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"मुसलमानों को बाहर पुलिस तो घर में दंगाई मारती है", संभल हिंसा पर बोले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद

Imran Masood on Sambhal Violence: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बहराइच हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मुसलामनों को घर से बाहर निकाल मारा गया. संभल में बाहर निकला तो पुलिस ने गोली मार दी. मुसलमान आखिर करे तो क्या करे.  

"मुसलमानों को बाहर पुलिस तो घर में दंगाई मारती है", संभल हिंसा पर बोले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद

Sambhal Violence Update: कांग्रेस नेता व सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद संभल हिंसा मामले को लेकर काफी  गुस्से में नजर आ रहे हैं. दरअसल, उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो बोल रहे हैं कि आज देश में मुसलमानों का ऐसा हाल कर दिया है कि "घर से बाहर निकलेंगे तो पुलिस मारेगी". घर के अंदर रहे तो घर से बाहर निकालकर मारा जाएगा. मुसलमान आखिर करे तो क्या करे.  

कांग्रेस नेता ने बहराइच हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मुसलामनों को घर से बाहर निकाल मारा गया. लोकसभा सदस्य ने कहा कि संभल की शाही जामा मस्जिद में एक बार सर्वे हुआ. सब कुछ शांतिपूर्ण रहा. लेकिन, पहले से प्लांड तरीके से आदमी भेजे जाते हैं. नारे लगवाए जाते हैं, जब आमने-सामने आते हैं तो पुलिस द्वारा गोली चलाई जाती है. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि इस मुल्क को मत जलाओ. नफरत से कुछ नहीं निकलने वाला है. नफरत की आग में हम सब झुलस जाएंगे.

"मुसलामनों की जान की कोई कीमत ही नहीं है": सांसद
संभल में जिस तरह की घटना हुई है. उन्होंने कहा, "इससे एक चीज तो साफ है कि हमारी जान की कोई कीमत ही नहीं है. गोलियां चलाई जा रही थी, शरीर से गोली आर-पार हो रही है. पत्थरबाजों को काबू करने के लिए उनके पैर में गोली मारी जा सकती थी. पुलिस लाठीचार्ज कर सकती थी. लेकिन, पुलिस ने गोली चलाई."

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"जिनके घर तबाह हो गए उनके लिए बात नहीं हो रही"
सांसद ने कहा कि पुलिस द्वारा जितने भी पोस्टर जारी किए गए हैं. उनमें पत्थरबाज पत्थर लिए दिखाई दे रहे हैं. किसी के भी हाथ में मुझे हथियार नहीं दिखाई दिया. तमंचे में इतनी शक्ति नहीं होती है कि उसकी गोली आर-पार हो जाए. मैंने भी शूटिंग की है और मुझे इसकी अच्छी जानकारी है.

 संभल हिंसा में जिनके घर तबाह हो गए उनके लिए बात नहीं हो रही है. बस पत्थरबाजों पर चर्चा हो रही है. अगर पत्थरबाज हैं तो कस्टडी में लो, सख्ती करनी चाहिए. यह नहीं होना चाहिए कि सीधे जान से मार देंगे. अगर मुजरिमों के पैर में गोली मार रहे थे तो पत्थरबाजों के पैर में भी गोली मार देते.

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