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वेनेजुएलाः सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हुई

प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सैन्य बलों ने कुछ स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और रबड़ की गोलियां दागीं. कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया.

वेनेजुएलाः सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हुई
राजधानी के उत्तर में एक कमान चौकी पर कब्जा करने के बाद शुरू हुए प्रदर्शन

कराकस: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ चार दिन पहले शुरू हुए प्रदर्शनों में 26 लोगों की मौत हो गई है. कराकस स्थित आब्जर्वेट्री ऑफ सोशल कॉन्फ्लिक्ट ने गुरुवार को कहा कि मादुरो के विरोध में सैनिकों के एक समूह द्वारा राजधानी के उत्तर में एक कमान चौकी पर कब्जा करने के बाद शुरू हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की संख्या पहले 16 थी जो बढ़कर 26 हो गई है. प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सैन्य बलों ने कुछ स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और रबड़ की गोलियां दागीं. कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया.

वेनेजुएलाः गहराते आर्थिक संकट के बीच मादुरो ने दूसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ ली

वहीं बीते 23 जनवरी को ही उपराष्ट्रपति ने अमेरिका के अपने समकक्ष पर ''खुले तौर पर तख्तापलटने का आह्वान'' करने का आरोप लगाया है. डेल्सी रॉड्रिगेज ने टेलीविजन पर कहा, ''अमेरिकी घर जाओ! हम उन्हें अपने देश के मामलों में दखल देने नहीं देंगे.'' इससे पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने टि्वटर पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ऐसा तानाशाह बताया था, जिनके पास सत्ता में रहने का कोई वैध दावा नहीं है. पेंस की इस टिप्पणी के जवाब में वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति की यह प्रतिक्रिया आई थी. 

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बता दें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने बीते 11 जनवरी को भारी विवादों के बीच दोबारा राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, जिसका यूरोपीय संघ, अमेरिका और वेनेजुएला के दक्षिण अमेरिका के पड़ोसी देशों ने बहिष्कार किया था. दरअसल, निकोलस मादुरो पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पद छोड़ने का दबाव था, जिसके चलते एक कई लैटिन अमेरिकी देशों की सरकार सहित कनाडा ने मादुरो के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने पर अपना गहरा विरोध जताया था.