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यूपी-बिहार जाने वाले यात्रीगण कृपया ध्यान दें! 2 अक्टूबर से जल्द पहुंच पाएंगे घर

नार्थ सेंट्रल रिजन में चालू हो रहे इस भदान-खुर्जा डीएफसी सेक्शन से सबसे ज्यादा फायदा उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली यात्री ट्रेनों को मिलेगा. टूंडला से होकर जाने वाली यात्री ट्रेनों को अब माल गाड़ियों के डीएफसी की तरफ डाइवर्ट होने से रूट काफी हद तक खाली मिलेगा जिससे यात्री ट्रेनों की औसतन स्पीड में भी इजाफा होगा.

यूपी-बिहार जाने वाले यात्रीगण कृपया ध्यान दें! 2 अक्टूबर से जल्द पहुंच पाएंगे घर
फाइल फोटो

नई दिल्ली: अगर आप आने वाले त्योहारों या फिर सर्दियों के मौसम में उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए रेल सफर कर रहे हैं तो आपके लिए यह अच्छी खबर है. अब राजधानी दिल्ली से उत्तर प्रदेश या बिहार आने-जाने वाली ट्रेन समय से चलेंगी. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पहले चरण के तहत भदान- खुर्जा सेक्शन 2 अक्टूबर से चालू होने जा रहा है. 194 किलोमीटर का ये DFC (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) सेक्शन के चालू होने से भारतीय रेलवे की सभी मालगाड़ी जो वर्तमान में उस रूट से जाती हैं, वह DFC होकर गुजरेंगी.

नार्थ सेंट्रल रिजन में चालू हो रहे इस भदान-खुर्जा डीएफसी सेक्शन से सबसे ज्यादा फायदा उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली यात्री ट्रेनों को मिलेगा. टूंडला से होकर जाने वाली यात्री ट्रेनों को अब माल गाड़ियों के डीएफसी की तरफ डाइवर्ट होने से रूट काफी हद तक खाली मिलेगा जिससे यात्री ट्रेनों की औसतन स्पीड में भी इजाफा होगा.

ईस्टर्न डीएफसी जो कानपुर शहर के नजदीक मौजूद भदान से बुलंदशहर के आगे पड़ने वाले खुर्जा तक के बीच का 194 किमी का सेक्शन तैयार है जिसे आने वाले 2 अक्टूबर से चालू किया जाना है. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर या डीएफसी दरअसल सिर्फ मालगाड़ियों के लिए समर्पित रेल ट्रैक है और भविष्य में सभी मालगाड़ियां सिर्फ डीएफसी ट्रैक पर ही चलेंगी.

सिर्फ यही नहीं, रेलवे की योजना है कि दिसंबर 2021 तक डीएफसी के दोनों कॉरिडोर वेस्टर्न डीएफसी और ईस्टर्न डीएफसी को चालू किया जाए. डीएफसी के चालू होते ही भारतीय रेलवे के अच्छे दिनों का सपना काफी हद तक साकार हो सकेगा. इससे यात्री ट्रेनों की औसत स्पीड मौजूद 90 किमी प्रति घंटे से 160 तक पहुंचाई जा सकेगी. वही, रेलवे में कन्फर्म टिकट मिलने की लड़ाई में भी यात्रियों को बड़ी सफलता मिल सकेगी. इसके अलावा माल ढुलाई में भी क्रांतिकारी परिवर्तन होगा. मालगाड़ी की औसत स्पीड 25 किलोमीटर प्रतिघंटे से बढ़ाकर 70-100 किलोमीटर प्रतिघंटे तक हो जाएगी.