Ayurvedic Herbs: इन 5 आयुर्वेदिक चीजों के भी हैं कुछ नुकसान, इस्तेमाल से पहले जान लें

अगर आप भी डॉक्टर से सलाह लिए बिना आयुर्वेदिक चीजों को सेफ मानकर अपने मन से इनका सेवन करते हैं, तो इस्तेमाल करने से पहले एक बार इनके साइड इफेक्ट्स के बारे में जरूर जान लें.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Mar 23, 2021, 10:23 AM IST

नई दिल्ली: सर्दी-जुकाम, हल्का बुखार, गला खराब जैसी समस्याएं होने पर ज्यादातर लोग किचन में मौजूद घरेलू नुस्खे या आयुर्वेदिक उपचार का ही इस्तेमाल कर लेते हैं. अधिकतर लोगों की सोच भी यही होती है कि अगर कोई चीज आयुर्वेदिक है तो वह अच्छी ही होगी और उसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होंगे. लेकिन ऐसा नहीं है. अगर आपको आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के इस्तेमाल का सही तरीका या सही मात्रा के बारे में जानकारी न हो तो फायदे की जगह नुकसान हो सकता है. हम आपको उन 5 आयुर्वेदिक चीजों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें अगर आपने गलत तरीके से या गलत मात्रा में लिया तो नुकसान हो सकता है.

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गर्भवती महिलाएं भूलकर भी न लें अश्वगंधा

pregnant ladies avoid ashwgandha

वैसे तो सैंकड़ों सालों से पारंपरिक और आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने में अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसे पश्चिमी देशों में Indian ginseng के नाम से जाना जाता है. अश्वगंधा स्ट्रेस और ऐंग्जाइटी को कम करके एनर्जी बढ़ाने का काम करता है. इसके अलावा कैंसर, अल्जाइमर्स और हृदय रोग जैसी बीमारियों में भी अश्वगंधा को उपयोगी माना जाता है. लेकिन बहुत अधिक मात्रा में अश्वगंधा का सेवन करने से पेट खराब हो सकता है, डायरिया, जी मिचलाने या उल्टी की समस्या हो सकती है. गर्भवती महिलाओं को भूलकर भी अश्वगंधा नहीं लेना चाहिए वरना भ्रूण में समस्या हो सकती है और प्रीमैच्योर लेबर शुरू हो सकता है. 

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त्रिफला बीपी को बहुत अधिक कम कर सकता है

triphala lowers bp

अश्वगंधा की ही तरह त्रिफला भी बीती कई सदियों से आयुर्वेदिक दवाइयों का एक अहम हिस्सा रहा है. आंवला, बिभितकी और हरीतकी को मिलाकर तैयार होने वाला त्रिफला चूर्ण, पेट की समस्याओं को दूर करने के साथ ही आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. लेकिन अधिक गलत तरीके से या अधिक मात्रा में त्रिफला लिया जाए तो इससे पेट में गैस, ऐंठन, पेट खराब होने की दिक्कत हो सकती है. डायबिटीज के मरीज जो दवा का सेवन कर रहे हैं अगर वे ज्यादा त्रिफला यूज कर लें तो उनका ब्लड प्रेशर खतरनाक तरीके से कम हो सकता है. जिन लोगों को पहले से ही लो बीपी की समस्या है उन्हें तो त्रिफला से दूर ही रहना चाहिए.

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हरड़ की वजह से हो सकता है डिहाइड्रेशन

avoid harad/haritaki

हरड़ जिसे हरितकी भी कहा जाता है एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल दवाइयां बनाने में किया जाता है. हरितकी ब्लड शुगर लेवल को कम करती है जिस वजह से यह डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है. साथ ही यह वजन घटाने के साथ ही पाचन में भी मदद करती है. इसके अलावा यह स्किन के लिए भी फायदेमंद है. लेकिन अगर बिना डॉक्टर से पूछे बहुत अधिक मात्रा में इसका इस्तेमाल किया जाए तो डायरिया, डिहाइड्रेशन, तेज बुखार, थकान महसूस होना और जबड़ों में अकड़न महसूस होना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.

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खून को पतला कर सकती है हल्दी

turmeric side effects

औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी का इस्तेमाल सदियों से पारंपरिक दवाइयां बनाने में किया जाता रहता है. हार्ट डिजीज से लेकर आर्थराइटिस और कई तरह के कैंसर के इलाज में भी हल्दी को फायदेमंद माना जाता है. लेकिन जरूरत से ज्यादा हल्की का इस्तेमाल करने की वजह से पेट खराब हो सकता है, शरीर में आयरन को अवशोषित करने में दिक्कत हो सकती है, किडनी में स्टोन बनने का खतरा हो सकता है. इतना ही नहीं ज्यादा हल्दी का इस्तेमाल आपके खून को भी पतला कर सकता है.

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लीवर को नुकसान पहुंचा सकती है दालचीनी

avoid excess cinammon

अक्सर खाने में स्वाद और फ्लेवर बढ़ाने के लिए दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है. एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर दालचीनी हृदय रोग के खतरे को कम करती है, ब्लड शुगर लेवल को भी कम करने में मदद करती है. लेकिन अगर आपने दालचीनी को गलत तरीके से या ज्यादा मात्रा में खाया तो आपके लीवर को नुकसान हो सकता है, मुंह में छाले हो सकते हैं, ब्लड शुगर हद से ज्यादा कम हो सकता है.

(नोट: किसी भी उपाय को करने से पहले हमेशा किसी विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श करें. Zee News इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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