पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही लागू हुई अचार संहिता, जानिए क्या है इसका मतलब?

नई दिल्लीः चुनाव आयोग (Election Commission ) ने पांच राज्यों में  होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly Elections of Five States) की तारीखों की घोषणा शुक्रवार को कर दी है. CEC सुनील अरोड़ा ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होंगे.

पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही लागू हुई अचार संहिता,  जानिए क्या है इसका मतलब?
फोटो क्रेडिट (eci.gov.in)

नई दिल्लीः चुनाव आयोग (Election Commission ) ने पांच राज्यों में  होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly Elections of Five States) की तारीखों की घोषणा शुक्रवार को कर दी है. CEC सुनील अरोड़ा ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होंगे. जबकि असम में तीन चरण में और केरल, पुडुचेरी व तमिलनाडु में एक-एक चरण में विधानसभा चुनाव होंगे.इसके साथ ही पांच प्रदेशों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 824 विधानसभा सीटों पर आचार संहिता लागू हो गई है.

क्या होती है आचार संहिता (What is a code of conduct)
देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है. चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आचार संहिता कहते हैं. लोकसभा,विधानसभा चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है.

आचार संहिता कब लागू होती है (when model code of conduct comes into force)
आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही लागू हो जाती है. चुनाव आयोग ने शुक्रवार (26 फरवरी) को पांच राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी) के चुनाव की तारीखों का एलान किया. इसके साथ ही अब इन राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई हैं.

आचार संहिता कब तक रहती है (How long code of conduct)
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी राज्यों के चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक इन राज्यों में आचार संहिता लागू रहेगी. चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही आचार संहिता राज्य में लगती है और वोटों की गिनती होने तक जारी रहती है. 

क्या है आचार संहिता के नियम ( What is the code of conduct rules)

  • आचार संहिता लागू होने के बाद कई नियम भी लागू हो जाते हैं. 
  • इनकी अवहेलना कोई भी सियासी दल या राजनेता नहीं कर सकता. 
  • सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फायदा पहुंचाने वाले काम के लिए नहीं होगा. 
  • सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जायेगा. 
  • किसी भी तरह की सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास आदि नहीं होगा. 
  • किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले पुलिस से अनुमति लेनी होगी. 
  • किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे. 
  • आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई चुनाव आचार संहिता के नियम सख्ती से लागू होते हैं.
  •  अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके लिए सजा का प्रावधान भी है. 
  • चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

 

2 मई को होगी मतगणना
CEC सुनील अरोड़ा ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान होगा. बंगाल में पहला चरण- 27 मार्च को होगा, दूसरा- 1 अप्रैल, तीसरा- 6 अप्रैल, चौथा- 10 अप्रैल, पांचवां चरण- 17 अप्रैल, छठा चरण- 22 अप्रैल, सातवां चरण- 26 अप्रैल, आठवें चरण का मतदान- 29 अप्रैल को होगा. असम में प्रथम चरण का मतदान- 27 मार्च, दूसरे चरण का मतदान- 1 अप्रैल और तीसरे चरण का मतदान- 6 अप्रैल को होगा. केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 6 अप्रैल को मतदान होंगे.  पांचों राज्यों में 2 मई को मतगणना होगी.

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