shamsur rahman faruqi

'कई चांद थे सरे आसमां' के लेखक, उर्दू आलोचना के 'टी.एस.एलियट' शम्सुर्रहमान फारूकी का निधन

मशहूर शायर और आलोचक शम्सुर्रहमान फारूकी  (Shamsur Rahman Faruqi) का 85 साल की उम्र में निधन हो गया. शुक्रवार 25 दिसंबर की सुबह करीब 11 बजे उन्होंने प्रयागराज स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. उनकी मौत की खबर सुनकर साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई.

Dec 25, 2020, 07:14 PM IST

मशहूर शायर शम्‍सुर्रहमान फारूकी का निधन, पद्म श्री से किया जा चुका है सम्मानित

मशहूर शायर व लेखक शम्‍सुर्रहमान फारूकी (Shamsur Rahman Faruqi) ने 85 की उम्र में अपने प्रयागराज स्थित आवाज पर अंतिम सांस ली. फारूकी के निधने से उर्दू साहित्यप्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है. अपने साहित्य में दिए गए योगदान के लिए फारूकी को कई बड़े सम्मान से नवाजा जा चुका है.

Dec 25, 2020, 04:34 PM IST

"बड़े शौक से सुन रहा था ज़माना, तुम्हीं सो गए दास्तां कहते-कहते"

फारुकी आलमी शोहरत याफ्ता तजज़ियाकार और नज़रियानिगार और शायर थे. उन्होंने दास्तान गोई को दुबारा ज़िंदा करने में बुनियादी किरदार अदा किया

Dec 25, 2020, 01:59 PM IST