Moderna का दावा, आखिरी ट्रायल में कंफर्म, हमारी कोरोना वैक्सीन 94% कारगर

मॉर्डना अब कोरोना वैक्‍सीन के आपातकालीन लाइसेंस के लिए अमेरिका (USA), यूरोप और यूके (UK) के सरकारी नियामकों के पास अपने टीके के आखिरी ट्रायल के नतीजों की रिपोर्ट भेजने के आखिरी दौर में है.

Moderna का दावा, आखिरी ट्रायल में कंफर्म, हमारी कोरोना वैक्सीन 94% कारगर
फाइजर के बाद मॉर्डना ने कोरोना की प्रभावी वैक्सीन बनाने का दावा किया है....

नई दिल्ली: दुनिया भर में कोरोना के मामलों में एक बार फिर बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. लेकिन राहत की बात ये भी है कि कई कंपनियों ने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) बनाने का दावा किया है. इस सिलसिले में दुनिया की दिग्गज दवा निर्माता कंपनियों स्पूतनिक और फाइजर के बाद एक और कंपनी ने कोरोना से बचाव की कारगर दवाई बनाने में कामयाबी हासिल करने का दावा किया है. अमेरिकी कंपनी मॉर्डना ने कहा कि कोरोना से बचाने वाला उनका टीका 94 फीसदी तक अपने आखिरी ट्रायल में प्रभावी रहा है. 

अमेरिकी विभाग की मंजूरी का इंतजार
अमेरिकी कंपनी मॉर्डना (Moderna) अब आपातकालीन लाइसेंस के लिए अमेरिका (USA), यूरोप और यूके (UK) के सरकारी नियामकों के पास अपने टीके के आखिरी ट्रायल के नतीजों की रिपोर्ट भेजने के आखिरी दौर में है. कंपनी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका का खाद्य और औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) 17 दिसंबर को अपनी बैठक में उनकी वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दे सकता है.

ब्रिटेन में मार्च के बाद आपूर्ति संभव
मॉर्डना के मुताबिक ब्रिटेन में उनकी वैक्सीन आखिरी चरण में 94.5 फीसदी तक प्रभावी रही. पिछले हफ्ते आए नतीजों से उत्साहित कंपनी ने बताया कि ब्रिटेन में मार्च, 2021 तक इसकी आपूर्ति संभव नहीं होगी. मॉर्डना को वैक्सीन बनाने के लिए अमेरिका की संघीय सरकार से 2.48 अरब अमेरिकी डॉलर का फंड मिला था. 

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भारत में 3 कंपनियां कर रही हैं काम
भारत में भी तेजी से कोरोना वैक्सीन को बनाने पर काम चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अहमदाबाद के Zydus Biotech Park, हैदराबाद में भारत Bioteck और पुणे में Serum Institute में वैक्सीन की तैयारियों का जायजा ले चुके हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही कोरोना वैक्सीन को लेकर खुशखबरी आ सकती है. 

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के मुताबिक उनकी कोरोना वैक्सीन जल्द ही उपयोग के लिए तैयार होगी. कंपनी का कहना है कि उनकी 'कोवीशील्ड' के ट्रायल के नतीजे शानदार रहे हैं. कंपनी के प्रमुख अधिकारी कह चुके हैं कि कोविशील्ड के इमर्जेंसी में इस्तेमाल की इजाजत के लिए जल्द ही आवेदन किया जाएगा. वहीं रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik V के भारत में ह्यूमन ट्रायल को मंजूरी मिल चुकी है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) देश में कोरोना वैक्सीन की ईजाद से संबंधित हर जानकारी पर नजर बनाए हुए है. 

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