छेड़छाड़ मामले में मुंबई पुलिस अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर

देश में छेड़छाड़ के मामले भी उतने ही आम हैं जितने बलात्कार के, अब मुंबई में भी छेड़छाड़ हुई है और एफआईआर दर्ज हुई है एक डीआईजी के विरुद्ध  

छेड़छाड़ मामले में मुंबई पुलिस अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर

मुंबई.  अगर देश रेप कैपिटल नहीं है तो अच्छा ही है क्योंकि छेड़छाड़ कैपिटल तो है भारत दुनिया का. यदि देश की पुलिस ईमानदारी से छेड़छाड़ के सारे मामलों पर एफआईआर लिखने लग जाए और इसी तरह हर छेड़छाड़ का शिकार इसकी एफआईआर लिखाए तो उन आंकड़ों को देख कर आप चौंक जाएंगे. अनुमान आप स्वयं अपने क्षेत्र में हो रही छेड़छाड़ की रोज़ाना की वारदातों से लगा लें. अब मुंबई में हुई ऐसी ही एक छेड़छाड़ के आरोपी हैं एक पुलिस अधिकारी, वो भी छोटे-मोटे नहीं, बड़े वाले, डीआईजी हैं साहब.

मामला है नवी मुंबई का

नवी मुंबई में पुलिस को एक एफआईआर लिखनी पड़ी है जिसमें केंद्रीय भूमिका में उनके अपने शहर के बड़े पुलिस अधिकारी हैं. कहने का मतलब है कि इस एफआईआर के अनुसार छेड़छाड़ का आरोपी मुंबई के डीआईजी हैं. 

शिकार हुई है एक नाबालिग 

चाहे बालिग़ हो या नाबालिग या कहें कि शादी-शुदा महिला हो या गैर-शादीशुदा - छेड़छाड़ सबकी होती है. छेड़छाड़ करने वालों के लिए सामने एक स्त्री होनी चाहिए, आयु से उनका कोई लेना-देना नहीं है. इस घटना में जो एफआईआर लिखाने वाली है वह एक नाबालिग लड़की है जिसकी आयु सत्रह साल की है. 

आरोपी हैं डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल रैंक के पुलिस अधिकारी 

नाबालिग लड़की ने अपने साथ हुई छेड़छाड़ के लिए एक डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल रैंक के पुलिस अधिकारी के खिलाफ कंप्लेंट लिखाई है. इस पुलिस अधिकारी का नाम  डीआईजी निशिकांत मोरे.  निशिकांत मोरे पुणे में मोटर ट्रांसपोर्ट विभाग में पदस्थ हैं. छेड़छाड़ की शिकार लड़की ने नवी मुंबई के तलोजा पुलिस स्टेशन में इस अधिकारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई है.

बर्थडे पार्टी में हुई थी छेड़छाड़

जैसी जानकारी एफआईआर में लिखाई गई है उसके अनुसार 5 जून को नाबालिग लड़की का जन्म दिन था और उसी दिन निशिकांत मोरे ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी, हैरानी की बात ये है कि छेड़छाड़ इसी लड़की की बर्थडे पार्टी में की गई थी. आरोप लगाने वाली लड़की डीआईजी के मित्र की बेटी हैं. पुलिस कंप्लेन्ट में आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता की धारा 354(ए) (1) (I) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8, 9(A) (4), 10 लगाई गई हैं.  

ये भी पढ़ें. कर्नाटक में भी अब योगी फार्मूला, होगी सम्पत्ति जब्त