BSF की पावर बढ़ाने पर सियासी घमासान, पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर होगी चर्चा
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BSF की पावर बढ़ाने पर सियासी घमासान, पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर होगी चर्चा

बीएसएफ अधिकार क्षेत्र (BSF jurisdiction Extenssion) 15 से 50 किलोमीटर होने पर रार छिड़ गई है. पंजाब में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई.

BSF की पावर बढ़ाने पर सियासी घमासान, पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर होगी चर्चा

चंडीगढ़: केंद्र सरकार ने हाल ही में बीएसएफ कानून (BSF Law) में संशोधन किया था ताकि फोर्स को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किमी के बदले 50 किमी के भीतर तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी करने का अधिकार मिल सके. बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई. बैठक में केंद्र पर संघीय ढांचे को 'कमजोर' करने का आरोप लगाया गया.

विधान सभा के विशेष सत्र में होगी चर्चा

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छोड़कर शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी, लोक इंसाफ पार्टी और अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के बाद सीएम चन्नी ने कहा, 'हमने इस मामले पर केंद्र को चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन कोई जवाब नहीं आया. अगर केंद्र सरकार अब हमारी मांग नहीं मानती है तो जल्द इस मुद्दे पर विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा. सीएम चन्नी ने कहा, ये हमारे संघीय ढांचे पर एक डाका है लेकिन इस मुद्दे पर सब एकजुट हैं.

सिद्धू का निशाना

वहीं पंजाब कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र के मुद्दे को लेकर केंद्र पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह 'राज्य के भीतर राज्य बनाकर संघीय ढांचे को कमजोर कर रहा है.’ सिद्धू ने बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के साथ ही 'पंजाब के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन' के लिए भी केंद्र सरकार की आलोचना की और राज्य में 'उत्पीड़न, झूठे मामलों, मनमाने तरीके से और अवैध गिरफ्तारी' की आशंका भी जताई.

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'सीमा की क्या परिभाषा है?'

सिद्धू ने सवाल किया, 'बीएसएफ यानी सीमा सुरक्षा बल, सीमा की क्या परिभाषा है? 50 किमी?? लोक व्यवस्था, जो लोक शांति और सुरक्षा का प्रतीक है, मुख्य रूप से राज्य सरकार की जिम्मेदारी है.' उन्होंने आरोप लगाया कि बीएसएफ ने सुरक्षा के नाम पर पश्चिम बंगाल में देश के संवैधानिक प्रावधान का 'हर दिन उल्लंघन' किया है. सिद्धू ने कहा, पश्चिम बंगाल में कई मामले ऐसे हैं जहां बीएसएफ ने गोलीबारी की घटनाओं के बाद स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं दी. अगर उत्तर प्रदेश पुलिस प्रियंका गांधी जी को बिना किसी वैध कारण के 60 घंटे से ज्यादा समय तक अवैध रूप से हिरासत में रख सकती है, तो बीएसएफ द्वारा हिरासत में लिए जाने पर किसी आम व्यक्ति की गारंटी कौन लेगा.'

(भाषा के इनपुट के साथ)

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