राखी बंधी हुई तस्वीर साझा कर 'खान सर' को लोग बता रहे हिंदू, जानिए इस टीचर संग क्यों जुड़ा विवाद
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राखी बंधी हुई तस्वीर साझा कर 'खान सर' को लोग बता रहे हिंदू, जानिए इस टीचर संग क्यों जुड़ा विवाद

Bihar News: सोशल मीडिया पर कई लोगों ने खान सर को हिन्दू बताते हुए उनका असली नाम अमित सिंह बता दिया है. ऐसे में आइए जानते हैं पूरा मामला

 

खान सर का सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद

Patna: पटना जीएस रिसर्च सेंटर चलाने वाले खान सर विवादों में आ गये हैं. अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले खान सर पर अब विवादित बयान देने का आरोप लग रहा है.
सोशल मीडिया पर खान सर के खिलाफ मुहिम चलायी जा रही है.

इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर कई लोगों ने खान सर को हिन्दू बताते हुए उनका असली नाम अमित सिंह बता दिया है. कुछ यूजर्स ने खान सर के हाथों में राखी बंधी हुई तस्वीर भी जारी करते हुए उन्हें हिन्दू बताने की कोशिश की है.

खान सर को बताया जा रहा हिंदू
यूट्यूब  पर अपने वीडियो के जरिये सुर्खियों में आए खान सर अब अपने ही वीडियो के जरिये विवादों में आ गये हैं. सोशल मीडिया पर खान सर के विवादित वीडियो क्लीप्स भी वायरल किये जा रहे हैं. यूट्यूब  पर 92.7 लाख सब्सक्राइबर्स वाले खान सर को मुस्लिम की बजाय संघी बताया जा रहा है. ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने दावा किया है कि उनका असली नाम अमित सिंह है. एक यूजर ने खान सर के एक कथित इंटरव्यू का टेक्स्ट शेयर किया है जिसमें लिखा है कि एक बैच में उन्हें ‘फैज़ल खान’ नाम दे दिया गया पहले लोग उन्हें अमित सिंह कहते थे.

खान सर ने कहा नरेंद्र मोदी को हराने वाला कोई नहीं
दरअसल, खान सर के ही वीडियो का कुछ कुछ अंश ट्विटर यूजर्स शेयर कर खान सर की नीतियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं. एक यूजर ने खान सर का ही एक वीडियो शेयर किया है कि जिसमें खान सर ये कहते दिखाई दे रहे हैं कि मोदी जी मैं आपको गारंटी देता हूं कि आपको हराने वाला कोई नहीं जब तक मुस्लिम लोग आपको गाली देना नहीं छोड़ेंगे. साथ ही खान सर ने इस मुद्दे पर बहस करने वाले मुस्लिम लोगों के लिए बकलोल शब्द का इस्तेमाल किया है.  ये भी कहा कि ये हिन्दुओं और मोदी को गाली देने के लिए इन्हें पैसे मिलते हैं.

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सुरेश और अब्दुल में क्या है समानता
एक यूजर ने खान सर का एक वीडियो जारी किया है जिसमें खान सर सुरेश और अब्दुल के बीच का अंतर समझा रहे हैं. इसमें खान सर कहते नजर आ रहे हैं कि समास का एक प्रकार है द्वन्द समास है जिसमें एक ही चीज के दो अर्थ निकलते हैं. जैसे सुरेश ने जहाज उड़ाया. अब्दुल ने जहाज उड़ाया. दोनों के अलग-अलग अर्थ हैं. सुरेश ने जहां जहाज उड़ाया मतलब जहाज चलाया वहीं अब्दुल ने उड़ाया मतलब भड़काया.

मदरसा छाप से आए विवादों में
एक यूजर ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें खान सर ने मुस्लिम मुल्कों के संगठन OIC के लिए ‘मदरसा छाप’ शब्द का प्रयोग किया. ट्विटर यूजर उनके खिलाफ FIR होगी जैसा सवाल पूछा है?ट्विटर यूजर ने दावा किया कि खान सर आतंकवाद के खिलाफ हैं, इसीलिए मुस्लिम समाज के लोग उनका विरोध कर रहे हैं.

इजरायल का विरोध भारी पर रहा
वहीं खान सर के इजरायल विरोधी और फिलिस्तीन समर्थक होने पर भी यूजर सवाल खड़े कर रहे हैं. इतना ही नहीं पाकिस्तान में फ्रांस राजदूत का विरोध करने वाले बच्चों पर भी खान सर ने आपत्ति जतायी थी. खान सर एक वीडियो में उन बच्चों को लेकर ये कहते नजर आ रहे हैं कि इन बच्चों को राजदूत का मतलब भी नहीं पता होगा. बच्चे अपने अब्बा की बातों को मत सुनो क्योंकि अब्बू की जिंदगी पंक्चर बनाते कटी है. तुम लोगों की जिंदगी पंक्चर बनाते या मीट काटते गुजरेगी. खान सर ने बच्चों को पढ़ने की सलाह दी है.

खान सर के स्टूडेंट्स खान सर के साथ
इतने विवादों के बीच कई युवा और खान सर की क्लास करने वाले स्टूडेंट्स उन्हें इन विवादों से ऊपर मानते हैं. खान सर के कई स्टूडेंट्स का साफ तौर पर कहना है कि खान सर को बेकार का विवादों में घसीटा जा रहा है. उनके वीडियों को एडिट कर दिखाया जा रहा है. पूरा वीडियो देखने पर सच्चाई कुछ अलग ही नजर आएगी. खान सर हिंदुओं के बारे में बोलते हैं तो मुसलमानों के बारे में भी बोलते हैं. पीएम मोदी को रोजगार के मसले पर कठघरे में खड़ा किया है. खान सर अपने क्लास में लड़कियों को भी पढाई को लेकर बुरा भला कहते हैं लेकिन उनका मकसद सिर्फ हल्केमाहौल में बच्चों को सिखाना होता है. कुछ स्टूडेंट्स ने तो यहां तक बताया कि खान सर की पढ़ाने की शैली स्टोरी टेलिंग वाली है. जा रहा। वहीं कुछ स्टूडेंट्स ने ये कहा कि एक शिक्षक होने के नाते खान सर को विवादित बयानों से दूर रहना चाहिए.

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