क्या है जिलेटिन स्टिक्स? जिसने एक महीने में दो बार कर्नाटक को दहलाया

चिक्कबल्लापुर के हिरेनागवली में सोमवार रात यह घटना हुई. गृह मंत्री बासवराज बोम्मई और जिला प्रभारी मंत्री डॉ.के.सुधाकर ने चिक्कबल्लापुर के हिरेनागवली गांव का दौरा किया है. सीएम बीएस येदयुरप्पा ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Feb 23, 2021, 11:58 AM IST
  • कर्नाटक में चिक्कबल्लापुर के हिरेनागवली में सोमवार रात घटना हुई
  • गैरकानूनी तौर पर रखा था जिलेटिन, नष्ट करने के दौरान हुई घटना
क्या है जिलेटिन स्टिक्स? जिसने एक महीने में दो बार कर्नाटक को दहलाया

बेंगलुरुः कर्नाटक में एक बार फिर जिलेटिन ब्लास्ट से भीषण हादसा सामने आया है. जानकारी के मुताबिक जिलेटिन स्टिक में ब्लास्ट से 6 लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर घायल हो गया. ये ब्लास्ट उस दौरान हुआ जब अवैध तरीके से रखे गए जिलेटिन को नष्ट करने की कोशिश की जा रही थी. क्योंकि कुछ देर में वहां पुलिस छापा मारने वाली थी. घटना चिक्कबल्लापुर के हीरेनगवल्ली गांव में हुई है. 

इस हादसे को लेकर जहां पीएम मोदी ने शोक जताया है, वहीं सीएम बीएस येदयुरप्पा ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. 

सीएम ने दिए हैं जांच के आदेश
सामने आया है कि चिक्कबल्लापुर के हिरेनागवली में सोमवार रात यह घटना हुई. गृह मंत्री बासवराज बोम्मई और जिला प्रभारी मंत्री डॉ.के.सुधाकर ने चिक्कबल्लापुर के हिरेनागवली गांव का दौरा किया है. सीएम बीएस येदयुरप्पा ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ”जिलेटिन धमाके के कारण हिरेनगावल्ली गांव चिक्काबल्लापुर के पास 6 लोगों की मौत चौंकाने वाली है. जिला प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं.”

पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा- “कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में हादसे के चलते जान-माल के नुकसान से दुख पहुंचा है. घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं.”कर्नाटक के खान मंत्री ने आगे कहा- “चिक्कबल्लापुर में हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हुई जबकि एक घायल है. यह घटना बड़ी संख्या में विस्फोटक एक जगह रखने के चलते हुई है.

एक महीने पहले भी हुई थी घटना
कर्नाटक के शिमोगा जिले में पिछले महीने भी ठीक ऐसी ही घटना सामने आई थी. 21 जनवरी की रात यहां एक बड़ा धमाका हुआ. इस धमाके से आठ लोगों की मौत हो गई. ये घटना एक बोल्डर क्रशिंग साइट के पास हुई थी. धमाका ऐसा था कि लोगों को लगा भूकंप आ गया.

सामने आया कि बोल्डर क्रशिंग साइट पर एक ट्रक खड़ा हुआ था. इस में ट्रक विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी. खबरों के मुताबिक, यहीं एक बहुत बड़ा विस्फोट हुआ था. इसके कारण छह लोगों की मौत तो मौके पर ही हो गई थी. 

क्या है जिलेटिन स्टिक्स?
एक महीने के भीतर कर्नाटक को दो बार दहलाने वाले जिलेटिन स्टिक्स क्या हैं? दरअसल, जिलेटिन स्टिक्स रासायनिक प्रक्रिया के तहत बनाई गई विस्फोटक छड़े हैं. इसका आविष्कार रसायन शास्त्री अल्फ्रेड नोबल ने किया था. 

अल्फ्रेड नोबल ने किया आविष्कार
अल्फ्रेड नोबल ने एक दर्द निवारक केमिकल कोलोडियन और नाइट्रोग्लिसरीन को मिलाकर देख रहे थे कि इससे क्या होगा. नोबल के सामने संतोषजनक निष्कर्ष आए. जब इस सॉल्वेंट्स का वाष्पीकरण हो गया तो एक ठोस प्लास्टिक जैसा पदार्थ आखिरी में बचा. उन्होंने अलग-अलग केमिकल की मात्रा बदलकर और प्रयोग किए. इसी में ब्लास्टिंग जिलेटिन सामने आया. यह एक विस्फोटक है और इसका नाम  जिलिग्नाइट है. 

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भयंकर विस्फोटक है जिलेटिन
अल्फ्रेड नोबेल ने 1875 में जिलेग्नाइट का पेटेंट करा लिया. ब्लास्टिंग जिलेटिन ठोस होने के साथ प्लास्टिक भी था. इसका आकार भी बदला जा सकता था. औद्योगिक इस्तेमाल के लिए इसकी मोटी-मोटी छड़ बनाई जाने लगीं. जिलेग्नाइट की इन छड़ियों को जिलेटिन स्टिक्स कहा जाता है.

इन्हीं स्टिक्स ने कर्नाटक में दो बार धमाका किया है.  जिलेटिन स्टिक्स को सुरक्षित विस्फोटक कहा जाता है. इसे ले जाना, इधर-उधर ढोना Safe है, लेकिन अगर इसे विस्फोट के अनुकूल परिस्थियां मिलीं तो यह सब तहस-नहस कर देगा. जैसा कि कर्नाटक के गांव में सामने आई घटना इसका उदाहरण है. 

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