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Houthi Attack On Cargo Ship: इसराइल द्वारा हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या के बाद यमन के हूती विद्रोहियों ने पहला हमला किया है. उन्होंने अदन की खाड़ी से जा रहे एक कार्गो शिप (मालवाहक जहाज) पर शनिवार देर रात मिसाइल से निशाना बनाया. हालांकि, हूती विद्रोहियों ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
बता दें, हनिया को हूती विद्रोहियों का मुख्य वित्त पोषक माना जाता था. वहीं, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अपने हमलों में दो हफ्ते के विराम की कोई वजह नहीं बताई है. उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में भी गाजा पट्टी में हमास पर इसराइल की जवाबी कार्रवाई के बाद भी क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के हमले में इसी तरह का विराम देखने को मिला था.
हूती विद्रोहियों ने पहले भी जहाजों को बनाया है निशाना
अदन की खाड़ी में कार्गो शिप पर हमला तेहरान में इसराइल के संदिग्ध हवाई हमले में हमास नेता हनिया की मौत के बाद हुआ है. अफसरों ने बताया कि हमला अदन से करीब 225 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में खाड़ी के उस हिस्से में हुआ, जहां हूती विद्रोही पहले भी कई जहाजों को निशाना बना चुके हैं.
ब्रिटिश सेना के ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (UKMTO)’ के बयान के मुताबिक, जहाज पर तैनात एक सिक्योरिटी अफसर ने बताया कि जहाज को एक मिसाइल से निशाना गया, लेकिन इससे "आग लगने, पानी भरने या तेल का रिसाव होने की कोई खबर नहीं है." UKMTO वेस्ट एशिया में हमलों की जानकारी मुहैया कराने कराता है.
UAE से सउदी अरब जा रहा था जहाज
वहीं, प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी ‘आम्ब्रे’ ने भी अदन की खाड़ी में मालवाहक जहाज पर हमले की सूचना दी. उसने संकेत दिया कि अदन की खाड़ी में लाइबेरिया के झंडे वाले कार्गोशिप ‘ग्रोटन’ को निशाना बनाया है, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा से सऊदी अरब के जेद्दा के लिए रवाना हुआ था. हालांकि, ‘ग्रोटन’ के यूनानी मैनेजमेंट ने घटनाक्रम पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
अब तक 70 जहाजों को बनाया निशाना
गौरतलब है कि हूती विद्रोहियों ने पिछले कुछ महीनों में लाल सागर से गुजरने वाले 70 से ज्यादा जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है, जिनमें अब तक टोटल चार नौसैनिकों की मौत हुई है. इसके अलावा हूतियों ने एक जहाज पर कब्जा कर लिया और दो जहाजों को डूबा दिया. हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे इसराइल, अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े जहाजों को निशाना बनाते हैं, ताकि गाजा पट्टी में इसराइल-हमास जंग समाप्त करने का दबाव बनाया जा सके.