अपने ही जाल में उलझ गया चीन, कोरोना संकट से उबरने के दावे फेल

कोरोना वायरस पर चीन ने जो भ्रम और साजिश दुनिया के खिलाफ रची थी अब उस जाल में खुद चीन उलझ गया है. उसे समझ नहीं आ रहा है कि अब वैश्विक स्तर पर वो कौन सी रणनीति अपनाए.

अपने ही जाल में उलझ गया चीन, कोरोना संकट से उबरने के दावे फेल

नई दिल्लीः कहते हैं कि जो जैसा करता है वैसा भरता है.ये कहावत चीन पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है. चीन ने झूठ, भ्रम और चालबाजी का ऐसा जाल बुना था जो आज कोरोना के रूप में पूरी दुनिया पर भारी पड़ रहा है. चीन ने समय रहते कोरोना वायरस के खतरनाक स्वरूप को दुनिया से छिपाया था जिसका परिणाम अब बहुत से देश भुगत रहे हैं.

चीन को उसके किये कारनामों की सजा भुगतनी पड़ रही है. जैविक हथियार बनाने के चक्कर में उसने कई जिंदगियां तबाह कर दी हैं. चीन सरकार की ओर से आज एक आंकड़ा जारी किया गया है. इसके मुताबिक चीन में कोरोना को समाप्त कर देने के सभी दावे फेल हो गए हैं. चीन सरकार झूठ बोल रही है कि उसने कोरोना संक्रमण को चीन में बिल्कुल खत्म कर दिया है.

कल बिना लक्षणों वाले कई मरीज मिले

चीन के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संक्रमण के ऐसे 27 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें संक्रमित व्यक्ति में इस रोग के कोई लक्षण नहीं हैं. इन मामलों को एसिम्पटोमैटिक कहा जाता है और ऐसे मामलों की संख्या 984 हो गई है. अर्थात इन मामलों में कोरोना के सर्वविदित कोई भी लक्षण परिलक्षित नहीं हो रहे थे. वहीं प्रधानमंत्री ली केकियांग के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति ने देश के स्वास्थ्य अधिकारियों से घातक वायरस से निपटने पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा है.

विश्व को जवाब देने पर उलझन में चीन

चीन के प्रधानमंत्री ने परोक्ष रूप से स्वीकार किया है कि चीन उलझन में है और उसे अपने बचाव में कोई तर्क नहीं सूझ रहा है. उन्होंने कहा कि हम अपनी वैश्विक रणनीति पर विचार कर रहे हैं क्योंकि आने वाले समय में हमे कई सवालों के जवाब देने पड़ेंगे. चीनी प्रधानमंत्री के इस बयान से चीन की उलझन समझी जा सकती है. चीन को अब नया रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है.

संक्रमण फिर से पैर पसार रहा

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि इन 27 मामलों के अलावा बुधवार को कोरोना वायरस के 10 नए मामले भी सामने आए, जिनमें विदेशों से यहां लौटे चीन के छह नागरिक शामिल हैं. चार अन्य मरीजों में से तीन रूस से लगी सीमा पर स्थित हेइलोंगजियांग प्रांत और एक गुआंगदोंग प्रांत के हैं जो स्थानीय स्तर पर संक्रमित हुए.

अपने झूठ के जाल में खुद उलझा चीन

चीन पर पूरी दुनिया शुरू से ही आंकड़े छिपाने का आरोप लगा रही है. चीन में दिसम्बर से ही कोरोना फैल गया था और मरने का सिलसिला शुरू हो गया था. चीन ने समय रहते किसी भी देश को इसकी सूचना नहीं दी जिस वजह से आज 200 से भी अधिक देशों में कोरोना से मातम पसरा है. मानवता पर सबसे बड़ा कलंक लगाने वाला चीन अब फिर कोरोना से जूझने लगा है. इस बात की पुष्टि उसकी मीडिया से हो रही है. चीन के एनएचसी ने बताया कि बिना लक्षण के संक्रमित पाए गए 27 नए मामलों में एक विदेश से आया व्यक्ति शामिल है. इसके साथ ही देश में ऐसे मामलों की संख्या 984 हो गई है, जिसमें 166 बाहर से आए लोग हैं, जो अभी चिकित्सीय निगरानी में हैं.

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अमेरिका और भारत के रुख से चीन में डर

भारत में मोदी सरकार कोरोना के खिलाफ जो इंतजाम कर रही है उससे भारत की जीत तय है और दूसरी तरफ अमेरिका भी चीन पर दबाव बना रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से व्यापारिक रिश्ते खत्म करने की धमकी दी है. इससे चीन में डर का माहौल है.

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