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suvigya jain

लोकसभा चुनाव: घोषणापत्रों को कैसे जांचें

कांग्रेस का घोषणापत्र जारी हो गया है. इस मामले में कांग्रेस ने बढ़त ले ली है. अब यह तय है कि चुनावी भाषणों में कांग्रेस का घोषणापत्र छाया रहेगा.

Apr 4, 2019, 05:23 PM IST

2018 : किसान सक्रियता के नाम यह साल

राजनीतिक विश्लेषक भी मान रहे हैं देश के तीन बड़े हिंदी भाषी राज्यों में बड़ी भूमिका किसान आधारित मुद्दों की रही. इसे किसानों के एक राजनीतिक शक्ति के रूप में उबरने के तौर पर क्यों नहीं देखा जाना चाहिए.

Dec 29, 2018, 09:21 PM IST

नई कृषि निर्यात नीति जिस पर ज्यादा बात ही नहीं हुई

सरकार के 2018 की नई कृषि निर्यात नीति को लागू करने की अनुमति दिए जाने की खबर में सबसे ज्यादा चर्चा कृषि निर्यात को बढ़ाने की है. कहा गया है कि यह किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने के सरकारी लक्ष्य की ओर उठाया गया एक कदम है. 

Dec 14, 2018, 11:26 AM IST

Opinion: प्रदूषण का पैमाना ही छोटा पड़ा, भुक्तभोगी अन्य देशों के उपाय हो सकते हैं सहायक

विश्व के सभी देशों ने सबसे पहले आर्थिक वृद्धि और विकास की दर के आंकड़े की चिंता को पीछे छोड़ा तब वहां प्रदूषण से निपटने के उपाय कारगर हो पाए. आर्थिक विकास और सतत विकास के फ़र्क को समझे बिना प्रदूषण से निपटना हमेशा मुश्किल रहेगा.

Nov 9, 2018, 12:57 PM IST

मशीनीकरण हमारे लिए कितना माफिक?

वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम हर साल विश्व में रोजगार के भविष्य पर एक रिपोर्ट जारी करता है. इसमें आने वाले समय में रोजगार की संभावनाओं और चुनौतियों का लेखा जोखा दिया जाता है.

Sep 27, 2018, 09:50 PM IST

अपने खिलाड़ियों को भी मनोवैज्ञानिक सेवाएं देने का मसला

एशियाई खेलों में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया को देखें तो वे खेल और दूसरे किसी भी क्षेत्र में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. क्या यह एक कारण हो सकता है कि सबकुछ करने के बाद भी इस बार के एशियाई खेलों में हमारा नंबर आठवां था. 

Sep 11, 2018, 11:31 PM IST

अदालतों में तैनात होंगे कोर्ट मैनेजर तो कैसे बदलेगी न्याय की सूरत (भाग-1)

आठ साल पहले हाईकोर्ट में प्रबंधंकों की नियुक्तियों का काम शुरू भी हुआ था. लेकिन सार्वजनिक तौर पर ज्यादा पता नहीं चला कि हो क्या रहा है. 

Aug 23, 2018, 06:38 PM IST

कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

सब जानते हैं कि सरकारी खरीद देर से शुरू होती है. उधर किसान पर फौरन बेचने का दबाव होता है. सरकारी मंडियों में एक साथ आवक होने के कारण ही हायतौबा मचती है. 

Jul 5, 2018, 08:15 PM IST

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने के लिए कितने तैयार हैं हम...

अभी पता नहीं है कि मानसून कैसा रहेगा. लेकिन इतना जरूर पता है कि चाहे सामान्य बारिश हो या सामान्य से ज्यादा, देश में अलग-अलग जगह आसमान बारिश और जल कुप्रबंधन के कारण कई जगह बाढ़ और 4-6 महीने बाद कई जगह सूखा पड़ेगा ही. यह पूर्वानुमान पिछले दो दशकों के अनुभव के आधार पर है.  

Jun 22, 2018, 03:25 PM IST

फ़ौरन सोचना होगा कूड़ा प्रबंधन का कुछ नया उपाय

दसियों साल से ठोस कचरा प्रबंधन में देश लगा है. लेकिन ऐसी कोई रिपोर्ट अब तक देखने में नहीं आई जो भविष्य को लेकर निश्चिन्त करती हो.

Jun 16, 2018, 03:41 PM IST

येदियुरप्पा के भाषण में सिर्फ किसान पर जोर के मायने

पारंपरिक रूप से यह देश कृषि प्रधान ही रहा. आज भी देश में आधी से ज्यादा आबादी किसानों की ही है. उनके लिए दूसरा विकल्प न होने के कारण वे किसानी करने को ही मजबूर बने रहे. इसीलिए आजतक देश का यही तबका सबसे बड़ा है. 

