चेहरे पर 16 फ्रैक्चर, दो टुकड़ों में कटी जीभ - रोड एक्सीडेंट के शिकार युवा की करिश्माई तरीके से बची जान
topStories1hindi1517934

चेहरे पर 16 फ्रैक्चर, दो टुकड़ों में कटी जीभ - रोड एक्सीडेंट के शिकार युवा की करिश्माई तरीके से बची जान

Delhi News: नोएडा की पुलिस ने एक्सीडेंट साइट पर पहुंचकर समीर को कैलाश अस्पताल पहुंचाया लेकिन काफी गंभीर हालत होने की वजह से फिर समीर को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल रेफर किया गया.

चेहरे पर 16 फ्रैक्चर, दो टुकड़ों में कटी जीभ - रोड एक्सीडेंट के शिकार युवा की करिश्माई तरीके से बची जान

Delhi Hospital News: नए साल का दूसरा ही दिन एक 20 साल के युवक के लिए  बहुत भारी पड़ गया. गुड़गांव के अपने ऑफिस से 20 साल का समीर अपने घर नोएडा जाने के लिए निकला था लेकिन घर पहुंचने से पहले ही उसकी बाइक का एक्सीडेंट हो गया. बाइक ट्रक से टकरा गई और समीर वहीं बेहोश हो गया.

नोएडा की पुलिस ने एक्सीडेंट साइट पर पहुंचकर समीर को कैलाश अस्पताल पहुंचाया लेकिन काफी गंभीर हालत होने की वजह से फिर समीर को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल रेफर किया गया.

मुंह की हड्डियां चूर-चूर हो गई थी
गंगाराम अस्पताल में समीर को सबसे पहले अटेंड करने वाले प्लास्टिक सर्जन डॉ  भीम सिंह नंदा के मुताबिक ‘मरीज की हालत बहुत खराब थी. उसे सिर और जबड़ों (मैक्सियो-फेशियल/ maxio-facial) में गंभीर चोट लगी थी. जबड़ा अपनी जगह से खिसक चुका था और चेहरे पर लगभग 16 मुख्य हड्डियों और सिर में फ्रैक्चर थे. मुंह की हड्डियां चूर-चूर हो गई थी. जीभ दो टुकड़ो में कटी हुई थी.’

आधी रात को ही 10 डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी करने का फैसला किया. पहले मरीज को आर्टिफिशियल ब्रीदिंग पर ज़िंदा रखा गया - उसके बाद न्यूरो सर्जन ने कमान संभाली.

न्यूरो सर्जन डॉ. श्रेय जैन के अनुसार, ‘मरीज थोड़ा स्थिर हुआ तो चोटों की स्थिति का पता लगाने के लिए तुरंत मल्टीपल स्कैन किए गए.’ मरीज के चेहरे पर गंभीर चोटें थीं और कई फ्रैक्चर इस हद तक थे कि चेहरे की हड्डियाँ कुचल गईं और छोटे टुकड़ों में बदल गईं.

चेहरे पर कट लगाए बिन फ्रैक्चर किए गए ठीक
मरीज को सर्जरी के लिए ले जाया गया और चेहरे की त्वचा पर कोई कट लगाए बिना सारे फ्रैक्चर ठीक कर दिए गए. फिर सभी फ्रैक्चर और जोड़ों को अपनी जगह पर फिट कर दिया गया. इसके बाद एक-एक करके सभी फ्रैक्चर को टाइटेनियम प्लेट्स और स्क्रू की मदद से फिट किया गया. इस प्रक्रिया में लगभग छह प्लेट और दो दर्जन स्क्रू का इस्तेमाल किया गया. फिर जीभ और निचले और ऊपरी होंठ, नाक और पलकों सहित दूसरे Soft tissues की चोटों की मरम्मत की गई.

सर्जरी में 8 घंटे का वक्त लगा. 2 जनवरी से अब तक मरीज सॉफ्ट डायट लेने लायक हो पाया है. हालांकि अभी घर जाने की हालत में एक हफ्ता और लगेगा.

पाठकों की पहली पसंद Zeenews.com/Hindi - अब किसी और की जरूरत नहीं

Trending news