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10 साल के बाद फिर बम धमाकों से थर्रा उठा श्रीलंका, 3 भारतीय सहित 215 की मौत

इन धमाकों के साथ ही लिट्टे के साथ खूनी संघर्ष के खत्म होने के बाद करीब एक दशक से जारी शांति भी भंग हो गई.

10 साल के बाद फिर बम धमाकों से थर्रा उठा श्रीलंका, 3 भारतीय सहित 215 की मौत

कोलंबो: श्रीलंका में ईस्टर पर रविवार को हुए तीन चर्चों और लग्जरी होटलों में हुए आत्मघाती हमलों समेत आठ बम धमाकों में 215 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 500 अन्य घायल हो गए. इन धमाकों के साथ ही लिट्टे के साथ खूनी संघर्ष के खत्म होने के बाद करीब एक दशक से जारी शांति भी भंग हो गई. पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेकरा ने बताया कि द्वीपीय राष्ट्र में हुए सबसे खतरनाक हमलों में से एक, ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए.

वहीं अन्य तीन विस्फोट पांच सितारा होटलों - शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए. अधिकारियों के मुताबिक सिनामोन ग्रांड होटल के रेस्तरां में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया. गुनसेखरा ने धमाकों में 207 लोगों की मौत की पुष्टि की है. वहीं न्यूज फर्स्ट चैनल के मुताबिक मृतकों की संख्या 215 है.

श्रीलंकाई पर्यटन विभाग के अध्यक्ष किशु गोम्स ने कहा कि इन सिलसिलेवार धमाकों में 33 विदेशी नागरिक मारे गए हैं. माना जा रहा है कि एक ही संगठन ने इस धमाकों को अंजाम दिया. नेशनल हॉस्पीटल के निदेशक डॉ. अनिल जयसिंघे ने 33 में से 12 विदेशियों की पहचान की है जिनमें तीन भारतीय, दो चीनी व पोलैंड, डेनमार्क, जापान, पाकिस्तान, अमेरिका, मोरक्को और बांग्लादेश के एक-एक नागरिक शामिल हैं. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर तीन भारतीय की पहचान लक्ष्मी, नारायण चंद्रशेखर और रमेश के तौर पर की है.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने जानकारी दी है कि नेशनल हॉस्पीटल ने उन्हें तीन भारतीयों की मौत के बारे में सूचित किया है.” धमाकों में भारतीयों समेत करीब 500 लोग घायल हुए हैं. रविवार को हुए धमाकों की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि पूर्व में लिट्टे (एलटीटीई) ने यहां कई हमलों को अंजाम दिया था लेकिन 2009 में लिट्टे का खात्मा हो गया. संवाददाताओं को जानकारी देते हुए गुनासेकरा ने कहा कि पुलिस फिलहाल इस बात की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है कि क्या सभी हमले आत्मघाती थे.

उन्होंने हालांकि कहा कि काटुवापितिया (नेगोम्बो) चर्च में हुए बम धमाके में ऐसे संकेत मिलते हैं कि यह आत्मघाती हमले जैसा था. एक अनाम अधिकारी ने कहा कि एक आत्मघाती हमलावर ने सिनामोह ग्रांड होटल के रेस्तरां में विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया. गुनासेखरा ने कहा कि नेशनल अस्पताल में 66 शवों को रखा गया था जबकि 260 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

उन्होंने कहा कि 104 शवों को नेगोम्बो अस्पताल में रखा गया है जबकि 100 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. गुनासेखरा ने कहा कि बाद में, राजधानी के दक्षिणी उपनगर में कोलंबो चिड़ियाघर के पास एक शक्तिशाली धमाका हुआ जिसमें दो लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि पुलिस की एक टीम ओरुगोदावट्टा क्षेत्र के एक घर में जब जांच के लिए गई तो वहां मौजूद एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया. इस विस्फोट में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. रविवार को यहां आठ विस्फोट हो चुके हैं. आठवें विस्फोट के तुरंत बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगा दिया.

गुनासेखरा ने बताया कि यह कर्फ्यू अगले नोटिस तक प्रभावी रहेगा. रक्षा राज्य मंत्री रूवन विजेवर्धने ने कहा कि धमाकों के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि ये समन्वित हमले थे और इनके पीछे एक समूह था.” राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

सिरिसेना ने कहा, ‘‘ मैं इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूं. सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.’’ प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसे ‘‘कायराना हमला’’ बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘‘स्थिति को नियंत्रण’’ में करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने ट्वीट किया,‘‘ मैं श्रीलंका के नागरिकों से दुख की इस घड़ी में एकजुट एवं मजबूत बने रहने की अपील करता हूं.

सरकार स्थिति को काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठा रही है.’’ राजधानी में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अस्थायी रोक लगा दी है. श्रीलंका के आर्थिक सुधार एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री हर्षा डी सेल्वा ने कहा, ‘‘ बेहद भयावह दृश्य, मैंने लोगों के शरीर के अंगों को इधर-उधर बिखरे देखा.

आपातकालीन बल सभी जगह तैनात हैं.’’ कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने ट्वीट किया, ‘‘ विस्फोट आज कोलंबो और बट्टिकलोवा में हुए. हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. भारतीय नागरिक किसी भी तरह की सहायता, मदद और स्पष्टीकरण के लिए इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं- +94777903082, +94112422788, +94112422789 .’’ उच्चायुक्त ने अन्य एक ट्वीट में लिखा, ‘‘ दिए गए नंबरों के अलावा भारतीय नागरिक किसी भी सहायता व मदद और अन्य किसी स्पष्टीकरण के लिए +94777902082, +94772234176 नंबरों पर फोन कर सकते हैं.’’

पहले धमाकों की खबर कोलंबो के सेंट एंटोनी चर्च और राजधानी के बाहर नेगोम्बो में सेंट सेबेस्टियन चर्च से आई. सेंट सेबेस्टियन चर्च के फेसबुक पेज पर अंग्रेजी में लिखी गई एक पोस्ट में कहा, “हमारे चर्च में एक बम धमाका, अगर आपके परिजन वहां हैं तो कृपया आइये और मदद कीजिए.” सोशल मीडिया पर चल रही तस्वीरों में सेंट सेबेस्टियन चर्च को धमाके में व्यापक नुकसान नजर आ रहा है.

सरकारी डेली न्यूज की खबर के मुताबिक, इन विस्फोटों को देखते हुए भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दंगा पुलिस और विशेष कार्य बल समेत अतिरिक्त सुरक्षा बल को हवाई अड्डे के पास तैनात कर दिया गया है. सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. कोलंबो जिले में ईस्टर पर होने वाली सभी प्रार्थना सभाएं रद्द कर दी गई हैं.श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने इन हमलों को ‘नृशंस’ बताया है.