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धरती पर नहीं 'आकाश' में उगाई गई 'मूली', तस्वीरों में देखें पहली झलक

अंतरिक्ष में उगे इन मूली के पौधों को 2021 में पृथ्वी पर लाया जाएगा. ये खाने के काफी फायदेमंद हैं.

इस तकनीक का किया गया इस्तेमाल

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इस तकनीक का किया गया इस्तेमाल

नासा ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरिक्ष में इन प्लांट को उगाने के लिए  एडवांस प्लांट हैबिटैट (APH) का इस्तेमाल किया गया था इसलिए इस प्रयोग को प्लांट हैबिटैट -02 नाम दिया गया. NASA ने मूली का चयन इसलिए किया क्योंकि वैज्ञानिकों को विश्वास था कि 27 दिनों में वह पूरी तरह तैयार हो जाएगी. (फोटो साभार-NASA)

चैम्बर की रोशनी में उगती है सब्जियां

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चैम्बर की रोशनी में उगती है सब्जियां

नासा के मुताबिक, मूली को उगाने में बेहद कम देखभाल की जरूरत पड़ती है. स्पेस के जिस चैम्बर में इसे उगाया जाता है, वहां लाल, नीली और हरी और व्हाइट एलईडी लाइट की रोशनी डाली जाती है ताकि पौधे की ग्रोथ अच्छी हो. अंतरिक्ष में उगाई गई मूली की तुलना फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर में उगाई गई मूली से की जाएगी. (फोटो साभार-NASA)

इस कारण किया गया Experiment

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इस कारण किया गया Experiment

नासा ने बताया कि उन पत्तेदार सब्जियों की तुलना में मूली की फसल सबसे अलग है, जो अंतरिक्ष यात्री पहले उगाते थे. इन प्रयोगों से वैज्ञानिकों को यह निर्धारित करने में मदद मिलती है कि कौन से पौधे माइक्रोग्रैविटी में पनपते हैं और लंबी अवधि के मिशनों पर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सर्वोत्तम किस्म और पोषण संतुलन प्रदान करते हैं. (फोटो साभार-NASA)

खाने के लिए सबसे बढ़िया और पौष्टिक

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खाने के लिए सबसे बढ़िया और पौष्टिक

वैज्ञानिकों के अनुसार, ये मॉडल प्लांट भी पौष्टिक और खाद्य होते हैं, और आनुवंशिक रूप से अरेबिडोप्सिस के समान होते हैं, जो गोभी से संबंधित एक छोटे से फूल वाले पौधे होते हैं जो शोधकर्ताओं ने अक्सर सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में अध्ययन किए हैं. यह खाने लायक भी हैं. (फोटो साभार-NASA)

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