आयकर रिफंड के नाम से आने वाले फ्रॉड मैसेज से हो जाएं सावधान, भुगतना पड़ सकता है ये खामियाजा

अगर आप आयकर के दायरे में आते हैं और आयकर भरते हैं तो आपको आयकर रिफण्ड के नाम से आने वाले फ्रॉड मैसेज से सावधान हो जाना चाहिए. 

आयकर रिफंड के नाम से आने वाले फ्रॉड मैसेज से हो जाएं सावधान, भुगतना पड़ सकता है ये खामियाजा
आयकर रिफण्ड के नाम से आने वाले फ्रॉड मैसेज से हो जाएं सावधान

बिलासपुर (विजय भारद्वाज): अगर आप आयकर के दायरे में आते हैं और आयकर भरते हैं तो आपको आयकर रिफण्ड के नाम से आने वाले फ्रॉड मैसेज से सावधान हो जाना चाहिए. साइबर अपराधियों ने बैंक के नाम पर कई लोगों को चूना लगाने के बाद अब एक नई फ्रॉड तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है जिसके चलते आयकर रिफंड को लेकर आपके मोबाइल पर मैसेज आएगा और एक लिंक पर क्लिक करने के बाद सारी धनराशि आपके खाते में आने की बात कही जाएगी. लेकिन ये मैसेज किसी आयकर विभाग का नहीं बल्कि साइबर अपराधियों का है, वहीं इस लिंक को शेयर करते हुए बिलासपुर पुलिस ने साइबर सिक्योरिटी अलर्ट भी जारी कर दिया है.

बैंक फ्रॉड कर लोगों को चूना लगाने के बाद अब साइबर अपराधियों ने आयकर रिफण्ड के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने की नई तरकीब निकाली है जिसके चलते आयकर रिफण्ड का पैसा सीधे आपके खाते में आने की जानकारी मोबाइल उपभोक्ता के नम्बर पर दी जाती है और इसके साथ एक लिंक भी शेयर किया जाता है,जिसपर क्लिक करते ही खाताधारक की पूरी जानकारी साइबर अपराधियों के पास पहुंच जाती है और आपके खाते से सारी रकम उड़ जाती है. 

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वहीं साइबर अपराधियों की इस नई तकनीक की जानकारी मिलते ही बिलासपुर जिले में पुलिस प्रशासन ने साइबर सिक्यूरिटी अलर्ट जारी कर दिया है और जगह-जगह फ्रॉड लिंक की कॉपी को शेयर करते हुए इस प्रकार का कोई भी मैसेज आने पर लिंक को किसी भी हाल में क्लिक ना करने की अपील की है.

बिलासपुर के नर सिंह दत्त का कहना है कि उनके मोबाइल पर आयकर रिफण्ड को लेकर एक मैसेज आया था जिसकी छानबीन पर पता चला कि यह एक फ्रॉड मेसेज है और उन्होंने उस मेसेज के लिंक पर क्लिक नहीं किया, अगर किया होता तो उनके खाते से पैसा उड़ जाता. साथ ही उन्होंने इस तरह के फ्रॉड मैसेज से सचेत रहने की बात भी कही है. 

बिलासपुर पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों के साथ फ्रॉड करने के लिए नई नई तकनीक का सहारा ले रहे हैं, जिसमें से आयकर रिफंड शामिल है. जिसके जरिये वह लोगों को इस तरह का टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं कि उपभोक्ता उन्हें ऑफिसियल मैसेज समझकर लिंक क्लिक कर देते हैं और सारा पैसा उनके खाते से निकाल लिया जाता है. ऐसे मैसेज से उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है और पुलिस प्रशासन भी लोगों को जागरूक करने के लिए तरह तरह के अभियान चला रही है ताकि इस तरह के फ्रॉड से उन्हें बचाया जा सके.