श्रीराम लागू को श्रद्धांजलि देने के बाद ट्रोल हो गईं माधुरी दीक्षित, जानें पूरा मामला

श्रीराम लागू के निधन पर ऋषि कपूर ने लिखा था- श्रद्धांजलि, सहज कलाकारों में शामिल डॉ. श्रीराम लागू हमें छोड़कर चले गए. उन्होंने कई फिल्में कीं, लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले 25-30 सालों में उनके साथ काम करने का मौका नहीं मिला. वो पुणे में रिटायर्ड जीवन बिता रहे थे. डॉ. साहब आपको बहुत प्यार.

श्रीराम लागू को श्रद्धांजलि देने के बाद ट्रोल हो गईं माधुरी दीक्षित, जानें पूरा मामला
फोटो साभार : इंस्टाग्राम

नई दिल्ली : हिन्दी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गत अभिनेता श्रीराम लागू (Shriram Lagoo) का 92 साल की उम्र में 17 दिसंबर को पुणे में निधन हो गया था. कई सितारों ने श्रीराम लागू को अपने तरीके से श्रद्धांजलि दी, लेकिन माधुरी दीक्षित (Madhuri dixit) तो श्रद्धांजलि देकर ट्रोल हो गईं. बता दें कि माधुरी ने श्रीराम लागू के निधन के दो दिन बाद 19 दिसंबर को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि अभी अभी महान अभिनेता श्रीराम लागू जी के निधन के बारे में सुना. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. इसके बाद तो सोशल मीडिया पर माधुरी कुछ यूजर्स ट्रोल करने लगे. एक ने लिखा कि आप बहुत धीरे हैं मैंम, तो एक ने लिखा तीसरे दिन पता चला. एक यूजर ने माधुरी को सपोर्ट करते हुए लिखा कि वह व्यस्त रहती हैं, सातों दिन 24 घंटे ट्विटर पर उपलब्ध नहीं हो सकतीं. वहीं ज्यादातर यूजर्स इस ट्वीट पर श्रीराम लागू को श्रद्धांजलि देते नजर आए. 

बता दें कि श्रीराम लागू के निधन पर ऋषि कपूर ने लिखा था- श्रद्धांजलि, सहज कलाकारों में शामिल डॉ. श्रीराम लागू हमें छोड़कर चले गए. उन्होंने कई फिल्में कीं, लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले 25-30 सालों में उनके साथ काम करने का मौका नहीं मिला. वो पुणे में रिटायर्ड जीवन बिता रहे थे. डॉ. साहब आपको बहुत प्यार.

गौरतलब है कि 42 साल का शख़्स जो पेशे से नाक, कान, गले का सर्जन है लेकिन अभिनय से प्यार है, फिर वह एक्टिंग को ही अपना पेशा बना ले, ऐसे थे श्रीराम लागू. उनके बचपन से ही एक्टिंग का शौक था. पढ़ाई में भी वह अच्छे थे. उन्होंने मेडिकल सब्जेक्ट को चुना, लेकिन वहां भी अभिनय साथ-साथ चलता रहा. उन्होंने फिल्मों के अलावा 20 मराठी नाटकों का निर्देशन भी किया है. 80 और 90 के दशक में डॉ. लागू फ़िल्मों में एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुके थे. श्रीराम लागू ने अपने फिल्मी करियर में 100 से ज्यादा हिंदी और 40 से ज्यादा मराठी फिल्मों में काम किया. अभिनेता नसरुद्दीन शाह ने एक बार कहा था कि श्रीराम लागू की आत्मकथा 'लमाण' किसी भी अभिनेता के लिए 'बाइबल' की तरह है.

नटसम्राट नाटक में उन्होंने गणपत बेलवलकर का रोल निभाया, जो बहुत कठिन माना जाता है. इस रोल को जिसने भी थिएटर एक्टर ने निभाया वह बीमार पड़ गया. डॉ लागू को भी इस रोल के बाद दिल का दौरा पड़ा था. 

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