BJP Donation: BJP को कांग्रेस से 6 गुना से ज्‍यादा मिला चंदा, पार्टी को 2021-22 में मिले 614 करोड़
topStories1hindi1464257

BJP Donation: BJP को कांग्रेस से 6 गुना से ज्‍यादा मिला चंदा, पार्टी को 2021-22 में मिले 614 करोड़

Congress Donation: भारतीय जनता पार्टी को वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान चंदे के रूप में 614.53 करोड़ रुपये मिले हैं, जो विपक्षी कांग्रेस द्वारा जुटाई गई राशि से छह गुना अधिक है. कांग्रेस को इस अवधि में 95.46 करोड़ रुपये का चंदा मिला है. वहीं आम आदमी पार्टी को 44.45 करोड़ रुपये मिले हैं.

BJP Donation: BJP को कांग्रेस से 6 गुना से ज्‍यादा मिला चंदा, पार्टी को 2021-22 में मिले 614 करोड़

Political Parties Donation List: दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक और फिर बड़ा कारनामा किया है. सत्तारूढ़ भाजपा को वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान चंदे के रूप में 614.53 करोड़ रुपये मिले हैं, जो विपक्षी कांग्रेस द्वारा जुटाई गई राशि से छह गुना अधिक है. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस को इस अवधि में 95.46 करोड़ रुपये का चंदा मिला है. इस तरह चंदे के मामले में भी भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को काफी बुरी तरह मात दी है. अन्य राजनीतिक दल भी चंदे के मामले में भारतीय जनता पार्टी से काफी पीछे छूटते नजर आ रहे हैं. 

टीएमसी को मिले 43 लाख रुपये

भारतीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को इस अवधि के दौरान चंदे के रूप में 43 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि माकपा को 10.05 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है. माकपा की इस समय केरल में सरकार है. बता दें कि चार राष्ट्रीय दलों ने हाल में निर्वाचन आयोग के सामने पार्टी को प्राप्त चंदे की अपनी नवीनतम रिपोर्ट पेश की थी, निर्वाचन आयोग ने इन दस्तावेजों को मंगलवार को सार्वजनिक किया.

आम आदमी पार्टी को मिले 44.45 करोड़ रुपये

बात अगर दिल्ली और पंजाब की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी की करें तो चंदे के मामले में वह बीजेपी और कांग्रेस के बाद तीसरे नंबर पर है. आम आदमी पार्टी को वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 44.45 करोड़ रुपये चंदे के रूप में मिले हैं. पार्टी लगातार खुद का विस्तार कर रही है. पार्टी का दावा है कि वह गुजरात में इस बार बहुमत हासिल करेगी और सरकार बनाएगी.

इसलिए चंदे की डिटेल देति हैं सभी पार्टियां

यहां यह समझना भी जरूरी है कि द रिप्रजेंटेशन ऑफ द पिपुल एक्ट के तहत सभी राजनीतिक दलों को व्यक्तिगत दाताओं और संस्थाओं से प्राप्त 20,000 रुपये से ज्यादा के योगदान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है. इसी के तहत सभी राजनीतिक दल अपनी रिपोर्ट पेश करते हैं.

(इनपुट : भाषा)

ये ख़बर आपने पढ़ी देश की नंबर 1 हिंदी वेबसाइट Zeenews.com/Hindi पर

Trending news