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सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद, कुछ ऐसी रही देश की प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसके बाद तेज में प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है. हर कोई सर्वोच्च अदालत के फैसले का स्वागत कर रहा है, लेकिन सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं.

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद, कुछ ऐसी रही देश की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: देश के सबसे पुराने मामले का निस्तारण हो चुका है. जी हां, राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद जमीन विवाद का केस सुलझ चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसले का ऐलान कर दिया है. देश की सर्वोच्च अदालत ने ये साफ कर दिया है कि विवादित जमीन राम जन्मभूमि न्यास को ही दी गई है. कानूनी आधार पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने ये कहा है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन दी जानी सुनिश्चित की गई है. जिसे केंद्र और राज्य सरकार मुहैया कराएगी.

शुरू हुआ प्रतिक्रिया का दौर

इस बीच भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी भी खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि 'अयोध्या विवाद के एक महत्वपूर्ण पहलू पर सुप्रीम कोर्ट ने देश के सामने अपना निर्णय सुनाया है. ये निर्णय सबको सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए. और इसके साथ प्रयत्न होना चाहिए कि इस आदेश की दृष्टि जिस तरफ है उसका भी पालन किया जाना चाहिए. समूचे देश में शांति और सौहार्द बना रहना चाहिए.'

सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी इस फैसले का स्वागत किया है. और इसे शत प्रतिशत सही करार दिया है.

भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि 'आज कोर्ट ने जमीन के अंदर जो कुछ मिला है उसको मान्यता दे दी है. तो मेरा आपसे यही आग्रह है कि सब लोग शांति बना कर रखें, सद्भाव बना कर रखें. और जो मुसलमानों को जमीन देने की बात कही गई है. खोजकर जमीन सरकार उन्हें दे. ताकि वो भी अपनी मस्जिद का निर्माण करा सकें..धर्मिक स्थल का निर्माण करा सकें.'

इसके अलावा पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा है कि 'सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दिया है. मुझे लगता है उस संतुलित निर्णय का हम सभी को संयम और संतुलित मन से स्वीकार करना चाहिए.'

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इसके अलावा संघ विचारक एमजी वैद्य ने भी फैसले पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि 'इस निर्णय की वार्ता जो मैने टीवी पर देखी. पढ़कर मुझे समाधान हुआ है. जो विवादग्रस्त जमीन थी वो निर्विवाद हो गई है कि वहां राममंदिर था. और वहां राममंदिर बनना चाहिए, वहां राम मंदिर बनेगा. कोर्ट के निर्णय से स्पष्ट हो गया है.'

योगगुरू बाबा रामदेव ने भी सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए खशी जाहिर की है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. हिंदू महासभा के वकील ने इसे ऐतिहासिक फैसला करार दिया.

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राम जन्मभूमि पर सुप्रीम फैसले के बाद कुछ वकीलों ने जय श्री राम का नारा लगाया, लेकिन उन्हें दूसरे वकीलों ने उन्हें रोका.

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने बयान दिया. उन्होंने कहा कि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं है. हम आगे के कदमों पर विचार कर रहे हैं.

देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

इकबाल अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि ये खुशी की बात है कि इस मामले पर अंतिम फैसला आ गया है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस फैसले को सौहार्द पूर्वक स्वीकार करना चाहिए.

फैसले को लेकर सरकार अलर्ट

देश के सबसे बड़े केस राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर शनिवार सुबह फैसला आ चुका गया. जिसमें विवादित जमीन रामलला विराजमान को दे दी गई है. यानी राम मंदिर का निर्माण होना सुनिश्चित हो गया है. इसे देखते हुए देश भर में हलचल तेज हो गई है. यूपी में 3 दिन के लिए सभी स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. सेना और सुरक्षाबलों ने यूपी समेत देश के कई संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया है. फैसला सुनाने से पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ शुक्रवार को बैठक की और कानून व्यवस्था से संबंधित कई निर्देश जारी किया था. इसके बाद ही अयोध्या को किले में तब्दील कर दिया गया.

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10 अस्थाई जेल तैयार

जानकारी के मुताबिक 'श्री रामलला मार्ग की गलियों में बैरिकेडिंग लगाकर रास्तों को रोक दिया गया है. प्रमुख मार्गों पर भी बैरिकेट्स लगाए गए हैं. हालांकि प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारु रखा गया है. श्रीराम लीला रामपुर क्षेत्र में गलियों के बाहर पुलिस जवानों को तैनात किया गया है. सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. वहां 10 अस्थाई जेल बनाई गई हैं और 28 दिसंबर तक धारा 144 लगा दी गई है. सुरक्षा को देखते हुए अयोध्या को 4 जोन में बांटा गया है.'

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यूपी पुलिस ने सोशल मीडिया से अफवाह फैलाने वाले और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ बड़ी मोर्चेबंदी और कार्रवाई की तैयारी की है. सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों की जानकारी जुटाकर थानों में रजिस्टर बनाया जाएगा. रजिस्टर में दर्ज लोगों पर पुलिस खास नजर रखेगी. पुलिस ने वॉट्सएप नंबर 8874327341 जारी किया है. आम लोग सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट और ऐसे लोगों के बारे में इस नंबर पर जानकारी दे सकते हैं.

इस मामले में लगातार लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है. हर कोई इस फैसले का स्वागत करते हुए देश में शांति बनाए रखने की अपील की है.