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Bihar Board 12th Result: आर्थिक हालात नहीं बने रोड़ा; पांचवें स्थान पर रही ई-रिक्शा चालक की बेटी

Nawada News: बिहार बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस एग्जाम में नवादा में ई-रिक्शा चालक की बेटी ने जीत का परचम लहराया. नवादा के हरिचनदर बीघा की बेटी दीपाली कुमारी ने कॉमर्स संकाय में पूरे स्टेट में 467 अंक लाकर पांचवां स्थान हासिल किया है.

 

Bihar Board 12th Result: आर्थिक हालात नहीं बने रोड़ा; पांचवें स्थान पर रही ई-रिक्शा चालक की बेटी

Deepali Kumari Success Story: बिहार बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल एग्जाम में कुल 12,91,684 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे, जिसमें से 11,26,439 स्टूडेंट्स कामयाब हुए हैं. इस एग्जाम में नवादा में ई-रिक्शा चालक की बेटी ने जीत का परचम लहराया. नवादा के हरिचनदर बीघा की बेटी दीपाली कुमारी ने कॉमर्स संकाय में पूरे स्टेट में 467 अंक लाकर पांचवां स्थान हासिल किया है. बेहद ही गरीब परिवार से आने वाली दीपाली कुमारी ने आर्थिक हालात बुरे होने के बावजूद कड़ी मेहनत करके यह मुकाम हासिल किया है. छात्रा के पिता ई रिक्शा चलाते हैं. उन्होंने पैसे कमाकर अपनी बेटी की पढ़ाई को जारी रखा और आज उसका यह नतीजा देखने को मिला है कि उनकी बेटी पूरे राज्य में नाम रौशन किया.

परिवार में जश्न का माहौल
कॉमर्स फैकल्टी में पांचवा स्थान प्राप्त करने पर दीपाली के परिवार में जश्न का माहौल है. लोग एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं. साथ ही उसके पिता की भी तारीफ हो रही है, जिन्होंने कम आमदनी होने और आर्थिक तंगी होने के बावजूद भी अपनी बेटी की पढ़ाई को बरकार रखा. वहीं, इस खास मौके पर दीपाली ने अपनी ख्वाहिश जाहिर की. छात्रा ने बताया कि वो आगे चलकर CA बनना चाहती है और परिवार का भार अपने ऊपर लेना चाहती है.  दीपाली की कामयाबी पर पूरा परिवार की आंखों में खुशी के आंसू हैं.

चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती है दीपाली
परिवार का कहना है कि बेटा और बेटी में कभी भी अंतर नहीं करना चाहिए. अगर उन्होंने भी बेटा और बेटी में फर्क किया होता तो आज उनकी बेटी ने इस मकाम को हासिल नहीं किया होता. दीपाली के पिता शंकर कुमार साव ने बताया कि, वो ई रिक्शा चलाकर रोजाना 300 रुपया कमाते है और उसी से पूरे घर और बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाते है. वही दीपाली ने बताया कि, वो रोजाना 8 घंटे की पढ़ाई करती है और एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए दूसरे सहयोगियों से बातचीत कर तैयारी कर रही है और आगे चलकर वो चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती है

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