• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 2,76,685 और अबतक कुल केस- 7,93,802: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 4,95,513 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 21,604 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 62.08% से बेहतर होकर 62.42% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 19,135 मरीज ठीक हुए
  • पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 19,135 मरीज ठीक हो चुके हैं, ठीक हुए लोगों और सक्रिय मामलों के बीच का अंतर 2 लाख से अधिक है
  • भारत में प्रति मिलियन आबादी पर कोविड-19 के सबसे कम 538 मामले हैं जबकि वैश्विक औसत 1497 हैं
  • MoHFW ने कोविड-19 के हल्के मामलों में HCQ का उपयोग करने की सिफारिश की और गंभीर रोगियों को इसके सेवन से बचने की सलाह दी
  • एएसआई के स्मारकों में फ़िल्म शूटिंग करने के लिए 15 दिन के अंदर मिलेगी इजाजत
  • 750 मेगावाट की रीवा सौर परियोजना से हर साल करीब 15 लाख टन CO2 बराबर कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, PM राष्ट्र को करेंगे समर्पित
  • मंत्रालय एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना को जनवरी 2021 तक शेष सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू करने के लिए प्रयासरत है
  • MHRD: विज्ञान, तकनीक और कानून आदि जैसे विषयों पर प्राथमिक से PG तक की गुणवत्ता वाली सामग्री विभिन्न प्रारूपों में उपलब्ध है

चीनी Apps पर प्रतिबंध के बाद आपके मन में चल रहे सारे सवाल के जवाब, जानिए यहां

अगर आपके मन में भारत सरकार के उस फैसले को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिसके तहत 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. तो आपको सारे सवालों के जवाब इस खास रिपोर्ट में मिल जाएंगे..

चीनी Apps पर प्रतिबंध के बाद आपके मन में चल रहे सारे सवाल के जवाब, जानिए यहां

नई दिल्ली: भारत सरकार ने चमगादड़ चीन को सबक सिखाने के लिए एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया, जिससे उसकी कमर टूटनी तय है. चीन के 59 मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध के बाद सोशल मीडिया के जरिए लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं. यूजर्स समेत देशभर के लोगों के ज़ेहन में सवालों का किला खड़ा हो गया है.

Apps बैन से जुड़े हर सवाल के जवाब जानिए

जाहिर सी बात है कि चीन के 59 ऐप्स पर बैन लगने को लेकर तमाम सवाल उठने शुरू हो गए हैं. आपके मन में उठ रहे तमाम सवालों के जवाब से रूबरू करवाते हैं.

सवाल नंबर 1). भारत में बैन हुए ये सभी 59 चीनी ऐप्स क्या अब स्मार्टफोन में नहीं चल पाएंगे?

जवाब). सबसे पहले आपको ये समझने की जरूरत है कि इन 59 चीनी ऐप्स को बैन किया गया है, ब्लॉक नहीं किया गया है. मतलब साफ है कि स्मार्टफोन में ये ऐप्स चलते रहेंगे. आपको बता दें, इससे पहले भी कुछ चीनी ऐप्स पर भारत में प्रतिबंध लगाया जा चुका है.

सवाल नंबर 2). बैन लगाए जाने के बाद भी अबतक प्ले स्टोर/ऐप स्टोर पर ये सारे ऐप्स क्यों दिख रहे हैं?

जवाब). हर कोई इस सवाल का जवाब जानने के लिए बेकरार है कि अगर चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लग चुका है तो प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर ये ऐप्स शो क्यों कर रहे हैं? अगर आप ये सोच रहे हैं कि बैन के बावजूद भी चीनी ऐप्स को अपने फोन में डाउनलोड किया जा सकता है तो आप सरासर गलत हैं. क्योंकि किसी भी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद सरकार उन कंपनियों को सूचित करती हो, तो कंपनियां कुछ वक्त लेती हैं, जिसके बाद इस ओर एक्शन लिया जाता है और स्टोर्स से ऐप को हटाया जाता है.

लोग सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार ये सवाल उठा रहे हैं कि ये कैसा प्रतिबंध है जो अभी तक ये ऐप्स उपलब्ध हैं. ऐसे सवाल उठाने वालों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि इसके प्रावधान में जितना समय लगता है लगेगा.

