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धर्म नगरी उज्जैन में बना देश का पहला सेवक मंदिर, इन दिग्गजों की लगी मूर्तियां

 उज्जैन में देश के नाम अपनी जान न्यौछावर करने वाले महापुरूषों का एक मंदिर बनाया गया है. 

Jan 25, 2020, 05:39 PM IST

ताल ठोक के: भारत के सबसे बड़े आदर्श से बैर क्यो?

ताल ठोक के: भारत के सबसे बड़े आदर्श से बैर क्यो?

Nov 14, 2019, 09:05 PM IST

आज 9/11 है..आपको न्यूयॉर्क याद होगा...लेकिन क्या आपको शिकागो याद है?

आज 9/11 है..आपको न्यूयॉर्क याद होगा...लेकिन क्या आपको शिकागो याद है? ज्यादा जानने के लिए देखें वीडियो..

Sep 11, 2019, 10:45 PM IST

बायोग्राफी: विवेकानंद करते थे मूर्ति पूजा का विरोध

विवेकानंद मूर्ति पूजा का विरोध करते थे. वहीं रामकृष्ण परमहंस मां काली के उपासक थे. रामकृष्ण ने विवेकानंद के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला था. देखिए, बायोग्राफी में कहानी स्वामी विवेकानंद की

Feb 19, 2019, 02:56 PM IST

जब शरीर छोड़ चुके रामकृष्ण ने स्वामी विवेकानंद को दिया साक्षात दर्शन

गुरु ने जिस देह त्याग से पहले जिस उद्देश्य से विवेकानंद को अपनी सारी शक्ति सौंप दी थी उसे पूरा करना ही स्वामी विवेकानंद के जीवन एकमात्र लक्ष्य था. जनवरी 1887 में गुरु भाइयों के साथ संन्यास की प्रतिज्ञा लेने के कुछ समय बाद वे उस काशी की पतित पावनी भूमि पर पहुंचे जहां के वीरेश्वर शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर उनके जन्म की कामना की गई थी. काशी में भगवान बुद्ध और आदि गुरु शंकराचार्य के क्रिया कलापों को महसूस कर उनकी आध्यात्मिक-ऐतिहासिक चेतना प्रज्ज्वलित हो गई. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 14, 2019, 08:28 PM IST

मूर्ति पूजा का विरोध करते थे विवेकानंद, बाद में मां काली से मांगा यह आशीर्वाद...

एक बार दर्द से कराहते ठाकुर को देखकर विवेकानंद के मन में आशंका घर करने लगी. जब ये कहते हैं कि आदि शक्तिरूपा मां काली इनसे बात करती हैं तो फिर ये इतनी पीड़ा क्यों झेल रहे हैं. मां इनकी मदद क्यों नहीं कर रहीं. इधर शिष्य के मन में आशंका हुई और उधर ठाकुर का शिथिल शरीर अचानक चेतना में आ गया. ठाकुर ने कहा नरेन तुझे अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है. ठाकुर के मुंह से ये बात सुनकर विवेकानंद के तो रौंगटे खड़े हो गए. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 13, 2019, 08:42 PM IST

ईश्वर के दर्शन को व्याकुल रहते थे विवेकानंद, जानें कैसे खत्म हुई उनकी यह तलाश?

रामकृष्ण परमहंस से मिलने के बाद स्वामी विवेकानंद आशंकित थे. बचपन से ही निर्भीक विवेकानंद के मन में पहली बार डर घर गया था. शुरू में रामकृष्ण परमहंस उन्हें तंत्र-मंत्र जादू करने वाले लगे लेकिन इन आशंकाओं के बीच मन में प्रेम की ऐसी लौ जगी कि दोबारा वहां जाने से खुद को रोक नहीं पाए. दूसरी बार तो विवेकानंद के साथ जो हुआ उससे उनकी दुनिया ही बदल गई. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 12, 2019, 08:21 PM IST

सामने था कोबरा लेकिन ध्यान में बैठे रहे नरेन, देखें स्वामी विवेकानंद की जीवनगाथा

जिनकी आवाज सुन दीवानी हो गई थी दुनिया, शिकागो धर्म संसद में 2 मिनट तक बजती रही तालियां. विवेकानंद की आवाज में थी साधना की जादुई शक्ति. मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे 7 हजार लोग. 'बायोग्राफी' में स्वामी विवेकानंद की जीवनगाथा. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 11, 2019, 08:07 PM IST

बायोग्राफी: विवेकानंद की आवाज में थी साधना की जादुई शक्ति

11 सितंबर 1893, अमेरिका का शिकागो शहर. (डेट बग और मैप लगाएं) दुनिया भर के विद्वान, दार्शनिक, धर्मशास्त्री, और विज्ञान के जानकार शिकागो के आर्ट पैलेस के हॉल में इकट्ठे थे. अनंत, अज्ञेय, सर्वशक्तिमान ईश्वर पर चर्चा मकसद था. इस निष्कर्ष पर पहुंचना कि ईश्वर को पाने का, ईश्वर को महसूस करने का, सत्य को साधने का सही रास्ता किस धर्म और संप्रदाय में सबसे प्रामाणिक तरीके से बताया गया है. तब पश्चिम के देश हिन्दुस्तान और हिन्दू धर्म को हिकारत की नजर से देखते थे. वे हमें पिछड़ा और अशिक्षित मानते थे. धर्म संसद में हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व करने गए स्वामी विवेकानंद को तो बोलने का टाइम भी मुश्किल से मिला था पर स्वामी जी की जब बारी आई तो उन्होंने कुछ इस तरह के संबोधन से शुरुआत की कि सब मंत्रमुग्ध हो गए.

