राफेल प्लेन उड़ा कर बनारस की बेटी शिवांगी ने रचा इतिहास

बनारस की बेटी शिवांगी सिंह का नाम आज पूरा देश जान चुका है. जी हां, हम बात कर रहे हैं  बनारस की रहने वाली शिवांगी सिंह का जिसने इतिहास रच दिया है.  राफेल के स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में शिवांगी इकलौती और पहली महिला पायलट के तौर पर शामिल की गई है.

राफेल प्लेन उड़ा कर बनारस की बेटी शिवांगी ने रचा इतिहास

बनारस: बनारस की शिवांगी सिंह लड़ाकू राफेल विमान उड़ाने वाली पहली महिला पायलट बन गई हैं. सुबह से ही शिवांगी ट्विटर पर ट्रेंड कर रही हैं. इससे पहले भी शिवांगी ने 2017 में इतिहास रचा था जब वह इंडियन एयरफ़ोर्स में फाइटर प्लेन उड़ाने वाली पांच महिला पायलटों में शामिल हुई थीं.

बता दें कि शिवांगी सिंह देश के सबसे ताकतवर फाइटर प्लेन राफेल के स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में इकलौती और पहली महिला पायलट के तौर पर शामिल की गई है.

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बीएचयू से एनसीसी करने के बाद शिवांगी ने भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्‍य प्राप्त किया है. शिवांगी की पोस्टिंग इस समय राजस्थान में है. शिवांगी वायु सेना का फाइटर विमान मिग -21 बाइसन उड़ाती हैं और वह पिछले कुछ समय से राफेल के लिए अंबाला में तकनीकी प्रशिक्षण ले रही थीं. शिवांगी में बचपन से ही फाइटर पायलट बनने का जुनून था क्योंकि वह अपने कर्नल रह चुके नाना से काफी प्रभावित थी. 2015 में शिवांगी का चुनाव भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग अफसर के रूप में हुआ.

इसी साल 10 सितंबर को पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप अंबाला एयरबेस पर औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना को सौंपी गई थी. ये विमान वायुसेना के 17वें स्क्वाड्रन, “गोल्डन एरो” का हिस्सा बन चुकी है. अंबाला में ही राफेल फाइटर जेट्स की पहली स्क्वाड्रन तैनात है. इस स्क्वाड्रन में 18 राफेल लड़ाकू विमान, तीन ट्रैनर और बाकी 15 फाइटर जेट्स भी शामिल होंगे.