Covid-19 वैक्सीन से नहीं होगा वुहान वायरस का अंत, जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह?

वैक्सीन के आने के बाद भी जिंदा रहेगा कोरोनो वायरस. इस पर विशेषज्ञों की राय है कि वैक्सीन से महामारी का अंत नहीं हो सकता. 

Covid-19 वैक्सीन से नहीं होगा वुहान वायरस का अंत, जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह?

नई दिल्लीः इस वक्त कोरोना वायरस (Corona virus pandemic) से पूरी दुनिया परेशान है. इस बीच खुशी की लहर ये भी है कि तमाम देशों के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 वैक्सीन बना रही है लेकिन टीकाकरण का काम सरल नहीं बल्कि काफी चुनौतीपूर्ण होगा. अब सवाल ये है कि क्या वैक्सीन लगने के बाद कोरोना वायरस का अंत हो जाएगा? वुहान वायरस को खत्म करने के लिए हमें कितनी वैक्सीन की आवश्यकता है? इस पर विशेषज्ञों की राय है कि वैक्सीन से महामारी का अंत नहीं हो सकता. 

जहां तक कोरोना वायरस का सवाल है, तो इससे छुटकारा मिलना इतना आसान नहीं होगा. बता दें कि कोरोना से पहले भी दुनिया के लोग कई तरह की महामारियों की चपेट में आए हैं. इस मामले को लेकर WION की पलकी शर्मा उपाध्याय COVID-19 टीके, महामारी पर उनके प्रभाव और अन्य फैक्ट्स के बारे में विस्तार से बताती हैं. उनके मुताबिक हम COVID-19 वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं और इस सप्ताह की सुर्खियों ने हमें राहत की खबरें दी है. क्योंकि हालिया खबरों के अनुसार 3 कोविड वैक्सीन पहले से ही अप्रूव्ड हो चुकी थीं और कम से कम दो वैक्सीन अप्रूवल की प्रतीक्षा में हैं. इसके अलावा ऐसी कई वैक्सीन हैं जिनके तीसरे फेज का ट्रायल जारी है. ऐसे में लोग कयास लगा रहे हैं कि जल्द वैक्सीन आएगी और महामारी भागेगी. 

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वैक्सीन रहेगी लेकिन कोरोना नहीं भागेगा
लेकिन इसके साथ ही पलकी ने सवाल किया कि क्या ये वैक्सीन वुहान वायरस (wuhan Virus) की महामारी का अंत कर सकती हैं? हालांकि, फैक्ट यह है कि महामारी वैक्सीन से जल्द ही दूर नहीं होगी. भले ही वैक्सीन हमारे पास हो लेकिन महामारी फिर भी रहेगी. अगर हम अतीत में देखें, तो वुहान वायरस कोई पहली महामारी नहीं है. इससे पहले भी इतिहास में कई ऐसे वायरस देखे गए हैं जिनका अंत वैक्सीन आने के बाद भी नहीं हुआ था. जैसे 1817 से 1824 के बीच प्लेग महामारी ने दुनिया के लोगों को जकड़ रखा था. यह बीमारी फ्रांस के मार्सिले शहर से फैली थी इसीलिए इसे  plague of Marseille कहा जाता है. तीसरी प्लेग महामारी 1855 में चीन में शुरू हुई और 1960 तक सक्रिय रही.

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लंबे समय तक जिंदा रहा स्पैनिश फ्लू और एशियन फ्लू 
स्पैनिश फ्लू (Spanish Flu) भी एक महामारी थी जो जनवरी 1918 से दिसंबर 1920 तक चली. इसे 1918 फ्लू महामारी के नाम से भी जाना जाता है. इसके अलावा एशियाई फ्लू (Asian Flu) की उत्पत्ति हांगकांग में 1957 में हुई थी और इसकी दूसरी लहर 1958 में देखी गई थी. बाद में इस महामारी के लिए वैक्सीन बनाई गई थी. 

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HIV का अभी तक नहीं बना कोई टीका
वहीं पिछली दो शताब्दियों में हैजा (Cholera) 7 बार महामारी के अनुपात तक पहुंचा और 1975 में समाप्त हुआ. SARS 21 वीं सदी की पहली महामारी के रूप में जाना गया था, जिसकी उत्पत्ति 2002 में चीन में हुई थी और 2004 में इसका अंत हुआ. एचआईवी (HIV) की शुरुआत साल 1981 में हुई थी, लेकिन  40 वर्षों के बाद भी तमाम लोग इसकी चपेट में आते हैं. अभी तक हमारे पास एचआईवी का टीका नहीं है. अतीत के इन्हीं महामारियों को ध्यान में रखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोविड-19 इतनी जल्दी जाने वाला नहीं. लोगों को लंबे समय तक खुद से सावधानी बरतनी होगी और अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाना ही उनके लिए फायदेमंद होगा. 

 

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