जान दे देंगे लेकिन पाकिस्तान नहीं लौटेंगे हिंदू

पाकिस्तान में हिंदुओं पर जुल्म की घटनाएं कोई नई नहीं हैं. ऐसे में वहां से हिंदू परिवारों का जत्था अक्सर भारत की तरफ मदद की आस में देखता है. लेकिन राजस्थान सरकार इन प्रताड़ित हिंदू परिवारों को वापस भेजने की साजिश कर रही है. लेकिन पीड़ितों ने भी कह दिया है कि वह जान दे देंगे लेकिन पाकिस्तान वापस नहीं लौटेंगे. 

जान दे देंगे लेकिन पाकिस्तान नहीं लौटेंगे हिंदू

जयपुर: पाकिस्तान से भागकर राजस्थान में शरण लिए हुए कई हिंदू परिवारों को पाकिस्तान भेजे जाने की तैयारी हो रही है. इन सभी पर वीजा नियमो के उल्लंघन का आरोप लगा है. जिसके बाद हिंदू परिवार के 19 में से 6 सदस्यों को 6 साल बाद पाकिस्तान भेजने का नोटिस दिया गया है 

मर जाएंगे लेकिन नहीं लौटेंगे पाकिस्तान
पाकिस्तान से प्रताड़ना झेलकर आए हिंदू परिवार का कहना है कि उनके उपर  पाकिस्तान में अत्याचार होते थे.  इसलिए वे सभी पाकिस्तान छोड़कर भारत आए थे.  अब यही मर जायेंगे लेकिन वापस पाकिस्तान नही जाएंगे. अपनों के बीच सुकून से जीवन जीने की उम्मीद से आए इन परिवार के 6 लोगों को राजस्थान सरकार की सीआईडी वापस पाकिस्तान भेज रही है.  जबकि यह हिंदू परिवार पिछले 6 साल से शांति से बच्चों के साथ रह रहा है. 

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जवान हिंदू बेटी को पाकिस्तानी दरिंदों के बीच भेज रही है सीआईडी
इस हिंदू परिवार के लिए सीआईडी का यह नोटिस किसी मौत के फरमान से कम नही है. सीआईडी ने परिवार के मुखिया सहित रोजी रोटी चलाने वाले 5 लोगो और उनकी जवान बेटी पर वीजा नियमो के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तत्काल पाकिस्तान रवाना करने के आदेश दिए. जबकि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में किस तरह युवा हिंदू लड़कियों का अपहरण करके उनपर अमानवीय जुल्म किए जाते हैं. 

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बेहद बेचैन है यह हिंदू परिवार
आंखों में आंसू और परिवार से बिछड़ने का दुख क्या होता है, इसका अंदाजा इस हिंदू परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चों को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है. यह परिवार 6 साल पहले पाकिस्तान में होने वाली धार्मिक, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से वह बचने के लिए भारत आया था. जिससे कि वह सभी आगे का जीवन अपने बच्चों और परिवार के साथ शांति व सुकून से गुजार सके. भारत में परिवार के मुखिया सहित 19 सदस्य पिछले 6 साल से जोधपुर और जैसलमेर के इलाके में अपने रिश्तेदारों के यहां रहकर मजदूरी कर अपना पेट पाल रहे थे, लेकिन अचानक सीआईडी जोधपुर ने गृह मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए परिवार के मुखिया और कमाऊ बेटों और एक बेटी पर वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से भारत छोड़ने का फरमान जारी कर दिया.

अब यह पीड़ित परिवार सीआईडी कार्यालय जिला कलेक्टर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहा है.

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पाकिस्तान के रहमयार इलाके का रहने वाला है हिंदू परिवार
पाकिस्तान के रहमयार जिले के गांव में रहने वाला परिवार 6 साल पहले पाकिस्तान में हो रहे अत्याचारों से परेशान होकर परिवार के साथ जोधपुर पहुंचा, लेकिन परिवार का आरोप है कि 6 साल तक प्रशासन उन्हें एलटीवी वीजा एक्सटेंशन और नागरिकता के नाम पर बुलाता रहा. पीड़ित परिवार का आरोप है कि वह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं और इसी का फायदा उठाते हुए प्रशासन ने उनके साथ धोखा किया. 

अब अचानक परिवार के मुखिया सहित परिवार के बड़े लोगों को वापस पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी. 

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महिलाओं ने दी है चेतावनी

परिवार की महिलाओं ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान में हो रहे अत्याचार को छोड़कर  भारत में आए, लेकिन अब यहां का प्रशासन उन्हें जबरन पाकिस्तान भेजने पर तुला हुआ है.  महिलाओं ने चेतावनी दी है कि वह मर जाएंगे लेकिन किसी भी सूरत में ना तो वह अपने पति और परिवार के लोगों को पाकिस्तान जाने देंगे और ना ही वह खुद पाकिस्तान जाएंगे.

इस हिंदू परिवार ने सरकार से गुहार लगाई है कि वह उन्हें अपनो के साथ हिदुस्तान मे ही रहने दें.