अब भारत की सेना के मुखिया की आयु सीमा 65 वर्ष

भारत की सैनिक नियमावली में परिवर्तन हुआ है और अब सेनाध्यक्ष 65 वर्ष की आयु तक अपने पद पर कार्य कर सकेंगे..  

अब भारत की सेना के मुखिया की आयु सीमा 65 वर्ष

नई दिल्ली. यथा राजा तथा प्रजा. युवा सोच वाली भारतीय सेना का सेनाध्यक्ष कैसे वृद्ध हो सकता है. इस तथ्य का व्यावहारिक क्रियान्वयन देखा गया है भारत की सेना में और अब सेनाध्यक्ष की आयु सीमा भी तय हो गई है. भारत में अब से सेनाध्यक्ष के कार्यकाल की सीमा 65 वर्ष से अधिक आयु से ऊपर नहीं होगी. 

सैन्य नियमावली में परिवर्तन 

भारत सरकार ने सैनिक नियमावली में आवश्यक परिवर्तन किये हैं . इसमें सबसे अहम् परिवर्तन के तौर पर सेनाध्यक्ष की आयु सीमा तय करना माना जा रहा है. तीनों सेनाओं के प्रमुख की रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष होगी. यदि थलसेना, जलसेना और वायुसेना प्रमुख में से कोई एक चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ बनाया जाएगा तो वह 65 साल की आयु तक उस पद पर काम कर सकेगा. अब तक जो नियम थे उनके अनुसार सेनाध्यक्ष अपने पद पर तीन साल या 62 साल  की उम्र तक रह सकते हैं, अथवा इन दोनों में से जो पहले हो जाए.

अब तक वर्ष 1954 के नियम चल रहे थे 

रक्षा मंत्रालय की अधिसूचना से मिली जानकारी के मुताबिक़ भारत की सैन्य नियमावली, 1954 में बदलाव किए गए हैं. इसमें किसी भी सैन्य प्रमुख के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ चुने जाने पर उनके कार्यकाल की अधिकतम आयु 65 वर्ष की गई है. इससे पहले सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति ने एक ऐतिहासिक फैसला ले कर चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ के पद के निर्माण को सहमति प्रदान की थी. ये सीडीएस तीनों सेनाओं से संबंधित मामलों के लिए रक्षा मंत्री के साथ सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत होंगे. प्रधानमंत्री के साथ वे न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी के सदस्य के रूप में कार्य करेंगे. 

रावत हो सकते हैं प्रथम चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ 

भारत का प्रथम चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ अभी तय नहीं हुआ है. यद्यपि माना  यही जा रहा है कि आर्मी चीफ विपिन रावत भारत के फर्स्ट सीडीएस बन सकते हैं. ज़ाहिर है चूंकि इस बारे में अभी अंतिम निर्णय लिया जाना है इस लिए इस संबंध में भारत सरकार या रक्षामंत्रालय का कोई वक्तव्य प्रकाश में नहीं आया है. महत्वपूर्ण बात ये भी है कि जनरल विपिन रावत दो दिन बाद साल के अंतिम दिन 31
दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. 

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