काबुल ड्रोन हमले में आतंकी नहीं, 10 नागरिकों की हुई थी मौत, अमेरिकी सेना ने मांगी माफी

अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने कहा कि जांच के नतीजों की विस्तार से समीक्षा करने के बाद वह इस बात से सहमत हैं कि सात बच्चों समेत 10 नागरिक उस ड्रोन हमले में मारे गए, जो दुखद है.  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Sep 18, 2021, 10:39 AM IST
  • काबुल हवाईअड्डे पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने की थी कार्रवाई
  • जांच के बाद अमेरिकी सेना ने अपनी गलती स्वीकार की
काबुल ड्रोन हमले में आतंकी नहीं, 10 नागरिकों की हुई थी मौत, अमेरिकी सेना ने मांगी माफी

वाशिंगटनः अमेरिकी सेना ने स्वीकार किया है कि पिछले महीने काबुल में अमेरिकी ड्रोन हमले में सात बच्चों सहित 10 नागरिकों की मौत हो गई. अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने ड्रोन हमले को ‘गलती’ के रूप में स्वीकार किया. 

आतंकियों के मरने के संकेत नहीं
दरअसल, काबुल हवाईअड्डे पर पिछले महीने हुए आत्मघाती धमाके के कुछ दिनों बाद ISIS-K के आतंकवादियों को निशाना बनाते हुए अमेरिका ने यह हमला किया था. अमेरिका के मध्य कमान के कमांडर जनरल फ्रैंक मैक्केंजी ने 29 अगस्त के हमले की जांच के नतीजों पर कहा कि ड्रोन हमले में क्षतिग्रस्त हुए वाहन और मारे गए लोगों के इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत-खुरासन (ISIS-K) से जुड़े होने या अमेरिकी सेना के लिए कोई प्रत्यक्ष खतरा होने की आशंका नहीं थी.

यह भी पढ़िएः Do Not Touch My Clothes: रंगीन पोशाकों वाला कैंपेन, जो खूनी तालिबान पर तमाचे जैसा है

13 अमेरिकी सैनिकों की गई थी जान
उन्होंने कहा कि इस हमले को इस्लामिक स्टेट के हमले के बाद हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर जमीनी हालात के संदर्भ में ही समझा जाए. हवाईअड्डे पर हुए हमले में अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए थे और 100 से अधिक नागरिकों ने जान गंवाई थी. साथ ही खुफिया अधिकारियों ने एक और आसन्न हमले का संकेत दिया था.

घटना पर जताया दुख
जनरल मैक्केंजी ने कहा कि जांच के नतीजों की विस्तार से समीक्षा करने के बाद वह इस बात से सहमत हैं कि सात बच्चों समेत 10 नागरिक उस ड्रोन हमले में मारे गए, जो दुखद है. उन्होंने पेंटागन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यह गलती थी और मैं माफी मांगता हूं. कमांडर होने के नाते मैं इस हमले और इसके दुखद परिणाम के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हूं. साथ ही हम यह मानते हैं कि क्षतिग्रस्त हुआ वाहन और मारे गए लोगों का ISIS-K से संबंध होने या अमेरिकी सेना के लिए प्रत्यक्ष रूप से खतरा होने की आशंका नहीं थी. मैं इस हमले में मारे गए लोगों के परिवार और दोस्तों के प्रति शोक व्यक्त करता हूं.’

यह भी पढ़िएः AUKUS को लेकर अमेरिका से EU खफा, फ्रांस बोला- पीठ में छुरा घोंपने वाला कदम

'हमले का मिला था इनपुट'
जनरल मैक्केंजी ने कहा कि हमले से 48 घंटे पहले खुफिया जानकारी में यह संकेत मिला कि इस परिसर का इस्तेमाल इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी भविष्य के हमलों के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमले से 36 घंटे पहले हवाईअड्डे पर अधिकारियों को आसन्न खतरों से संबंधित 60 अलग-अलग खुफिया जानकारी मिली. अधिकारियों को खुफिया सूचना मिली कि इस्लामिक स्टेट अगले हमले में सफेद रंग की टोयोटा कोरोला कार का इस्तेमाल करेगा, जिसके बाद 29 अगस्त की सुबह परिसर की निगरानी तेज कर दी गयी.

'जल्दबाजी में नहीं किया गया हमला'
उन्होंने कहा कि जांच में अब सामने आया कि यह हमला एक गलती थी. उन्होंने कहा, ‘पहले मैं यह बता दूं कि यह जल्दबाजी में किया गया हमला नहीं था. अधिकारियों ने वाहन और उसमें सवार लोगों पर करीब आठ घंटे तक नजर रखी थी. सैन्य दल ने यह हमला इस विश्वास के साथ किया कि वे हमारी सेना और नागरिकों पर आसन्न खतरे को रोक रहे हैं जो अब हमें लगता है कि सही नहीं था.’

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.  

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़