आपदा में अवसरः घरबैठे राजस्थानी संस्कृति से रूबरू करा रहा है सोशल मीडिया कैंपेन मरुमणि

 राजस्थान की वीर भोग्या धरती से केसरिया बालम के स्वागत की जो आवाज आती रही है  कोरोना संकट से उसके खामोश हो जाने का अंदेशा था. लेकिन आपदा में अवसर को मंत्र मानकर कलाकार जुट खड़े हुए और उन्होंने परंपरा को बचाने का रास्ता निकाल लिया है. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jun 6, 2020, 07:42 PM IST
    • सोशल मीडिया कैंपेन 'मरु मणि' की परिकल्पना को मीडिया के कुछ छात्रों ने साकार किया है
    • कलाकारों को ऑनलाइन मंच प्रदान करते हुए उनकी कला का सम्मान और आर्थिक संबल है उद्देश्य
आपदा में अवसरः घरबैठे राजस्थानी संस्कृति से रूबरू करा रहा है सोशल मीडिया कैंपेन मरुमणि

जोधपुरः कोरोना काल में रेत के रंग और उसकी चटख कलेवर वाली संस्कृति जीवित रहे इसके लिए सामने आया है 'मरु मणि' सोशल मीडिया कैंपेन. इस अभियान के तहत राजस्थान के लोक कलाकार वेबिनार के जरिए लाइव प्रस्तुति देंगे. इसका प्रसारण सोशल मीडिया माध्यमों पर लाइव किया जाएगा.

इसके जरिए मौशिकी पसंद लोग और राजस्थानी शान से जज्बाती तौर पर जुड़े कद्रदान इसका आनंद ले सकेंगे. लॉकडाउन के कारण अभी पर्यटन बंद ही है, ऐसे में राजस्थानी संस्कृति से घर बैठे रूबरू होने का यह सुनहरा मौका है. 

कलाकारों ने दिया आपदा में अवसर का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने पिछले दिए गए संबोधन में आत्मनिर्भरता और आपदा में अवसर जैसे मंत्रों का उल्लेख किया था. कोरोना संकट के इस दौर में जहां हर ओर तकरीबन तीन महीने लंबी तालाबंदी छाई रही वहीं अनलॉक-1 का ऐलान हो जाने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखना जरूरी है.

इस लिहाज से राजस्थान की वीर भोग्या धरती से केसरिया बालम के स्वागत की जो आवाज आती रही है उसके खामोश हो जाने का अंदेशा था. लेकिन आपदा में अवसर को मंत्र मानकर कलाकार जुट खड़े हुए और उन्होंने परंपरा को बचाने का रास्ता निकाल लिया है. 

लाइव प्रस्तुति में खूब मिली लोगों की दाद
सोशल मीडिया कैंपेन 'मरु मणि' की परिकल्पना को मीडिया के कुछ छात्रों के साथ मिलकर लोक संवाद संस्थान और रूपायन संस्थान साकार किया है. वेबिनार की पहले दिन की शुरुआत में ही इसे अभियान को लोगों का अच्छा समर्थन मिला है.

जूम वेबिनार के जरिए 14 कलाकारों ने शनिवार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति दी. सकूर खान लंगा ने अल्गोजा और मुरचंग पर अपनी प्रस्तुति दी तो रेत की संस्कृति खिल उठी और कुसुम कछावाह् और हयात मो. के पैरों में बंधें घुंघरुओं संग छमकने सी लगी. सैफ खान लंगा, सदम खान लंगा के समूह ने कार्यक्रम में आनंद के स्तर की ऊंचाई बढ़ा दी. लोक संवाद संस्थान की ओर से बताया गया कि आगामी तीन माह तक चलने वाले इस वेबिनार के जरिए जहां कलाकारों को मंच मिलेगा, वहीं उन्हें क्राउड फंडिंग के जरिए आर्थिक संबल भी दिया जाएगा.

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कोरोना संकट से डरें नहीं बल्कि लड़कर जिएं
इस अभियान का लक्ष्य है कि 'मरु मणि' के माध्यम से इन कलाकारों की सांस्कृतिक स्तर पर सहायता की जा सके और कोरोनाकाल में लोगों को डरने नहीं बल्कि लड़कर जीने के लिए प्रेरित किया जा सके. इस तरह डिजिचल मंच प्रदान कर अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम है. 

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