दो सालों से तालिबान की कैद में है अमेरिकी अधिकारी, बाइडेन ने सख्त लहजे में कही ये बात
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दो सालों से तालिबान की कैद में है अमेरिकी अधिकारी, बाइडेन ने सख्त लहजे में कही ये बात

तालिबान ने पिछले दो सालों से अमेरिकी नौसेना के पूर्व अधिकारी को बंधक बना रखा है. यूएस प्रसीडेंट जो बाइडेन ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि तालिबान को अमेरिकी अधिकारी को जल्द से जल्द रिहा कर देना चाहिए. 

फाइल फोटो

वॉशिंगटन: अमेरिका (America) और अफगानिस्तान की तालिबान (Taliban) सरकार के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है. तालिबान ने पिछले दो साल से अमेरिकी नौसेना के पूर्व अधिकारी मार्क फ्रेरिच (US Navy Veteran Mark Frerichs) को बंधक बना रखा है. अब यूएस प्रेसिडेंट जो बाइडेन (Joe Biden) ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए तालिबान से फ्रेरिच को रिहा करने को कहा है. 

  1. दो साल से तालिबान की कैद में हैं मार्क फ्रेरिच
  2. अफगानिस्तान के लोगों की कर रहे थे मदद
  3. बाइडेन ने तालिबान सरकार पर बनाया दबाव

‘बंधक बनाना क्रूरता और कायरता’

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कहा कि दो साल पहले अमेरिकी नौसेना के दिग्गज मार्क फ्रेरिच को अफगानिस्तान में बंधक बना लिया गया था. उन्होंने कहा, फ्रेरिच ने बतौर सिविल इंजीनियर अफगानिस्तान के लोगों की मदद करते हुए एक दशक बिताया. उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. फिर भी, 2 साल से तालिबान ने उन्हें बंदी बना रखा है’. राष्ट्रपति ने सख्त लहजे में कहा कि अमेरिकियों या किसी भी निर्दोष नागरिक को बंधक बनाना क्रूरता और कायरता की निशानी है.

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जल्द रिहाई चाहता है परिवार

बाइडेन ने कहा कि तालिबान को तुरंत मार्क को रिहा कर देना चाहिए, इससे पहले कि वह वैधता के लिए अपनी आकांक्षाओं पर किसी भी विचार की उम्मीद कर सके. इस विषय पर किसी भी तरह का मोलभाव नहीं हो सकता. वहीं, पूर्व अधिकारी मार्क फ्रेरिच के परिवार ने राष्ट्रपति के इस बयान की सराहना की है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वो फ्रेरिच की जल्द से जल्द रिहाई चाहते हैं.   

तालिबान की आर्थिक नब्ज दबाई

तालिबान ने पिछले साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद से मुल्क आर्थिक सहित तमाम तरह की परेशानियों का सामना कर रहा है. अमेरिका सहित कई देशों ने तालिबान की आर्थिक नब्ज दबा रखी है, जिसके चलते उसके लिए देश चलाना मुश्किल हो गया है. तालिबान चाहता है कि दुनिया उसे मान्यता दे, लेकिन अब तक ऐसा हो नहीं पाया है. बता दें कि पिछले 20 साल से अफगानिस्तान की नागरिक सरकार को अमेरिका सहित कई देशों से भारी मात्रा में पैसा दिया जाता था. तालिबान के कब्जे के बाद यूएस सरकार ने अपने देश के बैंकों में जमा अफगानिस्तान सरकार के सभी फंड को फ्रीज कर दिया है.

इनपुट: PTI

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