बेटी ने अपनी शादी में सोना-चांदी के बजाय मांगी किताबें, पिता ने दीं 2 हजार पुस्तकें

किन्नरी बा ने अपनी शादी में अपने पिता से सोने-चांदी के जेवर को छोड़कर खुद के वजन के बराबर पुस्तकें देने की ख्वाहिश रखी.

बेटी ने अपनी शादी में सोना-चांदी के बजाय मांगी किताबें, पिता ने दीं 2 हजार पुस्तकें
किन्नरी बा ने अपनी शादी में पिता से अपने वजन के बराबर मांगी किताबें.

राजकोट: विवाह में पिता से कोई अनूठा उपहार पाना हर बेटी की इच्छा होती है. आमतौर पर पिता अपनी लाडली बेटी को जेवर, कपड़े, गाड़ी और रुपए विवाह में उपहार में देते हैं. लेकिन गुजरात (Gujarat) के राजकोट में एक पिता ने अपनी बेटी को शादी के गिफ्ट के रूप में 2 हजार किताबें बैलगाड़ी भरकर दीं. जिसमें संस्कृत, गुजराती, हिंदी और अंग्रेजी भाषा की किताबें हैं. गौरतलब है कि इनमें ईसाई, हिंदू और मुस्लिम धर्म की पवित्र पुस्तकें बाइबल, श्रीमद भागवत और कुरान भी शामिल हैं. 

आपको बता दें कि राजकोट के नानामौवा के रहने वाले हरदेव सिंह जडेजा ने अपनी बेटी किन्नरी बा को 2 हजार किताबें गिफ्ट में दीं. दरअसल हरदेव सिंह जडेजा एक टीचर हैं. उनकी बेटी किन्नरी बा को बचपन से ही पढ़ने का बड़ा शौक है. किन्नरी बा की शादी वड़ोदरा के रहने वाले इंजीनियर पूर्वजीत सिंह से हुई. पूर्वजीत सिंह अभी कनाडा में रहते हैं. अभी किन्नरी बा के पास 500 से ज्यादा किताबों की लाइब्रेरी है. किन्नरी बा ने अपनी शादी में अपने पिता से सोने-चांदी के जेवर को छोड़कर खुद के वजन के बराबर पुस्तकें देने की ख्वाहिश रखी. तब बेटी की इच्छा को पूरी करने के लिए हरदेव सिंह जडेजा ने अपनी बेटी के वजन से 10 गुना यानी 500 किलो से ज्यादा वजन की पुस्तकें देने का प्रण लिया और फिर अपनी बेटी को 2 हजार किताबें दीं.

गौरतलब है कि बेटी को अनोखा उपहार देने के लिए हरदेव सिंह जडेजा ने पहले अपनी बेटी की पसंद की पुस्तकों की सूची बनाई. फिर 6 महीने तक दिल्ली, बेंगलुरु और काशी जैसे शहरों में घूमकर इन पुस्तकों को इकठ्ठा किया. जिसमें महर्षि वेदव्यास से लेकर कई नामी लेखकों द्वारा लिखी गई अलग-अलग भाषाओं की पुस्तकें शामिल हैं. इसके बाद हरदेव सिंह जडेजा ने इन पुस्तकों को बैलगाड़ी में भरकर किन्नरीबा को विदा किया.

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