हवाई यात्रा होगी सस्ती! जिस सर्विस का इस्तेमाल नहीं, उसके लिए चार्ज नहीं, DGCA का निर्देश

Flight Tickets Cheaper: भले ही बीते दिनों एयरलाइंस के लिए हवाई ईंधन (ATF) के दाम बढ़ गए हों, लेकिन आपको इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है. क्योंकि आप अब भी आने वाले दिनों में फ्लाइट से सस्ता सफर कर सकते हैं. एविएशन रेगुलेटर DGCA ने एयरलाइंस के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिससे हवाई यात्रियों को बड़ी  राहत मिलने वाली है. 

एकता सूरी | Mar 03, 2021, 14:00 PM IST
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DGCA का एयरलाइंस को निर्देश

DGCA new guidelines

एयरलाइंस अब आपसे उन चीजों या सर्विस के लिए चार्ज नहीं करेंगी, जिसका इस्तेमाल आपने किया ही नहीं. डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरलाइंस को साफ-साफ ये निर्देश दे दिया है. देखने में आया है कि जब कोई हवाई यात्री फ्लाइट की टिकट बुक करता है तो उसमें कई बार कुछ ऐसी चीजों का भी चार्ज शामिल रहता है, जिसका इस्तेमाल यात्री करता ही नहीं. मजे की बात तो ये है कि यात्री को पता भी नहीं होता कि वो इसके लिए कीमत चुका रहा है.

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जो सुविधा नहीं ली, उसके लिए पैसे नहीं लगेंगे

facility is not availed, the ticket will cost less

जो सर्विसेस DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के सर्कुलर में लिस्टेड हैं, उनमें सबसे बड़ी सर्विस चेक इन बैगेज की है. कई बार कस्टमर बिना चेक इन बैगेज के सिर्फ अपने हैंड बैग के साथ लाइट ट्रैवल करते हैं. एक एयरलाइन में 15 किलोग्राम तक का चेक इन बैगेज की इजाजत होती है. ऐसे में अगर कोई कस्टमर सिर्फ हैंड बैग के साथ हवाई यात्रा कर रहा है तब भी एयरलाइंस उससे 15 किलोग्राम के चेक इन बैगेज की कीमत वसूलती हैं. इसलिए DGCA ने एयरलाइंस से कहा है कि अगर पैसेंजर सिर्फ हैंड बैग के साथ यात्रा कर रहा है तो उसका किराया मिनिमम प्राइस से 200 रुपये कम होना चाहिए. 

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चेक इन बैगेज पर 200 रुपये से ज्यादा चार्ज नहीं

Rs 200 charge on check in baggage

खबर के मुताबिक, अगर हवाई यात्री ने टिकट बुकिंग में नो चेक इन बैगेज का ऑप्शन चुना है लेकिन फिर भी वह टिकट काउंटर पर चेक इन बैगेज के साथ मौजूद होता है तो उसको टिकट काउंटर पर 200 रुपये से ज्यादा चार्ज न किया जाए. एयरलाइन यहां पर अपनी मनमानी न करे. आमतौर पर एक फ्लाइट की टिकट में 15 किलो का चेक इन बैग ले जाने की परमिशन होती है. अगर बैगेज का भार इस लिमिट से ज्यादा होता है तभी उसे एक्स्ट्रा चार्ज देना होता है. यहां जो कस्टमर या पैसेंजर लाइट ट्रैवल करता है तो उसके टिकट में कोई भी अंतर नहीं आता, लेकिन कोविड के बाद अब उसकी टिकट सस्ती हो सकती है. 

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फ्लाइट के अंदर फूड और ड्रिंक्स

Food and drinks during travel

DGCA के सर्कुलर में एक सर्विस जो लिस्टेड है, वह है फ्लाइट के अंदर खाने-पीने और ड्रिंक्स की सर्विस. कई बार यात्री फ्लाइट में मिलने वाला खाना और ड्रिंक्स को नहीं लेता है. कई बार यात्री सिर्फ पानी ही पीता है. जबकि यात्री के टिकट में फूड और ड्रिंक्स की कीमत ली गई है. जिसे वह इस्तेमाल नहीं करता. देश में एयर इंडिया या विस्तारा जैसे एयरलाइंस आज भी फुल सर्विस दे रही हैं. DGCA ने साफ कहा है कि जब पैसेंजर फ्लाइट में खाना नहीं खा रहा या ड्रिंक भी नहीं ले रहा तो उसके टिकट में इन सब चार्ज को शामिल न किय जाए.

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एयरपोर्ट लाउंज चार्ज

lounge charge at airport

अगर यात्री एयरपोर्ट लाउंज, स्पोर्ट्स और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं करता है तो इसके लिए वसूले जा रहे चार्ज अब टिकटों में शामिल नहीं होंगे. DGCA का यह सर्कुलर दरअसल, कोविड से पहले जारी हुआ था, लेकिन कोविड के चलते फ्लाइट्स रुक गईं, लेकिन बाद में फ्लाइट शुरू भी हुईं तो उनकी प्राइसिंग पर कैप कर दिया गया था. आने वाले दिनों में कोविड के बाद जब फ्लाइट सर्विस पूरी क्षमता के साथ शुरू होंगी तो इसका असर आपके टिकट पर दिखेगा.