JDU MLC ने अपनी ही सरकार पर साधा निशाना, कहा-कानून से नहीं रुकती शरीर की जरूरतें
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JDU MLC ने अपनी ही सरकार पर साधा निशाना, कहा-कानून से नहीं रुकती शरीर की जरूरतें

जेडीयू एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि कहा कि कानून में संशोधन हो सकता है लेकिन शारीरिक बनावट में संशोधन कैसे होगा?

JDU MLC ने अपनी ही सरकार पर साधा निशाना, कहा-कानून से नहीं रुकती शरीर की जरूरतें

दिल्ली/पटना: जेडीयू के विधान परिषद सदस्य गुलाम रसूल बलियावी (Gulam Rasool Balyawi) ने शादी होने की उम्र सीमा को लेकर बेतुका तर्क दिया है. उन्होंने कहा कि कहा कि कानून में संशोधन हो सकता है लेकिन शारीरिक बनावट में संशोधन कैसे होगा? बलियावी ने कहा कि कानून का यह संशोधन ना तो उन्हें समझ आ रहा है और ना ही इसका औचित्य फिलहाल दिखाई दे रहा है.

  1. शादी की उम्र सीमा को लेकर JDU MLC का बेतुका तर्क
  2. शारीरिक बनावट में संशोधन कैसे होगा?-बलियावी

बॉडी का नेचर कानून के हिसाब आ जाएगा?
जेडीयू एमएलसी ने कहा, 'बालिग होने की उम्र बढ़ा देना अपनी जगह है और बालिग होने की जो नेचुरलटी है वो अपनी जगह है. आयु अगर कानून में बढ़ जाए तो क्या जो शरीर का नेचर है, वो कानून के हिसाब से आएगा? वो तो अपने समय से आ जाएगा.'

कब बंद होंगे पॉर्न साइट्स
बलियावी ने कहा, 'शादी की बात अलग है और बालिग होना अलग है, पॉर्न साइट्स को बंद करने की मांग लबे समय से चली आ रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इस मामले में मुखर तौर पर अपनी आवाज उठा रहे हैं लेकिन अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है.'

शरीर की आवश्यकता कैसे होगी पूरी?
उन्होंने कहा, 'गंदी साइट को पूरी तत्पर्ता के साथ बंद करना चाहिए, क्या तबाही मचा रखा है? आखिर हम बच्चों को कहां लेकर जा रहे हैं. जेडीयू नेता ने कहा कि शादी की उम्र आप बढ़ा दें या घटा दें, लेकिन शरीर की बनावट और आवश्यकताओं को कानून से नहीं आवश्यकताओं से पूरा किया जाता है, इसलिए ये हमको समझ में नहीं आया कि शरीर की बनावट और उसकी आवश्यकता का कानून से क्या मतलब है.

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बाल विवाह के खिलाफ नीतीश का जागरूकता यात्रा
दरअसल, गुलाम रसूल बलियावी का बयान उस समय सामने आया है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाल विवाह (Child Marriage) के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए राज्य में समाज सुधार अभियान यात्रा पर हैं. सीएम बाल विवाह को रोकने के लिए लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं, ऐसे में जेडीयू एमएलसी ने सीएम नीतीश कुमार के अभियान पर ही प्रश्नचिन्ह लगा दिया है.

शादी की उम्र बढ़ाई गई
गौरतलब है कि बीते दिनों महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक लोकसभा में लाया गया है, जिसमें विवाह की कानूनी उम्र 18 से बढ़ाकर 21 करने का प्रस्ताव है.

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