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Pakistan:जहां खेलते थे पांडव के शिष्य उस 'पंज तीरथ' को बना दिया पार्क का गोदाम !

Pakistan Hindu pilgrimage site Panj Tirath being used as warehouse: पाकिस्तान के पेशावर में स्थित पंज तीरथ के आसपास एक मनोरंजन पार्क बन गया है, और वहां मौजूद मंदिर को पार्क के गोदाम के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि सरकार ने इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया है. 

अलामती तस्वीर
अलामती तस्वीर

पेशावरः पाकिस्तान के पेशावर में एक मशहूर हिंदू तीर्थ स्थल, पंज तीरथ (Panj Tirath) अब एक मनोरंजन पार्क का गोदाम बन गया है. इसे पार्क के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. बिटर विंटर पत्रिका ने इस खबर को रिपोर्ट किया है. पंज तीरथ साइट पर मौजूद पांच जल कुंड है, जिसके बारे में हिंदुओं का मानना ​​है कि पांडव के तत्काल शिष्यों और राजा पांडु के पांच पुत्रों से ये जुड़ा हुआ है, जो हिंदू महाकाव्य 'महाभारत’ (Mahabharata) में केंद्रीय पात्र हैं.

लगभग 1,000 सालों से इस जगह का इस्तेमाल हिंदू तीर्थस्थल (Hindu pilgrimage site) के रूप में किया जाता रहा है. हालांकि, भारत-पाक बंटवारे के बाद, सिर्फ दो जीर्ण-शीर्ण मंदिर यहां बच गए थे और यह क्षेत्र स्थानीय सरकार के हाथ से निकलकर चाका यूनुस फैमिली पार्क का संचालन करने वाली एक निजी कंपनी को पट्टे पर बेच दिया गया. 

2019 में, खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सरकार ने पंज तीरथ को राष्ट्रीय विरासत स्थल घोषित किया. हालाँकि, यह घोषणा कानूनी लड़ाई की समाप्ति के पहले ही कर दी गई थी. 
बिटर विंटर के मुताबिक, मनोरंजन पार्क, जो मंदिरों को गोदामों के रूप में उपयोग कर रहा है, उसके मालिकान ने प्रांतीय सरकार को बताया था कि वह साइट के एक कनाल (0.125 एकड़) और 11 मरला वापस देने के लिए तैयार है, लेकिन पुरातत्वविदों का दावा है कि इसमें पाँच कनाल (0.625) जमीन शामिल हैं, जो वह वापस देने का वादा कर रहा है, उससे लगभग छह गुना ज्यादा जमीन पर उसका अभी अवैध कब्जा है. हालांकि, पुरातत्वविदों का कहना है कि जब वह साइट तक पहुंचने की कोशिश की, तो उन्हें हथियारबंद लोगों ने डरा- धमकाकर वहां से भगा दिया है और जितनी जमीन देने का वह वादा कर रहे थे, वह भी नहीं दिया. 

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10 फरवरी को, पेशावर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की कि तीन साल से ज्यादा वक्त के बाद भी इस मुद्दे को हल नहीं किया गया है, और स्थानीय अधिकारियों के इस मामले में भ्रष्टाचार में लिप्त होने के संकेत दिए थे. 
बिटर विंटर के मुताबिक, यह मामला इस बात का सबूत है कि हिंदू धर्म की ऐतिहासिक विरासतों को पाकिस्तान में अवैध कब्जे के तहत रखा गया है, और उससे उनके पूजा के अधिकारों से वंचित कर दिया गया है. 

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