Feb 11, 2019, 12:35 PM IST

बायोग्राफी: भगवान शिव के अंश थे स्वामी विवेकानंद !

स्वामी विवेकानंद एक ऐसी अलौकिक दिव्य आत्मा थे जिन्होंने हिन्दुस्तान की खोई अस्मिता, खोए गौरव को ढूंढकर उसे दोबारा पूरी दुनिया के सामने स्थापित किया. साथ ही समूची मानवता को एकसूत्र में पिरोने का मंत्र भी दुनिया को दिया. शिकागो धर्म सम्मेलन में दिए जिसके ओजस्वी और दिल में उतर जाने वाले भाषण ने पश्चिमी देशों में भारत को लेकर बनी धारणा ही बदल दी. देखिए, 'बायोग्राफी' में स्वामी विवेकानंद की जीवनगाथा.

Feb 11, 2019, 12:14 PM IST

भगवान शिव के अंश थे स्वामी विवेकानंद, आवाज सुन दीवानी हो गई थी दुनिया

जिनकी आवाज सुन दीवानी हो गई थी दुनिया, शिकागो धर्म संसद में 2 मिनट तक बजती रही तालियां. विवेकानंद की आवाज में थी साधना की जादुई शक्ति. मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे 7 हजार लोग. 'बायोग्राफी' में स्वामी विवेकानंद की जीवनगाथा. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 7, 2019, 08:00 PM IST

युवा शक्ति ही किसी राष्ट्र की संकल्पना को दे सकती है मूर्त रूप: स्‍वामी आनंद स्‍वरूप

शंकराचार्य ट्रस्‍ट के अध्‍यक्ष स्‍वामी आनंद स्‍वरूप के अनुसार, आज देश का परिदृश्य राष्ट्र के प्रति सचेत नागरिकों के मन को व्यथित कर रहा है. भौतिकता की चकाचौंध से भ्रमित समाज का प्रत्येक वर्ग आज आत्मकेंद्रित होता जा रहा है.

Jan 28, 2019, 03:27 PM IST

स्वामी विवेकानंद का शिकागो व्याख्यान आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज : सोनिया

शिकागो के विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानन्द के व्याख्यान की 125 साल होने की सराहना करते हुए सोनिया ने कहा कि उन्होंने धरती पर सांप्रदायकिता, मतान्धता, कट्टरवाद बढ़ने की जो बात कही थी वह आज भी प्रासंगिक है. 

Sep 11, 2017, 08:38 PM IST

PM मोदी ने विवेकानंद को समर्पित कार्यक्रम के लिए युवाओं से मांगे सुझाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले साल जनवरी में छत्तीगढ़ में स्वामी विवेकानंद को समर्पित राष्ट्रीय युवा महोत्सव पर युवाओं से सुझाव मांगे। आकाशवाणी पर प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जी की जयंती है। मेरे जैसे इस देश के कोटि-कोटि लोग हैं जिनको स्वामी विवेकानंद जी से प्रेरणा मिलती रही है ।साल 1995 से 12 को जनवरी स्वामी विवेकानंद जयंती को एक राष्ट्रीय युवा महोत्सव के रूप में मनाया जाता है । इस वर्ष ये 12 जनवरी से 16 जनवरी तक छत्तीसगढ के रायपुर मे होने वाला है। उन्होंने कहा कि इसमें विषय आधारित कार्यक्रम होता है और मुझें जो जानकारी मिली कि इस बार उनका विषय ‘कौशल विकास एवं सौहार्द पर भारतीय युवा’ है और यह बहुत बढिया विषय है । 

Dec 27, 2015, 01:47 PM IST

विवेकानंद के 'विश्व बंधुत्व' का अनुसरण आवश्यक : PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक भाईचारे के स्वामी विवेकानंद के संदेश का स्मरण करते हुए कहा कि अगर उनके संदेश पर अमल किया जाता तो विश्व को अमेरिका पर 11 सितंबर के आतंकवादी हमले जैसे कृत्यों का साक्षी नहीं बनना पड़ता। मोदी ने कहा कि वैश्विक भाईचारे के विवेकानंद का यह संदेश 11 सितंबर 1893 को शिकागो में विश्व धर्म संसद में उनके संबोधन में दिया गया था।

Sep 11, 2014, 01:53 PM IST