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G-20 शिखर सम्मेलन में दिख रहा उदारवादी और सत्तावादी मूल्यों के बीच टकराव

यूरोपीय संघ के प्रमुख डोनाल्ड टस्क ने उनके इस बयान की तीखी आलोचना की. टस्क ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम यहां यूरोप के रूप में हैं और दृढ़ता एवं स्पष्टता से उदार लोकतंत्र का रक्षा करने और बढ़ावा देने आए हैं.’’ 

G-20 शिखर सम्मेलन में दिख रहा उदारवादी और सत्तावादी मूल्यों के बीच टकराव
जापान के ओसाका में चल रहा है जी-20 सम्‍मेलन. फोटो ANI

ओसाका : जापान में जी-20 शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे विश्व नेताओं में उन मूल्यों को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है, जो दशकों तक इस संगठन की नींव रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने एक साक्षात्कार किया जिसमें रूसी नेता ने उदारवाद के बारे में कहा कि यह अब "प्रचलन’’ से बाहर हो गया है. यूरोपीय संघ के प्रमुख डोनाल्ड टस्क ने उनके इस बयान की तीखी आलोचना की. टस्क ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम यहां यूरोप के रूप में हैं और दृढ़ता एवं स्पष्टता से उदार लोकतंत्र का रक्षा करने और बढ़ावा देने आए हैं.’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘जो मुझे अप्रचलित लगता है वह निरंकुशता, व्यक्तिवाद, कुलीन वर्गों का शासन. भले ही यह कभी-कभी प्रभावी लग सकते हैं.’’ शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, पुतिन और अन्य नेताओं ने मुलाकत की.

टस्क ने पत्रकारों से कहा कि इस तरह के बयान इस सोच की ओर इशारा करते हैं कि ‘‘स्वतंत्रता प्रचलन से हट गई है, कानून का शासन प्रचलन में नहीं है और मानवाधिकार प्रचलन में नहीं है.’’ पुतिन ने ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने कहा था कि ‘‘उदार विचार प्रचलन में नहीं हैं. आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से के हितों से इसका टकराव हो रहा है.’’ 

उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मेक्सिको से मादक पदार्थ ला रहे प्रवासियों की आवाजाही पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाने की तारीफ की और कहा कि उदारवाद ‘‘यह निर्धारित करता है कि कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है.’’ चीनी राषट्रपति शी चिनफिंग और ट्रम्प के बीच होने वाली बैठक में दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच जारी व्यापार युद्ध के खत्म होने पर भी सबकी उम्मीदें बंधी हैं.

वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने यहां पहुंचे नेताओं को लिखे पत्र में कहा कि दुनिया ने कुछ बड़ी चुनौतियों से पार पाने में प्रगति हासिल की है, लेकिन यह प्रगति तेज नहीं है और सभी देश इसमें हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं. गुतारेस ने कहा कि कुछ अच्छी योजनाएं और दृष्टिकोण हैं, लेकिन उनपर अधिक विचार विमर्श करने के बजाय तेजी से काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि तेज और समतामूलक आर्थिक विकास किया जाना चाहिये ताकि दुनिया में हाशिये पर मौजूद लोग और पीछे न छूट जाएं.