close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बंगाल में 'रक्त चरित्र' के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, अबतक दो गिरफ्तार

मुर्शिदाबाद में आरएसएस कर्याकर्ता और उसके परिवार के हत्याकांड को लेकर स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया, वहीं पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

बंगाल में 'रक्त चरित्र' के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, अबतक दो गिरफ्तार
हत्याकांड के विरोध में धरना प्रदर्शन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आरएसएस कार्यकर्ता और उसके परिवार की हत्या के विरोध में आज स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और जियागंज पुलिस स्टेशन के बाहर धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान भारी संख्या में भीड़ मौजूद रही. 

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मुर्शिदाबाद में आरएसएस कार्यकर्ता बुंध प्रकाश पाल और उसके परिवार की बर्बरता से हत्या कर दी गई थी. पुलिस को विजयादशमी के दिन बंधु प्रकाश पाल, उनकी गर्भवती पत्नी और 6 साल के बच्चे के शव मिले थे. इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है.

पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

आएएसएस कार्यकर्ता और उसके परिवार की हत्या के सिलसिले में स्थानीय पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. वहीं सीआईडी से इस हत्याकांड की जांच से जुड़ने के लिए कहा गया है. माना जा रहा है कि इस हत्याकांड के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी थी.

हत्याकांड ने लिया सियासी रंग

इस वारदात ने देखते ही देखते सियासी रंग ले लिया है. बंधु प्रकाश पाल, उसकी गर्भवती पत्नी और 6 वर्षीय बच्चे के हत्याकांड पर सियासी पारा हाई है. सभी विपक्षी पार्टियों ने इस हत्याकांड पर अपना गहरा रोष व्यक्त किया है. भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस परिवार की हत्या हुई वह आरएसएस का कार्यकर्ता था. पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है. पश्चिम बंगाल में जंगल राज है. भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी इस हत्याकांड का वीडियो जारी करते हुए अवार्ड वापसी गैंग पर हमला बोला था. ट्वीटर पर वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था. उन्होंने अखलाक के घटना की जिक्र की थी.

राज्य में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए: कांग्रेस

लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए. वहीं जेडीयू नेता केसी त्यागी ने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा था कि प्रदेश के मुखिया का पहला कार्य अपने नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना है.

जाहिर है, इस वारदात के बाद ममता सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे में साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव में ममता की टीएमसी को इस घटना का भी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.