कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने में हो गई देरी, तो क्या पहली हो गई बेकार, जानें यहां

एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूसरी डोज लेने में देर होने का ये मतलब कतई नहीं है कि अब नए शेड्यूल से दो बार वैक्सीन लगवानी होगी. 

कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने में हो गई देरी, तो क्या पहली हो गई बेकार, जानें यहां
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Vaccination: अगर कोरोना संक्रमण से बचना है तो कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) इससे बचने का सबसे बड़ा कवच है. वैक्सीनेशन को लेकर लोगों में उत्साह भी अधिक दिख रहा है. लेकिन पहला टीका लगाने के बाद किसी कारण से कई लोग दूसरी डोज समय पर नहीं ले पा रहे हैं. इस बात को लेकर लोगों के मन में भ्रम की स्थिति है. 

पहली वैक्सीन जो लगवाई तो दूसरी भी वही लगवाएं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश में अभी कोविशील्ड और कोवैक्सीन ही लगाए जा रहे हैं. नियम यह भी है कि जिस वैक्सीन की पहली डोज ली है, उसी की दूसरी डोज भी लेनी है. यानी, आप ऐसा नहीं कर सकते है पहले कोई और वैक्सीन लगवाई हो और दूसरी बार दूसरी लगवा लें.

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पहली डोज के 4 से 6 हफ्ते बाद दूसरी डोज 
लोगों का कहना है कि अगर पहली डोज लगवा ली है और दूसरी डोज लेने में समय निकल गया हो तो क्या दोबारा से डोज लगवानी पड़ेगी. कहने का मतलब है कि जो पहली डोज लगी है उसे पहला ही माना जाएगा. जो लोग समय पर दूसरी डोज नहीं ले पाएं हैं उनके लिए एक्सपर्ट्स की राय है कि अपने शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं करें. 

पहली डोज नहीं होगी बेकार
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आपने इन दोनों वैक्सीन में कोई भी लगवाई है और 4 से 6 हफ्ते से ज्यादा समय हो गया है लेकिन दूसरी डोज नहीं ले पाए, तो यह मत सोचें कि पहली डोज भी बेकार चली गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूसरी डोज लेने में देर होने का ये मतलब कतई नहीं है कि अब नए शेड्यूल से दो बार वैक्सीन लगवानी होगी. अगर आप पहली वैक्सीन लेने के 6 हफ्ते बाद भी दूसरी डोज नहीं ले पाए तो भी आपको अब एक बार ही वैक्सीन लगानी है. किसी को भी देर होने पर फिर से दो बार वैक्सीन नहीं लगवानी.

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दूसरी डोज जरूरी क्यों?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक वैक्सीन की पहली डोज लेते ही कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी तैयार होने लगती है जो दूसरी डोज लेने में देरी होने के कारण खत्म नहीं होती. बस दूसरी डोज लेने में जो समय लगता है उसमें आपके शरीर में भरपूर मात्रा में इम्यूनिटी (Immunity) पैदा नहीं हो पाती है. इसलिए, दूसरी डोज लेनी ही चाहिए. दूसरी डोज से पहली डोज की Quality और Quantity बढ़ जाती है. 

मीडिया के हवाले से कहें तो कोविशिल्ड पर अंतराराष्ट्रीय स्तर पर ट्रायल हुआ और 12 हफ्ते बाद दूसरी डोज देने पर भी यह पूरी तरह कारगर साबित हुआ. जहां तक बात भारतीय कोरोना टीका कोवैक्सीन की है तो इस पर ऐसा ट्रायल नहीं हुआ है. ध्यान रहे कि यूके में कोविशील्ड की दो डोज के बीच 12 हफ्ते का अंतर रखने की सिफारिश की गई है जबकि कनाडा में 16 हफ्ते का समय तय किया गया है.

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