मई 21, 2018, 09:36 PM IST

Opinion : खंडित जनादेश की व्याख्या का एक नियम क्यों नहीं?

कर्नाटक में जिस तरह से खंडित जनादेश आया वह नई परिस्थिति नहीं है. पहले भी खंडित जनादेश की ऐसी जटिल स्थितियां बन चुकी हैं, लेकिन दिक्‍कत ये रही कि उन परिस्थितियों में एक से फैसले नहीं हुए. यानी अलग-अलग किस्म की नजीरें हैं. 

मई 18, 2018, 02:56 PM IST

बात उठी एक आदिवासी गांव के संपूर्ण अध्ययन की

शोध पद्धति में केस स्टडी यानी वैयक्तिक अध्ययन और सांख्यिकीय अघ्ययन विधियां उपलब्ध हैं. सरकारों की रुचि सांख्यिकीय अध्ययन में होती है. देश की सरकार पौने सात लाख गांवों को एकसाथ देखना ज्यादा पसंद करती है. 

Apr 20, 2018, 09:02 PM IST

Opinion : नकदी की समस्या को 'अचानक' कहना कितना सही?

नकद और उधार का चक्कर सबको पता है. वे दिन हवा हुए जब व्यापार में लोग आगे की तारीख के चैक लेकर सामान दे दिया करते थे. अब व्यापार में एक-दूसरे पर यकीन खत्म मानिए. ऊपर से डिजिटल युग ने हाल के हाल पैसे लेने की सुविधा दे दी. कोई बहाना नहीं बचा. यानी जरूरी है कि या तो हाथ में नकदी हो या अकाउंट में पैसा हो.

Apr 18, 2018, 03:16 PM IST

जैन परंपरा में सम्‍यक ज्ञान का आशय

जैन दर्शन के तीन रत्न हैं, दर्शन, ज्ञान और चारित्र्य. हालांकि इन तीनों के आगे एक विशेषण के रूप में सम्यक लगा होता है. शायद ही कोई जैन आचार्य या साधु या विद्वान इस विशेषण को लगाए बिना त्रिरत्नों को बोलता हो. ज्ञान के आगे सम्यक लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?

Mar 29, 2018, 09:59 AM IST

विश्व खुशहाली दिवस पर क्या बात करें?

अपने देश की अधिसंख्य आबादी की बेहद कमजोर माली हालत के कारण अगर विश्व खुशहाली रिपोर्ट में हमारी ऐसी स्थिति बताई गई हो तो हमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए. हमें चाहिए कि खेती किसानी और बेरोज़गारी पर ध्यान देने के काम पर फौरन लग जाएं.

Mar 20, 2018, 08:05 PM IST

चुनावी मुद्दों की शर्तें : क्या 2019 का मुख्य मुद्दा किसान होगा?

चुनावी मुद्दे की पहली शर्त है कि वह ऐसा हो जिसका सरोकार अधिकतम मतदाताओं से हो. इसीलिए यह ढूंढा जाता है कि देश में अधिसंख्य लोग कौन हैं.

Feb 26, 2018, 01:07 PM IST

मसला बेरोज़गारी का (भाग दो) : कहां से सोचना शुरू हो बेरोज़गारी का समाधान

अभी अपने यहां व्यवस्थित यानी वैज्ञानिक ढंग से विमर्श का खाका बनाने का रिवाज़ नहीं है. चाहे कॉन्फ्रेंस हो या सेमिनार या वर्कशॉप सभी आयोजनों के लिए एक ही प्रकार का खाका बनता दिखता है. 

Feb 14, 2018, 01:48 PM IST

मसला बेरोज़गारी का (भाग एक) : क्या आपातकालिक समस्या बन गई है बेरोज़गारी?

जब सरकारी आंकड़े उपलब्ध ही न हों तो इसका अलावा क्या चारा है कि गैरसरकारी अनुमान लगाए जाएं. सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोग बेरोज़गारी के आकार का अंदाजा लगाते रहते हैं और देश में मोटे तौर पर पर 10 से 15 करोड़ बेरोज़गारों का अनुमान लगाते हैं

Feb 10, 2018, 03:49 PM IST

बजट 2018 Analysis : किसानों ने क्या पाया इस बजट में...

कल बजट का पहला हिस्सा कृषि और उससे सम्बन्धी क्षेत्रों को ही समर्पित था. वित्त मंत्री के किसानों के लिए ऐलान शुरू करते ही एक विवाद उठ गया.

Feb 2, 2018, 03:01 PM IST