सवाल नंबर 3). Tik Tok जैसे ऐप्स पर मौजूद यूजर्स के कंटेंट और डेटा का क्या होगा?

जवाब). हर कोई इस सवाल का जवाब बड़ी ही बेसब्री से जानना चाहता है कि जिन चीनी ऐप्स में लोगों के डेटा मौजूद हैं और उनपर प्रतिबंध लग गया है तो उन डेटा का क्या होगा. आपको बता दें कि अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि ऐप्स भारत में पूरी तरह से बैन किए जाएंगे या फिर सिर्फ ऐप स्टोर/प्ले स्टोर से हटाए जाएंगे.

लेकिन आपको बता दें, कि दो तरह के ऐप्स होते हैं. पहले जो यदि आप कोई वीडियो या फोटो बनाते हैं तो वो आपके उस ऐप्स पर मौजूद आपके अकाउंट के साथ-साथ आपके फोन में भी अपने आप सेव हो जाते हैं. इसमें फेसबुक, व्हाट्स ऐप और टिकटॉक जैसे ऐप्स में फीचर मौजूद हैं. लेकिन कुछ ऐप्स ऐसे होते हैं जिनसे आप वीडियो बनाने के बाद डाउनलोड नहीं करते हैं तो वो आपके फोन में नहीं बल्कि सिर्फ ऐप के स्टोरेज में मौजूद रहते हैं.

ऐसी स्थिति में यूजर्स के दो तरह के सवाल हैं कि डेटा जो सेव नहीं होते हैं क्या वो पर्मानेंटली डिलीट हो जाएंगे. आप समझिए, यदि आपका अकाउंट पर्मानेंटली बंद कर दिया जाएगा तो वो डेटा सिर्फ कंपनी के पास मौजूद रहेंगे. बाकि इसे लेकर सरकार ने कोई जानकारी नहीं दी है. और जो आपके मोबाइल में सेव होते आए हैं, उनका डेटा आपके फोन के साथ-साथ कंपनी के पास मौजूद रहेगा. ऐसा सभी ऐप्स की कंपनियों के पास डेटाबेस रहता है.

सवाल नंबर 4). तो क्या जिन यूजर्स के स्मार्टफोन में TikTok जैसे ऐप्स पहले से इंस्टॉल हैस वो उनका इस्तेमाल कर पाएंगे?

जवाब). इस सवाल का जवाब जानने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार आवाज उठाई जा रही है, क्योंकि पिछली बार जब TikTok जैसे चीनी ऐप्स को बैन किया गया था तो उसे ऐप स्टोर/प्ले स्टोर से हटाया गया था. लेकिन जिनके फोन में ऐप्स पहले से थे, वो उनका इस्तेमाल खुले तौर पर कर रहे थे. लेकिन कोई नया यूजर्स इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहा था.

ऐसे में सरकार यदि पिछली बार की तरह इस बार भी ऐप्स बैन के नियम रखती है तो, यूजर्स धड़ल्ले से ऐप्स का इस्तेमाल करेंगे और चीन को फायदा पहुंचाते रहेंगे. इतना ही नहीं लोग मोबाइल से ही ऐप्स को एक-दूसरे के साथ शेयर करने लगेंगे, जैसा कि पिछली बार देखा गया था. लेकिन फिलहाल सरकार ने इसकी तस्वीर साफ नहीं की है कि इन 59 ऐप्स पर बैन के नियम क्या रहेंगे.

सवाल नंबर 5). इन 59 ऐप्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने पर क्या इसका इस्तेमाल नहीं हो सकेगा?

जवाब). अगर भारत सरकार इसके लिए सख्त रुख अपनाए और पूरी तरह बैन लगाती है तो, ये ऐप्स बिल्कुल ही काम करने बंद कर देंगे. इस कदम को उठाने के लिए आईपी एड्रेस का सहारा लेकर सरकार यूजर्स को इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा देगी. हालांकि इसे लेकर सरकार ने अपना रुख साफ नहीं किया है.

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