराने वाले ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान को आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा वीर चक्र से सम्मानित किया गया. इस लेख में हम आपको सेना के बड़े मेडलों के बारे में बता रहे हैं.
India Pakistan War 1965, A B Tarapore: तारापोर अकेले ही पैटन टैंकों की कब्र खोदने के लिए काफी थे. जख्मी होने के बाद भी उन्होंने 60 पैटन टैंकों को नष्ट कर दिया था. 61वां पैटन टैंक उनके निशाने पर था कि तभी एक गोला उनके टैंक पर आ गिरा और जोरदार धमाका हुआ.
श्रद्धांजलि के मौके पर खास बात ये रही कि सेना में शामिल उनके पुत्र कर्नल एस. के दहिया ने उनको बतौर आर्मी-पर्सन और बेटे अपने पिता को श्रद्धांजलि (Tribute) अर्पित की.
कैप्टन विक्रम बत्रा के अदम्य साहस और पराक्रम के लिए 15 अगस्त 1999 को उन्हें वीरता के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.
आजादी के बाद जब पाकिस्तान (Pakistan) ने अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देना शुरू किया, तो भारतीय सैनिकों ने उसका न केवल डटकर मुकाबला किया, बल्कि उसे शिकस्त का एक ऐसा जख्म दिया, जो आज तक नहीं भर पाया है.
सुबेदार संत बहादुर राय उस रात की बात को याद करते हुए बताते हैं कि हैंड ग्रेनेड फेंकते हुए लेफ्टिनेंट मनोज पांडे ने सबसे पहले खालूबार से दुश्मन का सफाया किया. फिर आमने-सामने की लड़ाई में उन्होंने एक के बाद एक तीन बंकर उड़ा दिए. इस दौरान वह बुरी तरह घायल हो चुके थे.
लांस नायक अलबर्ट एक्का की कर्तव्य के प्रति निष्ठा, बहादुरी, युद्ध कौशल और मातृभूति के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें सेना के सर्वोच्च पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था. ;
फ्लाइंग लेफ्टिनेंट घुम्मन के विमान में फ्लाइंग ऑफिसर सेखों की आवाज गूंजी. उन्होंने फ्लाइट लेफ्टिनेंट घुम्मन को जानकारी दी कि 'मै दो सेबर जेट जहाजों के पीछे हूं ...किसी भी कीमत में मैं उन्हें जाने नहीं दूंगा...' संदेश के बंद होते ही आसमान में एक तेज धमाका हुआ और ...
नायब सूबेदार बाना सिंह ने चंद मिनटों में भारतीय चौकी को पाकिस्तान के घुसपैठियों से आजाद करा भारतीय तिरंगा फहरा दिया. नायब सूबेदार बाना सिंह की इस अभूतपूर्व बहादुरी के लिए सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.