निवेशकों के लिए अच्‍छी खबर, MF में सस्‍ता हुआ निवेश

म्‍यूचुअल फंड (MF) योजनाओं और इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में निवेश सस्‍ता हो गया है.

निवेशकों के लिए अच्‍छी खबर, MF में सस्‍ता हुआ निवेश
म्यूचुअल फंड के शुल्क ढांचे में बदलाव किया. (फाइल फोटो)
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मुंबई : म्‍यूचुअल फंड (MF) योजनाओं और इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में निवेश सस्‍ता हो गया है. बाजार नियामक सेबी ने इस संबंध में बड़ा फैसला लिया है. उसने किसानों की सुविधा के लिए कृषि जिंस वायदा कारोबार पर प्रति एक्सचेंज एक लाख रुपये की समान दर से शुल्क तय किया है. इसके साथ ही सेबी ने म्यूचुअल फंड के शुल्क ढांचे में भी बदलाव करते हुए इनमें निवेश पर कुल खर्च की अधिकतम सीमा 2.25 प्रतिशत तय की है. 

किसानों को दिया बड़ा फायदा
सेबी चेयरमैन अजय त्यागी के मुताबिक सरकार, सेबी और एक्सचेंज कृषि जिंस वायदा कारोबार को प्रोत्साहन के लिये कई कदम उठा रहे हैं. यह इस मकसद से किया जा रहा है कि कृषि जिंस वायदा कारोबार का लाभ किसानों, किसानों के उत्पादक संगठनों तक पहुंच सके. इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सेबी बोर्ड ने नियामकीय फीस को कारोबार आधारित विभिन्न स्लैबों के बजाय प्रति एक्सचेंज मात्र एक लाख रुपये की फीस रखने को मंजूरी दी है. यह फीस कृषि जिंस वायदा कारोबार पर लगाई जायेगी. नियामकीय फीस में कमी का लाभ किसानों अथवा उनके संगठनों तक पहुंचाने के लिये कृषि जिंस वायदा कारोबार करने वाले सभी एक्सचेंज किसानों के लिये एक अलग कोष बनायेंगे. इस कोष का इस्तेमाल किसानों और कृषि उत्पादक संगठनों को जिंस वायदा बाजार में सरल भागीदारी कार्यों में इस्तेमाल किया जायेगा.

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सेबी ने एमएफ पर फीस घटाई
त्यागी ने कहा कि म्यूचुअल फंड के मामले में अधिकतम कुल खर्च अनुपात के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. म्यूचुअल फंड अपने निवेशकों से उनके धन का प्रबंध करने के लिये जो फीस लेते हैं वह निश्चित अवधि में बंद होने वाली इक्विटी योजना के लिये 1.25 प्रतिशत तक और शेयर निवेश योजनाओं के अलावा अन्य के लिये एक प्रतिशत तक होगी. सतत् खुली इक्विटी निवेश योजनाओं में निवेशकों से कुल खर्च के रूप में अधिकतम 2.25 प्रतिशत होगा. यह फीस कोई भी म्यूचुअल फंड कंपनी उस योजना को चलाने, उसके प्रशासनिक खर्च और प्रबंधन के लिये लेता है.

इनपुट एजेंसी से भी

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