चोरों के डर से रात भर जगने को मजबूर हैं इस गांव के लोग

गुजरात के सूरत में एक गांव के लोग चोरों से इतने परेशान हैं कि पुलिस पर से उनका भरोसा उठ गया है. अब वो रात भर जाग कर खुद अपने घरों की निगरानी कर रहे हैं. 

चोरों के डर से रात भर जगने को मजबूर हैं इस गांव के लोग

सूरत: गुजरात के सूरत में ओलपाड गांव के बाशिंदों की नींद हराम है. यहां हफ्ते भर के अंदर पांच चोरियां हो चुकी हैं. जिसके बाद ग्रामीण सतर्क हो गए हैं. 

पुलिस पर से उठा भरोसा
गुजरात के ओलपाड गांव के लोगों ने बढ़ती चोरियों को देखते हुए पुलिस पर यकीन करना छोड़ दिया है. अब वो अपने हाथों में लाठियां और डंडे लेकर खुद ही गांव की गलियों में पहरा दे रहे हैं. 

ये है इसकी वजह 
सूरत के ओलपाड में सर्दी के मौसम की शुरुआत होते ही चोरों की सक्रियता बढ़ गई है. ठण्ड के मौसम में लोग जल्दी ही अपने घरों में घुसकर सो जाते है. लेकिन इसका फायदा चोरी करने वाले गैंग उठाते हैं. 

इस इलाके में  एक सप्ताह के अंदर ही इस इलाके में पांच बड़ी चोरियों हो रही हैं. यहां तक कि गांव के भगवान के मंदिर को भी नहीं छोड़ा  गया है.  इस वजह से स्थानीय लोगो में काफी रोष नजर है. 

खुद से कर रहे हैं सुरक्षा
यही कारण है कि गुजरात के ओलपाड के इसनपुर और आसनाबाद इलाके में अब लोगों ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की आस छोड़कर खुद ही चोरो से अपनी सुरक्षा करने का निर्णय लिया है.

स्थानीय लोग हाथ में लकड़ी और धारदार हथियारों  के साथ अपने इलाके की सुरक्षा और चौकीदारी कर रहे है. पहरे के दौरान किसी के हाथ में लकड़ी के डंडे, तीक्ष्ण हथियार देखे जा सकते हैं. खास बात यह है की यहां की स्थानीय महिलाएं भी हाथो में डंडे लेकर पहरेदारी कर रही हैं. 

 इस इलाके में रात के समय चोरी करने वाली गैंग चोरी छुप के इलाके में घुसते है और चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं.  ठण्ड की शुरुआत होने के साथ ही चोरों ने हाहाकार मचा रखा है. 

मंदिर की दानपेटी चुरा ले गए चोर 
गुजरात के सूरत के असनाबाद में स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर में से तो चोर पूरी दानपेटी ही उठा ले गए और उसके बाद एक के बाद एक चार और चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया. चोरों ने एक बंद मकान में दिन-दहाड़े चोरी की घटना को अंजाम दिया. 

लगातार इस तरह से चोरी की बढ़ती घटनाओं को रोकने में पुलिस जब नाकाम रही. तब स्थानीय लोगो ने खुद ही अपनी सुरक्षा का बीड़ा उठाते हुए हाथों में हथियार लेकर अपने इलाको की सुरक्षा में लग गए हैं. 

हालांकि इन लोगों को पुलिसिंग की किसी तरह की ट्रेनिंग नहीं मिली हुई है. जिसकी वजह से इस इलाके में कभी भी किसी अंजान व्यक्ति की लिंचिंग जैसी घटना सामने आ सकती है. 

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