NASA के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल पर खोजे जीवन के संकेत, 4 अरब साल पहले आई थी बाढ़

एक नए अध्ययन में पता चला है कि मंगल ग्रह (Mars) की भू-मध्य रेखा पर लगभग चार अरब वर्ष पहले भीषण बाढ़ आई थी और इस शोध से इस बात का संकेत मिलता है कि मंगल पर जीवन मौजूद हो सकता है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Nov 24, 2020, 14:47 PM IST

मंगल ग्रह (Mars) की भू-मध्य रेखा पर लगभग चार अरब साल पहले भीषण बाढ़ आई थी. इस बात का खुलासा एक नए अध्ययन में हुआ है और बताया जा रहा है कि इससे इस बात का संकेत मिलता है कि मंगल पर जीवन मौजूद हो सकता है. 'साइंटिफिक रिपो‌र्ट्स' नामक जर्नल में प्रकाशित शोध में नासा के क्यूरियोसिटी रोवर द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों का आकलन करने के बाद वैज्ञानिकों ने बाढ़ का पता लगाया है.

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2011 में लॉन्च हुआ था रोवर

Rover was launched in 2011

नासा द्वारा यह रोवर नवंबर 2011 में लॉन्च किया गया था और शोध के दौरान यह पाया गया कि उल्कापिंड के प्रभाव में आकर मंगल ग्रह की बर्फ पिघली और वहां पर भयानक बाढ़ आई.

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4 अरब साल पहले था पानी

Water 4 billion years ago

जैक्सन स्टेट यूनिवर्सिटी, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्‍ययन का निष्‍कर्ष सामने आया है. इसके अनुसार प्राचीन उल्कापिंडों के अध्‍ययन में पाया गया है मंगल ग्रह पर करीब 4 अरब साल पहले पानी बना था.

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विनाशकारी बाढ़

Catastrophic flood

वैज्ञानिकों ने क्यूरियोसिटी से मिले आंकड़ों की जांच करने के बाद पता लगाया कि गेल क्रेटर में इस भयावह बाढ़ के पानी की गहराई करीब 78 फीट थी, लेकिन लहरें उठने के बाद यह काफी विनाशकारी हो गई थी. हर सेकेंड एक 32 फीट ऊंची लहर उठ रही थी.

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बर्फ पिघलने से आई बाढ़

Melting snow floods

बताया जा रहा है कि 400 करोड़ साल पहले मंगल ग्रह पर ज्यादा मात्रा में बर्फ रही होंगी और इस पर कोई एस्टेरॉयड आकर गिरा होगा. इस टक्कर के बाद निकली ऊर्जा और गर्मी के कारण बर्फ पिघल गई होगी और इसने भयानक बाढ़ का रूप ले लिया होगा.

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मंगल ग्रह पर हवा और पानी

Air and water on mars

शोध के सह लेखक और कार्नेल यूनिवर्सिटी के अल्बर्टो जी फेयरन ने कहा, 'हमने क्यूरियोसिटी रोवर के आंकड़ों का उपयोग करके मंगल ग्रह पर बाढ़ आने की पहचान की. आंकड़ों के अनुसार लगभग चार अरब वर्ष से मंगल ग्रह पर हवा और पानी मिश्रित यह भूगर्भीय विशेषताएं जमी हुई हैं.