बंगाल में जाधवपुर के छात्रों ने गवर्नर को घेरा, नारे लगाए और काले झंडे भी दिखाए

पश्चिम बंगाल में CAA का विरोध प्रदर्शन हर दिन नए गुल खिला रहा है. मंगलवार सुबह जाधवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने राज्यपाल का घेराव कर दिया और उन्हें बाहर जाने की इजाजत नहीं दी. यहीं नहीं उनके खिलाफ नारे भी लगाए और काले झंडे भी दिखाए.

 बंगाल में जाधवपुर के छात्रों ने गवर्नर को घेरा, नारे लगाए और काले झंडे भी दिखाए

कोलकत्ता: पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध का स्तर बढ़ता ही जा रहा है. कभी विरोध के नाम पर सरकारी संपत्तियों का नुकसान तो कभी किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का घेराव. कोलकता के जाधवपुर यूनिवर्सिटी में मंगलवार की सुबह कुछ ऐसा ही हुआ जब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखर को विरोध कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय के बाहर से ही घेर लिया. जाधवपुर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति व राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में छात्रों ने काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ खूब नारेबाजी की. 

राज्यपाल ने कहा "बंगाल में खत्म हो गई है कानून व्यवस्था"

जब राज्यपाल जगदीप धनखर बाहर जा न सके तो सुरक्षाबलों ने उनकी सुरक्षा के इंतजाम अंदर ही किए. राज्यपाल जगदीप धनखर इसके बाद छात्रों की इस हरकत से काफी नाराज हो गए. उन्होंने इसका ठिकरा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सिर पर फोड़ते हुए कहा कि "एक गवर्नर और विश्वविद्यालय का चांसलर रहते हुए यह मेरे लिए काफी दर्दनाक है. यह एक तरह से पूरी तरह से राज्य में कानून व्यवस्था का राज खत्म हो जाना जैसा है. राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को अपने काबू में रख लिया है."

राज्य में हर तरफ हो रहा है CAA का विरोध

उन्होंने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह से कानून व्यवस्था बनाया जाना वाकई बेहत चिंताजनक है. मालूम हो कि राज्य में पिछले कई दिनों से नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उग्र माहौल बना हुआ है. सड़कों पर, विश्वविद्यालयों में, दफ्तरों में सभी जगह CAA का विरोध प्रदर्शन हो रहा है. यहां तक की बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सड़कों पर उतर कर पैदल मार्च के जरिए विरोध जता रही हैं. 

मौके जब-जब भिड़े राज्यपाल और मुख्यमंत्री

इसके अलावा पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के साथ इस तरह की बहुत सी घटनाएं हाल के दिनों में देखने को मिली हैं. पिछले दिनों राज्यपाल को राज्य के विधानसभा के बाहर रोका गया था. उन्हें असेंबली में घुसने की इजाजत नहीं मिली थी. जबकि वे पहले आमंत्रित किए गए थे. इसके अलावा कई ऐसे मौके भी आए जब राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में तनाव की स्थिति बन आई.