अब डिजिटल पेमेंट्स करना और भी आसान होगा क्योंकि पेटीएम (Paytm) एक नया फीचर लेकर आया है जिसका नाम ‘टैप टू पे’ (Tap to Pay) है. इस फीचर की मदद से आप बिना ऐप खोलें और बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी पेमेंट कर सकेंगे. आइए जानते हैं कैसे..
आपको बता दें कि पहले ट्रांजेक्शन लिमिट 50,000 रुपये तक थी. फिर इसके बाद इसे जुड़े फिर और नए नियम जोड़ दिए गए हैं. लेकिन ऐसे में इस दौरान सबसे ज्यादा कोरोना काल में आधार से ट्रांजेक्शन की सुविधा तेजी से बढ़ी है.
नकली शराब की बिक्री को रोकने के लिए UP सरकार ने एक नया फॉर्मूला तैयार किया है. प्रदेश का आबकारी विभाग जल्द ही POS मशीनें लगाने जा रहा है. इस मशीन के जरिए शराब या बीयर खरीदने से पहले सारी जानकारी विभाग के पास पहुंच जाएगी.
राजस्थान सरकार ने खाद की बिक्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है.
राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने खाद की बिक्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है.
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ई-उपार्जन पोर्टल में दर्ज किसानों के डिटेल्स प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के किसानों से मैच करवा रहा है.
तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में अब एसबीआई (SBI) एक नया काम करने जा रहा है. कारोबारियों के लिए SBI ने YONO Merchant App लॉन्च कर दिया है जिसके जरिए कारोबारी POS की तरह लेन-देन कर सकेंगे.
बिजली का बिल जमा करने में कई बार लोग बिजली ऑफिस के बाहर लगी भीड़ की वजह से तय समय पर नहीं कर पाते है. इससे लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
डीलर उपभोक्ताओं को एक माह में एक बार गेहूं देकर टरका रहा है.
Contactless payments के जरिए अधिकतम 2000 रुपये तक ट्रांजेक्शन किया जा सकता है.
नंदन नीलेकणि समिति ने डिजिटल लेनदेन पर लगने वाले शुल्क को हटाने, चौबीस घंटे RTGS और NEFT की सुविधा देने और पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन के आयात को शुल्क मुक्त करने समेत कई सुझाव दिए हैं.
ATM फ्रॉड की घटना बहुत तेजी से बढ़ रही हैं. डेबिट और क्रेडिट कार्ड आपके साथ होता है और उससे ट्रांजेक्शन कहीं और हो रहा होता है.
कैटरिंग सेवाओं में पारदर्शिता और पैसेंजर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑन द स्पॉट बिलिंग सेवा शुरू की गई है.
यात्री अब कार्ड के जरिए भी ट्रेन में पेमेंट कर पाएंगे. कैटरिंग स्टॉफ को बहुत जल्द PoS मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी.
परिवहन कार्यालय के ऑनलाइन होने का ही असर है कि डीटीओ कार्यालय से भीड़ गायब हो गई है.