पाकिस्तान आर्मी चीफ का पद ठुकराने वाले भारतीय ब्रिगेडियर उस्मान की कब्र की बदली सूरत

Published: Jan 01, 2021, 12:05 AM IST|Updated: Jan 01, 2021, 12:06 PM IST

नई दिल्ली: "नौशेरा का शेर" के नाम से मशहूर ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान (Brigadier Mohammad Usman) की कब्र की बदहाली के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद फौज ने उसे ठीक कराया है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर में मौजूद वॉर हीरो ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान की कब्र पर पहुंचे उनके रेजिमेंट के अफसरों ने कब्र को फूलों से सजाया.

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इतना ही नहीं फौज ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के लोगों की भी मदद से कब्रिस्तान का बाहरी हिस्सा ठीक कराया है. ब्रिगेडियर उस्मान की कब्र की बदहाली की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तरह-तरह की बातें हो रही थीं. जिसके बाद एक्शन में आई फौज ने जामिया प्रशासन से इस मामले में बात की.

पाकिस्तान ने आर्मी चीफ बनाने की दी थी दावत2/5

पाकिस्तान ने आर्मी चीफ बनाने की दी थी दावत

देश के बंटवारे के समय ब्रिगेडियर उस्मान को पाकिस्तान ने आर्मी चीफ बनाने की फरमाइश दी थी लेकिन देश के इस सच्चे ‏शेर ने अपनी देशभक्ति की मिसाल देते हुए पाकिस्तान की इस दावत ठुकरा दिया था.

पाकिस्तान ने रख दिया था 50 हज़ार का ईनाम3/5

पाकिस्तान ने रख दिया था 50 हज़ार का ईनाम

कहा यह भी जाता है कि इस फैसले से नाराज पाकिस्तान ने उनके उपर 50 हजार के इनाम का भी ऐलान किया था लेकिन इससे बेफिक्र उन्होंने अपने देश की खिदमत करने का फैसला किया.

इंडियन आर्मी ने दी थी बड़ी जिम्मेदारी4/5

इंडियन आर्मी ने दी थी बड़ी जिम्मेदारी

उनके हौसले को देखते हुए इंडियन आर्मी ने उन्हें जम्मू-कश्मीर में सरहदों की हिफाजत की जिम्मेदारी दी. जहां वक्त आने पर नौशेरा के इस शेर ने कश्मीर की वादियों में पाकिस्तान के दांत खट्टे करते हुए देश के लिए शहादत दी. 

पंडित जवाहर लाल नहरू भी जनाजे में हुए थे शामिल5/5

पंडित जवाहर लाल नहरू भी जनाजे में हुए थे शामिल

भारत के इस वीर सपूत के जनाज़े में उस वक्त के पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू समेत उनके कैबिनेट के ज्यादेतर लोग शामिल हुए थे.