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Shahid Afridi: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने भारत का नाम लिए बिना चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर बयान दिया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के बीच मौजूदा कंडीशन को '1970 के दशक के बाद से क्रिकेट में सबसे बड़ी चुनौती' बताते हुए अफरीदी ने संबंधित पक्षों से अपने मतभेदों को भुलाकर खेल के हित के लिए एक साथ आने की गुजारिश की है, जैसा कि ओलंपिक में होता है.
अफरीदी ने बुधवार को एक्स पर लिखा, "क्रिकेट एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जो 1970 के दशक के बाद से शायद अपनी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक का सामना कर रहा है. अब समय आ गया है कि मतभेदों को किनारे रखा जाए और खेल को हमें एकजुट करने दिया जाए. अगर इतिहास में विभाजित देश ओलंपिक भावना में एक साथ आ सकते हैं, तो हम क्रिकेट और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए ऐसा क्यों नहीं कर सकते?"
पूर्व पाकिस्तानी ऑलराउंडर ने इंडायरेक्ट तौर पर भारत से कहा कि वह अपना अहंकार त्याग दे और अगले साल चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान का दौरा करें. अफरीदी ने कहा,"इस खेल के संरक्षक के रूप में, हम क्रिकेट के प्रति अपने अहंकार को काबू में रखते हुए इसके विकास और भावना पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बाध्य हैं. मुझे उम्मीद है कि मैं CT25 के लिए पाकिस्तान की हर टीम को देखूंगा, हमारी गर्मजोशी और आतिथ्य का अनुभव करूंगा, और मैदान से परे अविस्मरणीय यादें लेकर जाऊंगा."
जियो न्यूज की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को पत्र लिखकर भारत के जरिए अगले साल आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी खेलने के लिए पाकिस्तान आने से इंकार करने के पीछे का कारण पूछा है. भारत ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान न जाने का अपना रुख जाहिर किया है.
आईसीसी ने पीसीबी को लिखा था कि भारत चैंपियन्स ट्रॉफी में भाग लेने के लिए पाकिस्तान नहीं जाएगा, जो 2025 की शुरुआत में आयोजित की जाएगी. सोर्स ने जियो न्यूज ने बताया,"यदि भारत की भागीदारी आईसीसी के राजस्व में योगदान देती है, तो पीसीबी की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, और पाकिस्तान-भारत मैचों के बिना आईसीसी के राजस्व में काफी कमी आएगी."
बीसीसीआई ने आईसीसी को कहा है कि चैंपियन्स ट्रॉफी को हाइब्रिड मॉडल पर कराया जाए. भारत और पाकिस्तान ने अपनी आखिरी द्विपक्षीय श्रृंखला 2012-13 में भारत में खेली थी, जो एक सीमित ओवरों की सीरीज थी और अब वे ज्यादातर आईसीसी टूर्नामेंट और एशिया कप में खेलते हैं.