close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

पश्चिम बंगाल: TMC से सत्ता छीनने के लिए बीजेपी ने बनाया खास प्लान, 200 से ज्यादा सीटों पर नजर

पश्चिम बंगल (West Bengal) में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) को सत्ता से बाहर करने के लिए बीजेपी ने एक खास प्लान प्लान तैयार किया है. 

पश्चिम बंगाल: TMC से सत्ता छीनने के लिए बीजेपी ने बनाया खास प्लान, 200 से ज्यादा सीटों पर नजर
पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने है...

नई दिल्ली: पश्चिम बंगल (West Bengal) में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) को सत्ता से बाहर करने के लिए बीजेपी ने एक खास प्लान प्लान तैयार किया है. पार्टी का लक्ष्य आगामी विधानसभा 200 से ज्यादा सीटों जीतन है. पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने है. पार्टी के पास अपना जनाधार बढ़ाने के लिए काफी समय है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों बंगाल बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की और प्रत्येक विधानससभा सीट के लिए चार लोगों की टीम गठित करने का निर्णय लिया है. इस टीम में सांसद, विधायक और स्थानीय संगठन के प्रमुख शामिल होंगे. 

सूत्रों के मुताबिक, "इसके अलावा, खास सीट के लिए चयनित नेता का उस सीट से कोई खास कनेक्शन नहीं होगा. उदाहरण के लिए, यदि कोई हावड़ा सीट से है तो वे दार्जलिंग सीट के लिए चुने जाएंगे. इसका कारण यह है कि टीम सही और निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार कर सके." 
 
टीमों को प्रत्येक क्षेत्र की एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी कहा गया है जो यह बता सके कि क्या पार्टी के अंदर कहीं गुटबाजी तो नहीं है. अगर ऐसा है तो उसे चुनाव से पहले खत्म किया जा सके. सभी टीमें 8 अक्टूबर से अपना काम शुरू करेंगी. कमेटी में शामिल नेता वर्तमान स्थिति का करीबी से अध्ययन करके एक रिपोर्ट तैयार करेंगे. सूत्रों ने बताया, "यह रिपोर्ट बंगाल बीजेपी के कोर ग्रुप द्वारा जमा सौंपी जाएगी, व्यक्ति विशेष द्वारा नहीं.' इस रिपोर्ट पर गृहमंत्री अमित शाह एक नवंबर को चर्चा करेंगे.

LIVE टीवी: 

गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बंगाल में 18 सीटें पर जीत हासिल की थी. 2014 में बीजेपी को मात्र 6 सीटें मिली थी. 2019 की बड़ी जीत के बाद टीएमसी के कई बड़े नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं. बीजेपी की नजर उन 90 सीटों पर भी है जहां पर अल्पसंख्यक वोटरों की बहुलता है.